भारतीय रेल समय-समय पर ट्रेन में यात्रा करने वालों को सजगता से जागरूक करते हुए अपील करता है कि सफल के दौरान ट्रेनों में बिना टिकट यात्रा करना कानूनी अपराध है। बावजूद इसके यात्री यह गलती कर रहे हैं, जिससे कि जुर्माने के रूप में उनकी जेब तो ढीली हो रही
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पश्चिम मध्य रेलवे की जनरल मैनेजर के निर्देश और प्रमुख मुख्य वाणिज्य प्रबंधक के निर्देश पर जबलपुर, कोटा और भोपाल के तीनों मण्डलों में यात्री गाड़ियों एवं स्टेशनों पर समय-समय पर चलाए गए टिकट जांच अभियानों में चालू वित्तीय वर्ष के अप्रैल से दिसंबर 2025 तक कुल 14 लाख 65 हजार मामले पकड़े और अतिरिक्त किराया एवं जुर्माना सहित कुल 101 करोड़ 16 लाख रुपए का राजस्व अर्जित किया है। यह वसूली बीते साल की अपेक्षा वसूले गए जुर्माने (कुल 87 करोड़ 36 लाख रुपए) की तुलना में 15.80 प्रतिशत अधिक है।
जबलपुर स्टेशन पर टिकट चेकिंग करता स्टाफ।
नौ माह में ऐसे हुई कार्रवाई
- मुख्यालय सीसीएम स्क्वाड द्वारा मुख्यालय के टिकट निरीक्षकों ने टिकिट जांच अभियान से बिना टिकिट/अनबुक्ड लगेज/अनियमित टिकिट लेकर यात्रा करने वालों के विरुद्ध 28 हजार प्रकरण से रेलवे ने 1 करोड़ 72 लाख रुपए का जुर्माना यात्रियों से वसूल किया है।
- जबलपुर मंडल के टिकट निरीक्षकों ने टिकिट जांच अभियान से बिना टिकिट/अनबुक्ड लगेज/अनियमित टिकिट लेकर यात्रा करने वालों के विरुद्ध 6 लाख 63 हजार प्रकरण से रेलवे ने 48 करोड़ 94 लाख रुपए का जुर्माना यात्रियों से वसूल किया है, जो गत वर्ष की तुलना में 29.46 प्रतिशत वृद्धि है।
- भोपाल मंडल के टिकट निरीक्षकों ने टिकिट जांच अभियान से बिना टिकिट/अनबुक्ड लगेज/अनियमित टिकिट लेकर यात्रा करने वालों के विरुद्ध 4 लाख 75 हजार प्रकरण से रेलवे ने 30 करोड़ 48 लाख रुपए का जुर्माना यात्रियों से वसूल किया है, जिससे गत वर्ष की तुलना में 04.45 प्रतिशत की राजस्व में वृद्धि हुई है।
- कोटा मंडल के टिकट निरीक्षकों ने टिकिट जांच अभियान से बिना टिकिट/अनबुक्ड लगेज/अनियमित टिकिट लेकर यात्रा करने वालों के विरुद्ध 3 लाख प्रकरण से रेलवे ने 20 करोड़ 02 लाख रुपए का जुर्माना यात्रियों से वसूल किया है, जिससे गत वर्ष की तुलना में 07.11 प्रतिशत की राजस्व में वृद्धि हुई है।

जबलपुर स्टेशन पर टिकट चेक करता अमला।
बिना टिकट ट्रेन में यात्रा करना एक दंडनीय अपराध है। रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और टिकट निरीक्षकों (TTE) द्वारा चलाए जाने वाले विशेष अभियानों के दौरान ऐसे यात्रियों के खिलाफ इस तरह से कार्रवाई की जाती है।
- जुर्माना (Fine): बिना टिकट पकड़े जाने पर यात्री को यात्रा की कुल दूरी का किराया और कम से कम 250 रुपए का जुर्माना देना पड़ता है।
- जेल की सजा: यदि यात्री जुर्माना भरने से इनकार करता है, तो उसे रेलवे अधिनियम की धारा 138 के तहत हिरासत में लिया जा सकता है और 6 महीने तक की जेल हो सकती है।
- धोखाधड़ी का मामला: यदि कोई व्यक्ति फर्जी टिकट या किसी और के नाम के टिकट पर यात्रा करता है, तो धारा 137 के तहत मामला दर्ज किया जाता है।

जबलपुर स्टेशन पर प्रतिदिन हो रही है टिकट चेकिंग।
पश्चिम मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी हर्षित श्रीवास्तव ने कहा कि-
जब कभी भी ट्रेन में सफर करे तो टिकट जरूर लें। रेलवे हमेशा से अभियान चलाते आ रहा है, और यात्रियों को समझाइश भी दी जा रही थी। सीपीआरओ ने सभी यात्रियों से अपील की है कि टिकट लेकर ही ट्रेन में सफर करें।
