विदर्भ विजय हजारे ट्रॉफी की नई चैंपियन बन गई है. विदर्भ ने फाइनल मुकाबले में खिताबी जीत का सूखा खत्म किया. जीत के हीरो अथर्व तायडे रहे जिन्होंने मैच विनिंग सेंचुरी लगाकर टीम को जीत दिलाई. रविवार को बेंगलुरु के बीसीसीआई सेंटर ऑफ एक्सिलेंस में खेले गए फाइनल मुकाबले में विदर्भ ने सौराष्ट्र को 38 रन से हराया. जीत के लिए सौराष्ट्र को 318 रन की जरूरत थी, लेकिन टीम 48.5 ओवर में 279 पर सिमट गई.
सौराष्ट्र की पहले बॉलिंग
सौराष्ट्र ने टॉस जीतकर गेंदबाजी का फैसला किया था. विदर्भ ने पहले बल्लेबाजी करते हुए अथर्व तायडे के शतक और यश राठौड़ के अर्धशतक की मदद से 8 विकेट के नुकसान पर 317 रन बनाए थे. पारी की शुरुआत करने आए अथर्व तायडे ने 118 गेंद पर 3 छक्के और 15 चौकों की मदद से 128 रन की पारी खेली थी. यश राठौड़ ने 61 गेंद पर 2 छक्के और 2 चौके लगाते हुए 54 रन बनाए थे.
दूसरे विकेट की 133 रन की पार्टनरशिप
दोनों के बीच दूसरे विकेट के लिए 133 रन की साझेदारी हुई. अमन मोखाड़े ने 33 और रविकुमार समर्थ ने 25 रन बनाए. सौराष्ट्र के लिए अंकुर पंवार ने 4 विकेट लिए थे. चेतन सकारिया और चिराग जानी ने 2-2 विकेट लिए. 318 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी सौराष्ट्र की पूरी टीम 48.5 ओवर में 279 रन पर सिमट गई और 38 रन से खिताब जीतने का मौका चूक गई.
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चिराग की शानदार पारी
सौराष्ट्र के लिए प्रेरक मांकड़ ने 92 गेंद पर 88 और चिराग जानी ने 63 गेंद पर 64 रन बनाए, लेकिन अन्य बल्लेबाजों की असफलता टीम की हार का कारण बनी. विदर्भ के लिए यश ठाकुर ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 9.5 ओवर में 50 रन देकर सर्वाधिक 4 विकेट लिए। नचिकेत भूटे ने 3, दर्शन नालकंडे ने 2, और हर्ष दूबे ने 1 विकेट लिए. सौराष्ट्र तीसरी बार खिताब जीतने का मौका चूक गई। पूर्व में टीम 2007-2008 और 2022-23 में खिताब जीत चुकी है.