आदित्य सिंह को अशोक नगर के कलेक्टर पद से हटाने के मामले में नया मोड़ आया है। उनके ट्रांसफर के एक दिन बाद गुरुवार को आनंदपुर ट्रस्ट ने आदित्य सिंह द्वारा रिश्वत मांगने के आरोपों को खारिज किया है। ट्रस्ट के शब्द सागर आनंद महात्मा ने बयान जारी कर कहा है कि आदित्य सिंह की ओर से उनसे किसी भी तरह की राशि नहीं मांगी गई थी और न ही ट्रस्ट की तरफ से इस संबंध में कोई शिकायत की गई थी। शब्द सागर आनंद महात्मा ने कहा- ट्रस्ट को इस बात की कोई जानकारी नहीं है कि कलेक्टर के खिलाफ शिकायत किस आधार पर की गई। पैसे मांगने से जुड़ी खबरें पूरी तरह निराधार हैं। इस तरह की गलत जानकारी फैलाने वाले व्यक्ति या व्यक्तियों की पहचान कर जांच होनी चाहिए। दरअसल, मध्य प्रदेश सरकार ने बुधवार रात आदित्य सिंह का अशोक नगर कलेक्टर के पद से तबादला कर दिया था। उन्हें भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास विभाग में उपसचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई है। उनकी जगह साकेत मालवीय को नया कलेक्टर बनाया गया है। हालांकि, गुरुवार रात तक साकेत ने कलेक्टर का पदभार ग्रहण नहीं किया था। 2014 बैच के अफसर आदित्य सिंह को अशोक नगर से हटाए जाने के बाद खबरें आई थीं कि आनंदपुर धाम से तीन करोड़ रुपए की रिश्वत मांगने के चलते ये ट्रांसफर किया गया है। खबरों के मुताबिक, आनंदपुर ट्रस्ट ने तत्कालीन कलेक्टर आदित्य सिंह के खिलाफ प्रधानमंत्री दफ्तर में इसकी शिकायत की थी। दिन में सम्मान का ऐलान, रात में ट्रांसफर
दिलचस्प बात यह भी है कि बुधवार दिन में ही आदित्य सिंह को अशोक नगर में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में बेहतर प्रदर्शन के लिए 25 जनवरी को राज्यपाल द्वारा सम्मानित किए जाने की घोषणा की गई थी। सोशल मीडिया पर लोगों ने उनका समर्थन भी किया था। उनके समर्थन में एक आमसभा करने की भी तैयारी चल रही थी, लेकिन रात होते-होते उनके तबादले का आदेश आ गया था। साइकिल से करते थे गांवों का दौरा
अशोक नगर के कलेक्टर रहते हुए आदित्य सिंह सप्ताह में दो या तीन दिन गांवों का दौरा करते थे। लोगों के बीच जाकर समस्याएं सुनते थे। कई बार साइकिल से भी चले जाते थे। बारिश के दौरान आधी रात को बाढ़ में फंसे लोगों का रेस्क्यू कराने के लिए खुद मौके पर पहुंचे थे। उनके कार्यकाल में जनसुनवाई में आवेदकों की संख्या बढ़कर 1200 तक हो गई थी। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया भी खुले मंच से कई बार उनकी तारीफ कर चुके हैं। कांग्रेस का आरोप- आनंदपुर धाम में चल रहा सेक्स रैकेट
कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के मध्य प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप अहिरवार ने सोमवार को भोपाल में प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। इसमें कहा था कि आनंदपुर धाम में सालों से अवैध गतिविधियां चल रही हैं। यहां युवकों का शोषण किया जा रहा है। देह व्यापार का संगठित रैकेट चल रहा है। इसके वीडियो साक्ष्य उनके पास मौजूद हैं। अहिरवार ने कहा था कि IAS अधिकारी विवेक अग्रवाल, अविनाश लवानिया और मयंक अग्रवाल आनंदपुर धाम ट्रस्ट के माध्यम से काले धन को सफेद करने में मदद कर रहे हैं। ट्रस्ट की सालाना कमाई लगभग 800 करोड़ रुपए है, लेकिन इसका कोई हिसाब-किताब नहीं रखा जा रहा है। ये तीनों अफसर आनंदपुर ट्रस्ट आते-जाते रहते हैं। स्थानीय पंचायतों के सरपंच लगातार शिकायतें कर रहे हैं। उन शिकायतों पर इन अफसरों के प्रभाव के कारण कार्रवाई नहीं हो रही है। सरकार जांच कराएंगी तो सब सामने आ जाएगा। कांग्रेस ने 5 वीडियो भी जारी किए थे
