माघ मास की मौनी अमावस्या के अवसर पर रविवार को श्रद्धालु मां नर्मदा में आस्था की डुबकी लगा रहे है। अलसुबह से सुबह 5 बजे से ही ब्रह्म मुहूर्त में स्नान का सिलसिला शुरू हुआ। कड़ाके की ठंड में ही श्रद्धालुओं ने नर्मदा में आस्था की डुबकी लगाई। श्रद्धालुओं के आगमन का सिलसिला दोपहर बाद तक चलता रहेगा। घाट पर नर्मदे हर के जयकारे गूंजे
नर्मदा के घाट हर-हर नर्मदे के जयकारे गूंज रहे है। लोग घाट पर कथा, पूजन पाठ भी करवा रहे है। अमावस्या पर नर्मदा स्नान करने नर्मदापुरम के अलावा हरदा, इटारसी, बैतूल, भोपाल, विदिशा, बीना, छिंदवाड़ा सहित अन्य शहरों से बड़ी संख्या में महिला-पुरुष स्नान करने पहुंचे हैं। रेलवे स्टेशन पर स्नान करने आने और लौटने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ रही। जिले के आंवलीघाट, साड़िया, बाबरी घाट, खोकसर, बांद्राभान में भी श्रद्धालुओं ने नर्मदा स्नान किया जा रहा है। दान, स्नान का महत्व माघ महीने की अमावस्या को मौनी अमावस्या कहा जाता है। इस तिथि के स्नान और दान का बड़ा महत्व माना गया है। मौनी अमावस्या पर भगवान विष्णु की पूजा का विधान है। मौनी अमावस्या के महत्व के बारे में शिवपुराण में उल्लेख किया गया है। कहा जाता है इस दिन दान देने से ग्रह दोष खत्म हो जाते हैं, साथ ही मौन व्रत रखने से पुण्य फल की प्राप्ति होती है।
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