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Agriculture News: सीधी की उद्यानिकी विभाग की ब्लॉक अधिकारी दिव्यानी सिंह राजपूत ने लोकल 18 को बताया कि लघु सिंचाई योजना के तहत किसानों को आधुनिक सिंचाई यंत्रों पर 45 से 55 फीसदी तक अनुदान दिया जा रहा है.
सीधी. मध्य प्रदेश में गिरते भू-जल स्तर और सिंचाई की लगातार बढ़ती लागत के बीच उद्यानिकी विभाग द्वारा संचालित प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (PMKSY) किसानों के लिए किसी वरदान से कम नहीं साबित हो रही है. इस योजना के तहत सरकार ड्रिप स्प्रिंकलर जैसी आधुनिक सूक्ष्म सिंचाई तकनीकों को बढ़ावा दे रही है, जिससे कम पानी में अधिक उत्पादन का लक्ष्य साकार हो रहा है. योजना का मुख्य उद्देश्य प्रति बूंद अधिक फसल के सिद्धांत को धरातल पर उतारना है.
55 प्रतिशत तक सब्सिडी
सीधी की उद्यानिकी विभाग की ब्लॉक अधिकारी दिव्यानी सिंह राजपूत ने लोकल 18 को जानकारी देते हुए बताया कि लघु सिंचाई योजना के अंतर्गत किसानों को आधुनिक सिंचाई यंत्रों पर 45 से 55 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है. लघु, सीमांत, महिला और एससी-एसटी वर्ग के किसानों को 55 प्रतिशत तक सब्सिडी जबकि अन्य किसानों को 45 प्रतिशत तक अनुदान प्रदान किया जा रहा है. विभाग का लक्ष्य अधिक से अधिक कृषि क्षेत्र को सूक्ष्म सिंचाई के दायरे में लाना है ताकि कम पानी में बेहतर गुणवत्ता वाली फसलें तैयार की जा सकें और जल संरक्षण को बढ़ावा मिल सके.
खेती की घटा सकते हैं लागत
प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत ड्रिप सिंचाई प्रणाली बागवानी और सब्जी फसलों के लिए विशेष रूप से लाभकारी है जबकि स्प्रिंकलर प्रणाली दलहन और तिलहन फसलों के लिए बेहतर मानी जा रही है. योजना का लाभ उठाकर किसान न केवल अपनी खेती की लागत घटा सकते हैं बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए जल संसाधनों के संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं.
ऐसे मिलेगा योजना का लाभ
जो किसान इस योजना का लाभ लेना चाहते हैं, वे dbt.mpdage.org पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीकरण कर सकते हैं. ऑनलाइन आवेदन में असमर्थ किसान अपने नजदीकी उद्यानिकी अधिकारी कार्यालय में जाकर भी आवेदन कर सकते हैं. इसके लिए खतौनी, आधार कार्ड, बैंक पासबुक और पासपोर्ट साइज फोटो अनिवार्य रूप से जमा करना होगा.
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राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.