अहिरवार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में पांच वीडियो भी जारी किए थे। इनमें से तीन वीडियो आपत्तिजनक हैं। एक में युवक अश्लील हरकत कर रहा है। अहिरवार का आरोप है कि ये युवक आनंदपुर धाम का महात्मा है। दूसरे वीडियो में एक बाबा किसी से संबंध बनाता दिख रहा है। तीसरे वीडियो में एक बाबा पलंग पर निर्वस्त्र बैठा दिखाई दे रहा है। चौथे वीडियो में एक युवक ने बाबा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पांचवें वीडियो में एक महिला सेवादार किसी पर आरोप लगा रही है कि उन्होंने हमसे लड़कियां सौंपने को कहा। ये सभी वीडियो करीब एक साल पुराने बताए जा रहे हैं। दैनिक भास्कर इनकी पुष्टि नहीं करता है। वीडियो में युवक बोला- भगत जी जब चाहे जबरदस्ती करता था एक वीडियो में एक युवक अपना नाम और गांव का नाम बताते हुए कह रहा है कि मेरे साथ अवधेश भगत जी, फौजी भगत जी ने अत्याचार किया है। वो बोलता था कि मेरे साथ कर नहीं तो तेरे को यहां से भगा दूंगा। मैं मना करता था तो कहता था कि कर, नहीं तो चाहे जाे कर दूंगा तेरे साथ। युवक ने आगे कहा- मैंने इसके वीडियो बनाए। ये चाहे जब जबरदस्ती मेरे साथ करता था। फिर सोचा कि कब तक ऐसा करूंगा। ऐसे तो मैं मर ही जाऊंगा। मैंने ये वीडियो सुरेंद्र महात्मा जी, सोनू महात्मा जी को भेजे। उन्होंने मुझे अतिथि गृह बुलाकर मुझसे दस्तखत करवाए लिए। पता नहीं क्यों करवाए। मैं पढ़ा-लिखा नहीं हूं। फिर मुझसे कहा कि तू तेरे बाप-महतारी को बताएगा तो जान से मार डालेंगे। न तेरे मां-बाप को पता चलेगा, न किसी और को। मैं अकेला भाई हूं। डर गया साब। यहां लंगर में काम करता था। सुरेंद्र महात्मा जी ने मेरे वीडियो यहां से मिटा दिए हैं, लेकिन मेरे पास ये वीडियो है। मुझे इंसाफ नहीं मिलेगा तो मैं आत्महत्या भी कर सकता हूं। आदिवासियों की जमीन पर कब्जा करने के भी आरोप
अहिरवार ने यह भी कहा था कि ट्रस्ट द्वारा आदिवासियों की जमीन और सरकारी भूमि पर कब्जा किया गया है। 2025 में गौहत्या की शिकायत के बावजूद डीजीपी स्तर पर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। ट्रस्ट से जुड़े कई महात्माओं पर पहले से आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। यह पूरा मामला मानव तस्करी से भी जुड़ा हुआ हो सकता है। शिकायत पर केंद्रीय मंत्री ने भी कुछ नहीं किया
कांग्रेस नेता प्रदीप अहिरवार ने आरोप लगाया था कि शिकायत के बाद भी पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। कलेक्टर को दिए गए ज्ञापन पर भी कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी इस विषय में हस्तक्षेप करना उचित नहीं समझा। पिछले 5 साल से लगातार शिकायतें की जा रही हैं, लेकिन मामले में कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। कांग्रेस ने इसे ‘डेरा सच्चा सौदा पार्ट-2’ बताते हुए न्यायिक जांच की मांग की है। अहिरवार ने कहा कि वे मामले में और जल्द ही हाईकोर्ट का रुख करेंगे। दीवारें किले जैसी, गेट पर सिक्योरिटी गार्ड
अशोक नगर जिला मुख्यालय से करीब 42 किलोमीटर दूर चंदेरी रोड पर ईसागढ़ के पास 95 साल पहले महज एक टपरी से शुरू हुआ आनंदपुर धाम आश्रम करीब 1500 बीघा में फैला है। आश्रम में तीन प्राइवेट बस स्टैंड हैं, खुद की फायर ब्रिगेड है तो बेहद खूबसूरत गार्डन भी हैं। आश्रम की दीवारें किले के परकोटे जैसी हैं। जिनके ऊपरी हिस्से पर नुकीले कांच लगाए गए हैं। ये इंतजाम इसलिए किया गया है ताकि कोई भी दीवार फांदकर अंदर दाखिल न हो पाए। आश्रम के मेन गेट पर सिक्योरिटी गार्ड खड़े रहते हैं। कई अनुयायी औपचारिक रूप से पंजीकृत नहीं
