Jabalpur News: जबलपुर शहर का ‘समय’ मानो थम सा गया है. वजह है शहर की ऐतिहासिक धरोहरों और स्मारकों पर लगी वो घड़ियां, जो अब बंद पड़ी हैं. ये वही घड़ियां हैं, जिनकी घंटे की आवाज कभी पूरे शहर में गूंजा करती थी. घंटाघर, नगर निगम भवन, कमानिया गेट और गोकुलदास धर्मशाला जैसी प्रमुख जगहों पर लगी घड़ियां शोपीस बन चुकी हैं. स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत इन घड़ियों को दोबारा लगाने और सुधारने पर लाखों रुपये खर्च किए गए. दूसरे राज्यों से कारीगर बुलाए गए, लेकिन कुछ ही महीनों में घड़ियां फिर से बंद हो गईं.