Jabalpur News: आदिवासी स्टूडेंट्स के लिए यहां 20 करोड़ से बनेगा हाईटेक हॉस्टल, कोचिंग से लेकर इतनी सुविधाएं

Jabalpur News: आदिवासी स्टूडेंट्स के लिए यहां 20 करोड़ से बनेगा हाईटेक हॉस्टल, कोचिंग से लेकर इतनी सुविधाएं


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जबलपुर में आदिवासी स्टूडेंटों के लिए 20 करोड़ की लागत से हाईटेक हॉस्टल बनेगा, जिसमें 200 सीटें, कोचिंग, लाइब्रेरी, सुरक्षा और सभी सुविधाएं सरकार उपलब्ध कराएगी. जनजाति कार्य मंत्री विजय शाह ने बताया, जबलपुर के कुंडम और माढ़ोताल एरिया में आदिवासी छात्रावासों के निर्माण के लिए राशि भी स्वीकृत की जा चुकी है.

Jabalpur News: जबलपुर में आदिवासी स्टूडेंटों के लिए अच्छे दिन आने वाले हैं. दरअसल, जबलपुर में पढ़ रहे आदिवासी स्टूडेंटों के लिए अब जल्द ही हाईटेक तरीके से 20 करोड़ की लागत से हॉस्टल बनाया जाएगा. आदिवासी स्टूडेंटों के इस हॉस्टल में कोचिंग, लाइब्रेरी से लेकर तमाम सुविधाएं होंगी. इस हॉस्टल में कुल 200 सीटें होंगी. जिसमें 100 सीट छात्रों के लिए और 100 सीट छात्राओं के लिए होगी.

हालांकि, हॉस्टल बनाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है. जहां भूमि का चयन किया जा रहा है, जल्द ही भूमि की प्रक्रिया भी पूरी होगी और हॉस्टल बनाने का कार्य शुरू हो जाएगा. दूसरी तरफ जब तक हॉस्टल नहीं बन जाता, तब तक निजी स्थान पर यूपीएससी और पीएसी की तैयारी करने की कवायद शुरू कर दी गई है.

हर सुविधा का खर्च उठाएगी सरकार 
जनजाति कार्य मंत्री विजय शाह ने बताया, जबलपुर के कुंडम और माढ़ोताल एरिया में आदिवासी छात्रावासों के निर्माण के लिए राशि भी स्वीकृत की जा चुकी है. छात्रावास में पढ़ाई-लिखाई से लेकर रहने और अन्य सुविधाओं का पूरा खर्च सरकार उठाएगी. साथी आदिवासी छात्राओं को यूपीएससी और एमपीपीएससी की परीक्षाओं के अलावा जेईई क्लैट और नीट जैसी अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भी कराई जाएगी. जिससे आदिवासी छात्र-छात्राओं का भविष्य सुनहरा हो सके.

हॉस्टल में कैमरे से लेकर होगी तमाम सुविधाएं
उन्होंने बताया हॉस्टल सुरक्षा के नजरिए से अत्याधुनिक व्यवस्थाओं से लैस होगा. जिसमें सीसीटीवी कैमरे से लेकर तमाम सुविधाओं का ध्यान रखा जाएगा. बेहतर और आकर्षक बाउंड्रीवॉल के साथ आदिवासी छात्र-छात्राओं को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो, इस बात को ध्यान में रखते हुए अत्याधुनिक बिल्डिंग को तैयार किया जाएगा. जिसमें बेहतर  खाने पीने से लेकर रहने और लाइब्रेरी जैसी तमाम सुविधाएं होंगी. छात्रावास में पालक के रूप में भी एक व्यक्ति होगा, जो कैंपस की निगरानी भी करेगा.

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Rishi mishra

एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म…और पढ़ें

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आदिवासी स्टूडेंट्स के लिए यहां 20 करोड़ से बनेगा हॉस्टल, मिलेंगी इतनी सुविधाएं



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