आनंदपुर धाम के अनुयायी दुनियाभर में फैले हैं। विशेष रूप से उन देशों में जहां भारतीय प्रवासी समुदाय मौजूद हैं, जैसे अमेरिका, कनाडा, और यूनाइटेड किंगडम। हालांकि, इनकी संख्या सीमित है। कई अनुयायी औपचारिक रूप से पंजीकृत नहीं होते, इसलिए इनका सटीक अनुमान नहीं लगाया जा सकता। इनकी सटीक संख्या आश्रम प्रबंधन के पास भी नहीं है, लेकिन वैशाखी पर लगने वाले मेले में लाखों लोगों की भीड़ उमड़ती है। अद्वैत मत: एक ही सत्य है और वही ब्रह्म है
अद्वैत मत हिंदू दर्शन की एक शाखा है, जिसका शाब्दिक अर्थ है- दो का अभाव। यह वेदांत दर्शन का एक रूप है, जो उपनिषदों, भगवद्गीता और ब्रह्मसूत्र जैसे ग्रंथों पर आधारित है। अद्वैत मत के अनुसार, वास्तविकता में केवल एक ही सत्य है, जिसे “ब्रह्म” कहा जाता है। यह ब्रह्म निर्गुण (गुणों से परे), निराकार और सर्वव्यापी है। इस दर्शन में आत्मा और ब्रह्म को एक ही माना जाता है, यानी आत्मा और परमात्मा में कोई भेद नहीं है। स्वरूप आनंद महाराज ने की थी आनंदपुर धाम की स्थापना
परमहंस अद्वैत मत के संस्थापक परमहंस दयाल महाराज का आगरा में प्रवचन चल रहा था। इस प्रवचन को सुनने ईसागढ़ के सेठ पन्नालाल मोदी भी गए थे। यहीं उन्होंने महाराज से ईसागढ़ आने का निवेदन किया। महाराज ने बाद में आने का आश्वासन दिया। 1930 के लगभग दूसरे गुरु स्वरूप आनंद महाराज ईसागढ़ आए। इन्होंने ही आनंदपुर धाम आश्रम की स्थापना की। 1954 में श्री आनंदपुर धाम ट्रस्ट की भी स्थापना हुई। यह ट्रस्ट, आश्रम की चल-अचल संपत्ति की देखरेख और सुरक्षा करता है। ट्रस्ट के माध्यम से इस क्षेत्र के लोगों के लिए स्कूल और हॉस्पिटल भी संचालित होता है। सिंध प्रांत से हुई थी संप्रदाय की शुरुआत
स्थानीय इतिहासकार हेमंत दुबे ने कहा- ये आजादी के पहले का संप्रदाय है। सबसे पहले इसकी स्थापना सिंध प्रांत में हुई थी। आजादी के बाद दिल्ली, पंजाब और हरियाणा के क्षेत्रों में फैला। इन्हीं क्षेत्रों में ज्यादा अनुयायी हैं। इस मत के 4 गुरुओं की समाधि यहीं आनंदपुर धाम आश्रम में हैं। इनके मंदिर भी आगरा के ताजमहल की तरह संगमरमर के बने हुए हैं। यही कारण है कि ये इस संप्रदाय का सबसे महत्वपूर्ण स्थान बन गया है। यहां सभी जाति और धर्म के लोग जुड़ सकते हैं, लेकिन ज्यादातर जो अनुयायी यहां देखे जाते हैं वो बाहर से ही आते हैं। 1500 बीघा में आश्रम, इसके अलावा अन्य जमीनें
आनंदपुर धाम के महात्मा सोनू महाराज कहते हैं कि सभी धर्मों और जातियों के लिए दरबार खुला हुआ है। आश्रम में साधु, साध्वी, भगत सभी मिलाकर करीब 1500 लोग रहते हैं। इनमें से कुछ प्रचारक हैं, जो मत के प्रचार के लिए देशभर में घूमते रहते हैं।
वैशाखी, व्यास पूजा और दीपावली आश्रम के मुख्य उत्सव हैं। आश्रम ट्रस्ट जिले में तीन स्कूल और एक हॉस्पिटल संचालित करता है। बच्चों की पढ़ाई, ड्रेस और खाना सब फ्री होता है। अस्पताल में भी इलाज और दवाइयां फ्री हैं। ये खबर भी पढ़ें… सेक्स स्कैंडल के आरोपों से घिरे आनंदपुर धाम का सच बाबाओं के सेक्स स्कैंडल के आरोपों से देशभर में चर्चा में आए अशोक नगर के आनंदपुर धाम आश्रम को लेकर रहस्य गहराता जा रहा है। आश्रम के भीतर क्या चल रहा है, ये न तो प्रशासन को मालूम है, न ही आसपास के लोगों को। आश्रम में किसी की भी एंट्री नहीं है। आश्रम प्रशासन का कहना है कि भीतर एक हजार से ज्यादा महात्मा और भगत हैं। इसमें 60 फीसदी महिला भक्त हैं। पढ़ें पूरी खबर…
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