राजगढ़ जिले में आम नागरिकों की राजस्व संबंधी समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा द्वारा शुरू किए गए ‘संवाद से समाधान’ कार्यक्रम में मंगलवार को सख्त प्रशासनिक कार्रवाई देखने को मिली। जनसुनवाई से पहले आयोजित इस कार्यक्रम में राजस्व विभाग से जुड़ी पांच शिकायतों की समीक्षा की गई। इनमें लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए। कलेक्टर डॉ. मिश्रा ने कार्यक्रम के दौरान प्रत्येक शिकायत को व्यक्तिगत रूप से सुना और मौके पर ही समाधान के निर्देश दिए। शिकायतकर्ता दुर्गाप्रसाद वर्मा ने बताया कि शंभुलाल पिता धन्नाजी ने दो वर्ष पहले अभिलेख दुरस्ती के लिए आवेदन किया था, लेकिन अब तक सुधार नहीं हुआ। एसडीएम राजगढ़ से चर्चा में यह मामला अपील में होना बताया गया। कलेक्टर ने इस प्रकरण का एक माह के भीतर निराकरण करने के निर्देश दिए। नकल ऑनलाइन अपडेट नहीं, पटवारी निलंबित
ग्राम सींगापुरा नेठाठरी, तहसील सुठालिया निवासी चैनसिंह ने शिकायत की कि उनकी खसरा नकल सात माह से ऑनलाइन अपडेट नहीं हुई है। इस पर कलेक्टर ने हल्का पटवारी को निलंबन का नोटिस और तहसीलदार सुठालिया को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। शिकायतकर्ता अनुप सिंह ने 25 मार्च 2025 को किए गए नामांतरण आवेदन के लंबित होने का मामला उठाया। जांच में संबंधित कॉलोनी अवैध पाई गई। इस पर कलेक्टर ने उन्हें पुनः अपील करने की सलाह दी और तहसीलदार पचोर को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। विष्णु खटीक ने अपनी भूमि का सीमांकन न होने की शिकायत की। जांच में पता चला कि यह भूमि पट्टे की थी और लंबे समय से किसी अन्य व्यक्ति के कब्जे में थी। कलेक्टर ने पुराना पट्टा खारिज कर आवेदक को किसी अन्य स्थान पर भूमि आवंटित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि ‘संवाद से समाधान’ कार्यक्रम का उद्देश्य केवल शिकायतों की सुनवाई नहीं, बल्कि समयबद्ध और पारदर्शी समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने चेतावनी दी कि लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
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