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Harshit Rana: गौतम गंभीर की कोचिंग में तेज गेंदबाज हर्षित राणा को टीम इंडिया में लगातार मौका मिल रहा है. सिर्फ गेंदबाजी ही नहीं, बल्लेबाजी में भी हर्षित ने कुछ बेहतरीन पारियां खेली, जिससे ये कहा जा रहा है कि वह अब एक ऑलराउंडर के तौर पर तैयार हो रहे हैं. हालांकि, हर्षित का एक गेंदबाज से ऑलराउंडर के रूप में बदलना कहीं उन पर भारी न पड़ जाए. आइए जानते हैं कैसे.
नई दिल्ली: पूर्व तेज गेंदबाज इरफान पठान ने जब टीम इंडिया के लिए डेब्यू किया तो उन्होंने शुरुआत में ही सनसनी मचा दी. रफ्तार के साथ इरफान जिस तरह से गेंद को अंदर और बाहर की तरफ निकालते थे उसे देखकर बल्लेबाज का सिर चकरा जाता था. कुछ ही समय में इरफान ने खुद को टीम में स्थापित कर लिया. टीम के लिए इरफान पठान की गेंदबाजी जीत की गांरटी बन गई थी, लेकिन फिर भारतीय टीम में कोच ग्रेग चैपल ही एंट्री होती है. चैपल से सानिध्य में इरफान एक तेज गेंदबाज से ऑलराउंडर बनने की राह पड़ चल पड़ते हैं. शुरू-शुरू में इरफान पठान और टीम इंडिया को उनके ऑलराउंड खेल से सफलता भी मिलती है, लेकिन ये सब ज्यादा दिनों तक नहीं चल पाया.
पेस बॉलर से एक ऑलराउंडर तक के सफर में इरफान की हालत ऐसी हो गई कि उनकी गेंदबाजी में ना तो स्विंग बची और ना ही स्पीड. बल्लेबाजी भी ऐसी की वह टीम के लिए बोझ बन गए. नतीजा ये हुआ कि इरफान पठान न सिर्फ टीम से बाहर हुए बल्कि समय से पहले ही उनका करियर भी खत्म हो गया. ऐसा ही कुछ इन दिनों टीम इंडिया में हर्षित राणा के साथ हो रहा है. गौतम गंभीर की कोचिंग में हर्षित राणा को लगातार टीम इंडिया में खेलने का मौका मिल रहा है. टेस्ट, वनडे और टी20 तीनों ही फॉर्मेट में गंभीर की वह पहली पसंद बने हुए हैं, लेकिन जिस तरह से उनका इस्तेमाल किया जा रहा है, उससे ऐसा लगता है कि वह टीम इंडिया के दूसरे इरफान पठान बनने की राह पर चल पड़े हैं.
क्या गौतम गंभीर हर्षित के करियर से कर रहे हैं खिलवाड़?
इसमें कोई शक नहीं है कि हर्षित राणा एक प्रतिभावान खिलाड़ी हैं. उन्हें जब भी मौका मिला उन्होंने खुद को साबित किया, लेकिन हर्षित राणा को ये नहीं भूलना चाहिए कि उनको टीम इंडिया में एक तेज गेंदबाज के रूप में एंट्री मिली है. ऐसे में उनकी पहली जिम्मेदारी खेल में गेंदबाजी से टीम को जीत दिलाने की है. ऐसा भी नहीं है कि दुनिया में पेस बॉलिंग ऑलराउंडर नहीं हुए हैं. सबसे बड़ा उदाहरण तो टीम इंडिया में ही हार्दिक पंड्या और नीतीश कुमार रेड्डी हैं. टीम इंडिया में उनको पेस बॉलिंग ऑलरांडर के तौर पर जगह मिलती है. ऐसे में उनकी जिम्मेदारी में टीम में एक फिलर बॉलर के साथ मिडिल ऑर्डर में तेज गति से रन बनाने की है, लेकिन हर्षित पर ये लागू नहीं होता है.
गौतम गंभीर हर्षित को 8वें नंबर के बल्लेबाज के रूप में तैयार करने पर तुले हुए हैं. बल्लेबाजी तो ठीक है, लेकिन उनकी गेंदबाजी का क्या, ये सबसे बड़ा सवाल है. न्यूजीलैंड के खिलाफ मैच में हर्षित ने बेशक चार छक्के और चार चौके लगाकर अर्धशतकीय पारी खेली, लेकिन उनकी गेंदबाजी को देखें तो उन्होंने 3 विकेट लेने में 84 रन खर्च कर दिए. बैटिंग और बॉलिंग दोनों में हर्षित के इस खेल की तुलना करें टीम इंडिया के लिए कुछ ज्यादा उपयोगी नजर नहीं आता है. क्योंकि एक तरफ हर्षित जहां नई गेंद से विकेट निकाल रहे हैं, लेकिन पुरानी होते ही उन्हें जमकर मार पड़ने लगती है. वहीं टॉप ऑर्डर में बल्लेबाजी के फेल होने के बाद बड़े स्कोर का पीछा करते हुए हर्षित की तेज तर्रार बैटिंग कभी-कभी तो टीम को जीत दिला सकती है, लेकिन ये प्रयोग हमेशा कारगर नहीं होने वाला है. ऐसे में साफ है कि गौतम गंभीर का ये प्रयोग हर्षित के लिए बर्बादी का कारण भी बन सकता है.
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अक्टूबर 2025 से नेटवर्क 18 समूह में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत. पत्रकारिता में 9 साल का अनुभव. एबीपी न्यूज डिजिटल में स्पोर्ट्स बीट से करियर की शुरुआत। इंडिया टीवी और नवभारत टाइम्स ग्रुप जैसे प्रतिष्ठित संस्…और पढ़ें