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Phool Singh Baraiya News: कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया का महिलाओं और रेप को लेकर बयान ‘विक्टिम ब्लेमिंग’ की मिसाल है. रेप को ‘विचलित दिमाग’ या सुंदरता से जोड़ना अपराधी को छूट और पीड़िता को कठघरे में खड़ा करता है. राजनीति में ऐसे शर्मनाक बयान पहले भी आते रहे हैं, जो समाज में गलत संदेश देते हैं. कांग्रेस को सिर्फ माफी नहीं, सख्त कार्रवाई कर यह साबित करना होगा कि ऐसी सोच अस्वीकार्य है.
जनप्रतिनिधि का शब्द समाज को दिशा देता है. जब वही व्यक्ति रेप जैसे जघन्य अपराध को ‘दिमाग विचलित’ होने का परिणाम बताता है, तो वह अपराधी के लिए नैरेटिव तैयार करता है कि ‘गलती तो हो जाती है’. यही नैरेटिव बलात्कारी को सामाजिक सहानुभूति देता है और पीड़िता को कठघरे में खड़ा करता है.
क्या सुंदरता अपराध की वजह होती है?
इस तरह के बयान का सबसे बड़ा झूठ यही है कि रेप को ‘आकर्षण’ और ‘विचलन’ से जोड़ दिया जाता है. जबकि सच यह है कि रेप ‘सेक्स’ नहीं, ‘पावर’ और ‘कंट्रोल’ का अपराध है. यह ताकत दिखाने, भय पैदा करने और किसी को तोड़ने की हिंसा है. अगर रेप सुंदरता से प्रेरित होता, तो मासूम बच्चे-बच्चियां और बुजुर्ग इस अपराध के शिकार क्यों बनते? अगर रेप ‘विचलन’ से होता, तो दुनिया भर में रेप केस घरेलू, परिचितों, रिश्तेदारों और पड़ोसियों द्वारा अधिक क्यों होते? रेप की जड़ में ‘नारी देह पर अधिकार’ वाली सोच होती है, न कि किसी के कपड़े, रूप या चाल.