शहडोल के बिरसा मुंडा शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय के एमबीबीएस प्रथम बैच (2019) का दीक्षांत समारोह एक निजी होटल में आयोजित किया गया। सोमवार शाम प्रबंधन ने इसकी जानकारी दी। यह समारोह शहडोल संभाग के मेडिकल कॉलेज के पहले बैच का था। इस अवसर पर वर्ष 2019 बैच के कुल 100 नवस्नातक डॉक्टरों को एमबीबीएस उत्तीर्ण करने पर दीक्षांत सम्मान प्रदान किया गया। समारोह में नवस्नातक डॉक्टरों के साथ उनके अभिभावक और महाविद्यालय के वरिष्ठ फैकल्टी सदस्य बड़ी संख्या में मौजूद रहे। सहनशीलता और सेवा भाव कर्तव्य पूरा करें शहडोल संभाग की आयुक्त सुरभि गुप्ता कार्यक्रम की मुख्य अतिथि थीं। उन्होंने अपने संबोधन में नव-उत्तीर्ण चिकित्सकों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि समाज में डॉक्टरों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है, और उन्हें ईमानदारी, संवेदनशीलता, सहनशीलता और सेवा भाव के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करना चाहिए। समारोह की अध्यक्षता डीन डॉ. गिरिश बी. रामटेके ने की। उन्होंने नवस्नातक डॉक्टरों को चिकित्सा सेवा में निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ कार्य करने का संदेश दिया। डॉ. रामटेके ने कहा कि एक सफल चिकित्सक बनने के लिए सहानुभूति (एम्पैथी), प्रतिबद्धता (कमिटमेंट) और रोगी-केंद्रित दृष्टिकोण (पेशेंट-सेंट्रिक अप्रोच) अत्यंत आवश्यक हैं। कार्यक्रम में मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. नागेंद्र सिंह, डॉ. राजेश टेंभुर्निकर, डॉ. राजेश खरात, डॉ. मितेश सिन्हा, डॉ. विक्रांत कबीरपंथी, डॉ. अभिषेक गौर, डॉ. रुचि श्रीवास्तव सहित कई वरिष्ठ शिक्षकगण उपस्थित थे। इस दौरान विद्यार्थियों ने अपनी शैक्षणिक यात्रा की यादें साझा कीं और सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दीं। अंत में अतिथियों द्वारा डिग्री एवं प्रमाण पत्रों का वितरण किया गया। समारोह का समापन राष्ट्र सेवा और चिकित्सा सेवा के प्रति संकल्प के साथ हुआ।
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