ग्राम जलोदिया पार में अवैध रूप से संचालित पटाखा फैक्ट्री पर प्रशासन ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई की। यहां बिना लाइसेंस और सुरक्षा इंतजामों के चल रही इस अवैध पटाखा फैक्ट्री को जिला प्रशासन और पुलिस की टीम ने पकड़ा। कार्रवाई के दौरान पटाखा बनाने में इस्तेमाल होने वाली बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री मिली, जिसे जब्त किया गया। यह कार्रवाई इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देशन में की गई। इंदौर जिले के ग्राम जलोदिया पार में अवैध रूप से पटाखा फैक्ट्री संचालित होने की सूचना जिला प्रशासन को मिली थी। सूचना की पुष्टि के लिए कलेक्टर के निर्देश पर अनुविभागीय दंडाधिकारी देपालपुर राकेश मोहन त्रिपाठी, संयुक्त कलेक्टर दीपक सिंह चौहान, तहसीलदार बलवीर सिंह राजपूत एवं अनुविभागीय अधिकारी पुलिस देपालपुर संघमित्र सम्राट एवं अन्य पुलिस विभाग व राजस्व विभाग के कर्मचारियों के साथ संयुक्त रूप से मौके का निरीक्षण किया। इस दौरान पाया गया कि इस जगह पर बिना वैध अनुमति लाइसेंस के पटाखा निर्माण संबंधी गतिविधियां की जा रही थीं, जो नियमों के विरुद्ध हैं। सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था की दृष्टि से मौके पर कोई संसाधन उपलब्ध नहीं मिले। मौके पर सुतली के बंडल 12 बोरी-प्रत्येक में 6 नग खुले हुए करीब 20 नग, 55 प्लॉस्टिक ट्रे, पुष्टे के बारुद भरने की बोरी, एक प्लास्टिक की बोरी में रबड़ बैंड, एक बोरी में हरा कलर (सुखा), 6 सफेद पीला केमिकल पावडर, 2 बोरी पेक सल्फर पावडर, 6 बोरी टाट की जिसमें पिला केमिकल पावडर, 2 स्टील डब्बे में एल्युमिनियम पावडर, 3 प्लास्टिक की ट्रे में खुला बारुद मौके पर मिला, जो सील किया गया और नियमानुसार पंचनामा तैयार किया गया। पंचनामा एवं सीलिंग की कार्रवाई पुलिस एवं राजस्व अमले की मौजूदगी में की गई। अनावेदक के द्वारा उक्त स्थल पर विस्फोटक सामग्री रखकर अवैध पटाखा फैक्ट्री संचालन की तैयारी थी, लेकिन पुलिस व राजस्व विभाग के द्वारा मौके पर पहले से कार्रवाई कर दी। इस अवैध गतिविधि विस्फोटक अधिनियम एवं अन्य संबंधित नियमों का उल्लंघन की श्रेणी में आता है। इस जगह पर पूर्व में भी अवैध फटाका निर्माण किए जाने पर अनावेदक संजय पिता विनोद द्वारा के खिलाफ विस्फोटक पदार्थ अधिनियम 1884 के अंतर्गत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया था। इसी जगह पर 17 दिसंबर को भी अवैध पटाखा निर्माण की शिकायत पर कच्ची सामग्री एवं तैयार अवैध पटाखे की जब्ती की कार्रवाई की गई थी।
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