देवास के मेढकीचक में मंगलवार को सिंचाई कर रहे 55 वर्षीय कनीराम की खेत में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। वह गेहूं की फसल में पानी दे रहे थे, तभी बिजली लाइन के नीचे मृत पाए गए।
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सूचना मिलने पर सिविल लाइन पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा। घटनास्थल पर बिजली के तार भी चिपके हुए मिले, जिससे ग्रामीणों और खेत मालिक ने बिजली लाइन की चपेट में आने की आशंका जताई है।
ग्रामीणों का कहना है कि खेत के ऊपर से गुजर रही बिजली की एलटी लाइन की ऊंचाई काफी कम है, जिससे पहले भी हादसे का डर बना रहता था। उन्होंने यह भी बताया कि इस लाइन की ऊंचाई बढ़ाने के लिए विद्युत कंपनी को पहले भी सूचित किया गया था, लेकिन इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया गया।
खेत मालिक नरेंद्र ठाकुर ने बताया कि कनीराम दो साल से उनके खेत में सिंचाई का काम कर रहे थे, जो उन्होंने बंटाई पर ले रखा है। कनीराम को सबसे पहले कालूराम ने बिजली लाइन के नीचे गिरा हुआ देखा था, जिसके बाद उन्होंने नरेंद्र ठाकुर को सूचना दी।
पुलिस के अनुसार, कनीराम की मौत का वास्तविक कारण पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा। घटना के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण भी खेत पर जमा हो गए थे।