रणजी ट्रॉफी में ऑलराउंडर प्रशांत सिंह,बल्ले और गेंद दोनों से मचाते धमाल

रणजी ट्रॉफी में ऑलराउंडर प्रशांत सिंह,बल्ले और गेंद दोनों से मचाते धमाल


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छपरा मुख्यालय से दूर ग्रामीण क्षेत्र में रहने के वाजूद भी प्रशांत सिंह अपने मेहनत और हुनर की वजह से रणजी ट्रॉफी में अपना जगह बन चुके हैं. प्रशांत सिंह एक ऑल राउंडर खिलाड़ी हैं. बॉल भी काफी फास्ट फेकते हैं,135 से 140 की स्पीड में बॉल फेंकते हैं.

छपरा के लाल अब क्रिकेट की दुनिया में छपरा ही नहीं बिहार और इंडिया का नाम रोशन करेगा. छपरा मुख्यालय से दूर ग्रामीण क्षेत्र में रहने के वाजूद भी प्रशांत सिंह अपने मेहनत और हुनर की वजह से रणजी ट्रॉफी में अपना जगह बन चुके हैं. जिसको लेकर गांव ही नहीं बल्कि पूरे छपरा के लोगों में खुशी का माहौल है. चयन होने के बाद प्रशांत सिंह पहली बार जिले के नगरा प्रखंड अंतर्गत डुमरी गांव शुक्रवार की देर रात पहुंचे, जहां आने की सूचना मिलने के बाद लोगों ने एक स्वागत कार्यक्रम रखा था. जहां उन्हें जोरदार देर रात स्वागत किया गया. क्रिकेटर प्रशांत सिंह के पहुंचते ही फूल माला अंग वस्त्र देकर लोगों ने स्वागत किया.

क्रिकेट खेल कहां से शुरू किया था प्रशांत सिंह 
प्रशांत सिंह अपने गांव के ही खेल मैदान में क्रिकेट खेलना शुरू किया था. शुरू से ही इनका क्रिकेट के प्रति काफी झुकाव था. उनके प्रतिभा को देखते हुए परिजनों ने छपरा राजेंद्र स्टेडियम में संचालित हो रहे क्रिकेट क्लब में नामांकन कराया. जहां कुछ दिनों तक क्रिकेट सीख उसके बाद उन्होंने प्रिंस सिंह के क्लब में चले गए, जहां अभी तक क्रिकेट खेलते हैं और वही अभ्यास करने के दौरान प्रशांत सिंह का रणजी ट्रॉफी में चयन हुआ है.

प्रशांत सिंह बैटमैन या ऑल राउंडर
जानकारी के अनुसार क्रिकेटर प्रशांत सिंह शुरू से ही सभी क्षेत्र से बेहतर परफॉर्मेंस करते आए हैं. हालांकि इनका बौलिंग रफ्तार 135 से 140 देखा जाता है. फील्डिंग क्षेत्र में भी इनका काफी नाम है. बेहतर फील्डिंग को लेकर उन पर काफी टीम के लोग भरोसा करते हैं. बल्लेबाजी भी काफी तगड़ा करते हैं. जब फील्ड पर उतरते हैं तो चौके छक्के की बरसात होने लगती है.

प्रशांत 14 वर्ष से खेल रहे हैं क्रिकेट
बड़े भाई मिथिलेश सिंह ने लोकल 18 से कहा कि प्रशांत बचपन से ही क्रिकेट अच्छा खेलता है. इसी गांव से क्रिकेट खेलना शुरू किया. हम लोग किसान परिवार से आते हैं. प्रशांत का बचपन से ही क्रिकेट खेलने का जुनून था. 14 वर्ष की उम्र से क्रिकेट खेल रहा है. ग्रामीण परिवेश में ही पला बड़ा और यही से क्रिकेट शुरू किया. बाद में छपरा शहर के एक क्लब में नामांकन कराया गया. जहां क्रिकेट खेलने का अच्छा अनुभव मिला, प्रशांत सिंह का कोच प्रिंस सिंह है. जिनके देखरेख में क्रिकेट प्रशांत क्रिकेट खेलता है. रणजी ट्रॉफी में चयन होने से पूरे परिवार के लोग और पूरे सारण के लोग गर्व महसूस कर रहे हैं.चयन होने के बाद पहली बार आज घर आएंगे,जिसको लेकर स्वागत कार्यक्रम रखा गया है.

140 की स्पीड में बॉल फेंकते
विकास कुमार सिंह ने बताया कि प्रशांत सिंह का रणजी ट्रॉफी में चयन होने से काफी गर्व महसूस हो रहा है. प्रशांत किस्मत का ही नहीं व्यवहार का भी धनी व्यक्ति हैं. जिस तरह वह खेलते हैं उनके खेल से उम्मीद है कि इंडिया के लिए एक दिन खेलेंगे. ऑल राउंडर खिलाड़ी हैं. बॉल भी काफी फास्ट फेकते हैं,135 से 140 की स्पीड में बॉल फेंकते हैं.

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