आगर मालवा जिले के ग्राम कबीरखेड़ा में एक युवक की मौत ने तूल पकड़ लिया है। मृतक के पिता ने पुलिस अधीक्षक (SP) को आवेदन देकर आरोप लगाया है कि उनके बेटे की मौत कोई सड़क दुर्घटना नहीं, बल्कि सोची-समझी हत्या है। मंगलवार को मृतक गोविन्द मालवीय के पिता मदनलाल ने बताया कि 17 जनवरी की सुबह उनका बेटा गांव के ही एक युवक के साथ पिपलोनकलां गया था। रात करीब 9 बजे उन्हें खबर मिली कि गोविन्द का एक्सीडेंट हो गया है। उसे जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां अगले दिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पैसों के लेनदेन और मारपीट का आरोप मदनलाल मालवीय का आरोप है कि राहुल मालवीय और शक्ति सिंह नाम के दो व्यक्ति पूरे दिन गोविन्द के साथ थे। उनका दावा है कि पैसों के लेनदेन को लेकर गोविन्द के साथ मारपीट की गई, जिससे उसकी जान चली गई। बाद में इस मामले को छुपाने के लिए इसे एक्सीडेंट का रूप दे दिया गया। गायब मोबाइल और संदिग्धों का छिपा होना परिजन ने संदेह जताया है कि गोविन्द का मोबाइल फोन भी उन्हीं लोगों के पास है जो घटना के समय उसके साथ थे। साथ ही, घटना के बाद से ही दोनों संदिग्धों का गायब होना और परिजनों से संपर्क न करना उनके शक को और गहरा कर रहा है। पिता का कहना है कि पुलिस पूछताछ में एक आरोपी ने यह माना है कि घटनास्थल पर झगड़ा हुआ था। कॉल डिटेल और निष्पक्ष जांच की मांग पीड़ित पिता ने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि इस मामले में आरोपियों की कॉल डिटेल और सोशल मीडिया गतिविधियों की बारीकी से जांच की जाए। उन्होंने पुलिस से गुहार लगाई है कि सच्चाई सामने लाकर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
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