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match fixing in bpl: 21 जनवरी को खेले गए दूसरे क्वालीफायर मुकाबले में राजशाही वॉरियर्स ने सिल्हट टाइटंस को 12 रनों से हराकर फाइनल का टिकट कटाया लेकिन इस करीबी हार के बाद सिल्हट टाइटंस के एक पूर्व अधिकारी ने मैच फिक्सिंग का आरोप लगाकर पूरे BPL को विवादों में धकेल दिया है.
नई दिल्ली. बांग्लादेश क्रिकेट पहले ही टी20 वर्ल्ड कप वेन्यू विवाद को लेकर भारत पर आरोपों की वजह से सुर्खियों में था, लेकिन अब उसी के घरेलू क्रिकेट की साख पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है. बांग्लादेश प्रीमियर लीग (BPL 2025-26) में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पूरे टूर्नामेंट को कटघरे में ला खड़ा किया है. दूसरे क्वालीफायर में सिल्हट टाइटंस की हार के बाद मैच फिक्सिंग के गंभीर आरोप लगे हैं, जिसने क्रिकेट जगत में हड़कंप मचा दिया है.
21 जनवरी को खेले गए दूसरे क्वालीफायर मुकाबले में राजशाही वॉरियर्स ने सिल्हट टाइटंस को 12 रनों से हराकर फाइनल का टिकट कटाया लेकिन इस करीबी हार के बाद सिल्हट टाइटंस के एक पूर्व अधिकारी ने मैच फिक्सिंग का आरोप लगाकर पूरे BPL को विवादों में धकेल दिया है.
BPL पर लगा मैच फिक्सिंग का दाग
सिल्हट टाइटंस के टीम सलाहकार फहीम अल चौधरी ने BPL 2025-26 से टीम के बाहर होने के बाद चौंकाने वाला दावा किया. हार के बाद भावुक फहीम ने मीडिया के सामने अपने पद से इस्तीफा दे दिया. इस्तीफे के कुछ ही देर बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर खुलासा करते हुए कहा कि टीम का एक सदस्य मैच फिक्सिंग में शामिल था.
फहीम अल चौधरी का सनसनीखेज खुलासा
फहीम अल चौधरी ने कहा आज का मैच दागदार था मुझे विश्वसनीय जानकारी मिली है कि इस मैच में शामिल एक खिलाड़ी ने खुद को बेच दिया.उसने हमसे झूठ बोला और सिल्हट टाइटंस को धोखा दिया. उसने सिल्हट के लोगों की भावनाओं के साथ खिलवाड़ किया. उसे ऐसा करने की कोई जरूरत नहीं थी. अगर उसे पैसों की जरूरत थी तो वो मुझसे कह सकता था, हम व्यवस्था कर सकते थे. इस सच्चाई ने मुझे अंदर से झकझोर दिया है. फहीम के इस बयान ने न सिर्फ सिल्हट टाइटंस बल्कि पूरे BPL की निष्पक्षता पर सवाल खड़े कर दिए हैं.
जीत के करीब आकर कैसे हारी सिल्हट
दूसरे क्वालीफायर मुकाबले में राजशाही वॉरियर्स ने पहले बल्लेबाज़ी करते हुए 20 ओवर में 165 रन बनाए. लक्ष्य का पीछा करते हुए सिल्हट टाइटंस की शुरुआत शानदार रही टीम ने 13 ओवर में 4 विकेट पर 106 रन बना लिए थे और जीत के लिए 42 गेंदों में सिर्फ 60 रनों की जरूरत थी. टी20 क्रिकेट में यह लक्ष्य पूरी तरह हासिल किया जा सकता था, लेकिन यहीं से मैच का रुख अचानक बदल गया. 16.3 ओवर से 17.3 ओवर के बीच सिल्हट टाइटंस ने तीन अहम विकेट गंवा दिए और पूरी बल्लेबाज़ी लड़खड़ा गई औरआखिरकार टीम 12 रन से मुकाबला हार गई.
इस हार के बाद लगाए गए मैच फिक्सिंग के आरोपों ने BPL की विश्वसनीयता को गहरा झटका दिया है अब देखना होगा कि बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) इस मामले में क्या कदम उठाता है और क्या इन आरोपों की निष्पक्ष जांच होती है या नहीं.