जगदीश, उदय, संपतिया तय करेंगे नई आबकारी नीति: मंत्रियों की तीन सदस्यीय कमेटी तैयार करेगी 111 साल पुराने नियम बदलने का मसौदा – Bhopal News

जगदीश, उदय, संपतिया तय करेंगे नई आबकारी नीति:  मंत्रियों की तीन सदस्यीय कमेटी तैयार करेगी 111 साल पुराने नियम बदलने का मसौदा – Bhopal News



फाइल फोटो (आबकारी विभाग के अफसरों को साथ डिप्टी सीएम और वाणिज्यिक कर मंत्री जगदीश देवड़ा)

मध्यप्रदेश में 1915 में बने आबकारी नियमों में बदलाव को लेकर मंत्रीमंडल समिति निर्णय लेगी। कैबिनेट के अनुमोदन के बाद राज्य शासन ने इसके लिए तीन सदस्यीय कमेटी बना दी है, जो इसी माह बैठक कर आबकारी नियमों में बदलाव का मसौदा तैयार करेगी और इसे कैबिनेट में

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राज्य शासन द्वारा बनाई गई मंत्रियों की कमेटी अवैध शराब परिवहन और जहरीली शराब को लेकर भी निर्णय ले सकती है, ताकि इस तरह की स्थितियों पर रोक लगाई जा सके।

राज्य शासन ने वर्ष 2026-27 की आबकारी नीति बनाने, उससे संबंधित मामलों में समय-समय पर निर्णय लेने तथा आगामी वर्षों के लिए सुझाव देने के लिए मंत्री-परिषद समिति का गठन किया है। इस समिति में उप मुख्यमंत्री और वाणिज्यिक कर मंत्री जगदीश देवड़ा, परिवहन एवं स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की मंत्री सम्पतिया उइके को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। समिति के सचिव प्रमुख सचिव वाणिज्यिक कर होंगे। समिति द्वारा आबकारी नीति 2026-27 को अंतिम रूप देने के साथ-साथ संबंधित विषयों पर निर्णय लेकर आवश्यक सुझाव प्रस्तुत किए जाएंगे।

इन पर भी होगा समिति में डिस्कशन

  • वर्ष 1915 में बने आबकारी अधिनियम के कोई प्रावधान अगर आज की स्थिति में अव्यावहारिक हैं तो उसमें संशोधन का प्रस्ताव तैयार किया जाएगा। यह बदलाव आज के समय के हिसाब से किया जाएगा जो समयानुकूल हो।
  • शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध रूप से शराब बेचे जाने की शिकायतों पर नियंत्रण के लिए समिति फैसले लेगी। इसमें संबंधित जिलों के अधिकारियों पर जिम्मेदारी तय करने का फैसला हो सकता है।
  • जहरीली शराब की घटनाओं से होने वाली मौतों और इससे सरकार की छवि धूमिल होने के मामले में समिति ऐसी शराब की बिक्री प्रतिबंधित रखने पर फोकस करेगी।

धार्मिक-पवित्र शहरों, गांवों में शराब बिक्री रोक चुकी है सरकार

मोहन यादव सरकार ने एक अप्रैल 2025 से धार्मिक महत्व वाले 17 शहरों सहित 19 स्थानों पर शराब की बिक्री को प्रतिबंधित कर रखा है। इससे यहां संचालित शराब की 47 दुकानें बंद हो गई हैं। जहां शराब बिक्री प्रतिबंधित की गई है उनमें उज्जैन, ओंकारेश्वर, महेश्वर, मंडलेश्वर, ओरछा, मैहर, चित्रकूट, दतिया, अमरकंटक और सलकनपुर समेत कुछ अन्य धार्मिक महत्व वाले शहर और गांव शामिल हैं।



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