‘करोड़पति’ भिखारी पर होगी FIR! व्यापारियों को उधार देता था, DM बोले… इंदौर में भीख मांगना-देना दोनों अपराध

‘करोड़पति’ भिखारी पर होगी FIR! व्यापारियों को उधार देता था, DM बोले… इंदौर में भीख मांगना-देना दोनों अपराध


Indore News: इंदौर को भिखारी मुक्त बनाने के अभियान में चौंकाने वाला मामला सामने आया है. सराफा इलाके में वर्षों से भीख मांगते दिव्यांग मांगीलाल को प्रशासन ने रेस्क्यू किया, तो पता चला कि वह करोड़पति है. मांगीलाल के पास तीन पक्के मकान हैं, जिनमें एक तीन मंजिला है, 2 ऑटो रिक्शा किराए पर चलते हैं. एक लग्जरी कार है, जिसके लिए ड्राइवर रखा है. वह रोजाना हजारों भीख से कमाता है. सराफा व्यापारियों को ब्याज पर कर्ज देता है. यही नहीं, विकलांगता के आधार पर शासन से 1 बीएचके मकान भी ले रखा है.

इस मामले में इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा ने वीडियो कॉल के जरिए स्पष्ट किया कि शहर में भीख मांगना ही नहीं, बल्कि भीख देना भी अपराध है. उन्होंने कहा कि भिखारी मुक्त इंदौर अभियान के तहत सख्ती बरती जा रही है. मांगीलाल के मामले में जांच चल रही है. यदि जरूरत पड़ी तो एफआईआर दर्ज की जाएगी. फिलहाल, उसे उज्जैन के राहत केंद्र में भेज दिया गया है, जहां उसकी गतिविधियों, आय स्रोतों और संपत्ति की जांच हो रही है. कलेक्टर ने नागरिकों से अपील की कि भिखारियों की सूचना दें, जिस पर 1000 रुपये का इनाम मिलेगा.

भीख से सालाना इतनी आमदनी
बता दें कि इंदौर के सराफा बाजार में एक भिखारी की कई बार शिकायत मिल रही थी, जो विकलांग है और पटिए पर चलकर भीख मांगता है. जब टीम ने उसे रेस्क्यू किया और जांच की तो पता चला कि वह और उसका परिवार मिलकर भीख मांगते हैं. शहर में ही भगत सिंह नगर में उसका बड़ा तीन मंजिला मकान है, जबकि शिवनगर में ही एक और बड़ा मकान भी है. इसके बावजूद रेड क्रॉस सोसाइटी में विकलांगता के तहत मिलने वाला 10 बाई 20 का मकान भी उसके पास है. सालाना 15-20 लाख की कमाई.

ड्राइवर को दे रहा था इतनी सैलरी
केवल भीख और मकान किराए से ही उसने इतना पैसा इकट्ठा कर लिया था कि सराफा के कई व्यापारियों को भी वह सप्ताह और दिन के हिसाब से ब्याज पर पैसे देता था. ‌इसके अलावा मांगीलाल के पास दो ऑटो भी हैं, जिसे उसने किराए पर दे रखा है. मांगीलाल के पास एक कार भी है, लेकिन इससे भी ज्यादा हैरान करने वाली बात यह है उस कार को चलाने के लिए एक ड्राइवर भी था, जिसे वह 12 हजार सैलरी देता था. ‌

पहले भी मिले कई मामले
पहले भी इंदौर में ऐसे मामले सामने आ चुके हैं, जैसे एक महिला ने भीख मांगकर 45 दिनों में 2.5 लाख रुपये कमाए. पुलिस ने उसके खिलाफ जेजे एक्ट में केस दर्ज किया. प्रशासन का कहना है कि ऐसे लोग मजबूरी का फायदा उठाकर समाज को धोखा देते हैं. मांगीलाल की जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय होगी. साल 2024 से ही इंदौर को भिखारी मुक्त करने का अभियान चल रहा है, तब शहर के सर्वे में 6500 भिकारी दर्ज किए गए थे, जिनमें से 4000 से ज्यादा को काउंसलिंग कर भिक्षावृत्ति से मुक्त कराया था. 1500 से ज्यादा भिखारियों को उज्जैन के आश्रम में भेजा गया था.



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