बैतूल बना गो-तस्करी का सेफ कॉरिडोर! हजारों गोवंश पकड़े गए, फिर भी तस्कर बाहर, आखिर कहां फेल हो रहा सिस्टम?

बैतूल बना गो-तस्करी का सेफ कॉरिडोर! हजारों गोवंश पकड़े गए, फिर भी तस्कर बाहर, आखिर कहां फेल हो रहा सिस्टम?


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Betul News: मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में गोवंश तस्करी एक गंभीर चुनौती बनती जा रही है. महाराष्ट्र सीमा से सटे होने के कारण बैतूल गो-तस्करों का ट्रांजिट हब बन चुका है. आंकड़े बताते हैं कि हर साल हजारों गोवंश पकड़े जाते हैं, लेकिन कमजोर कानूनों के चलते आज तक किसी भी आरोपी को सजा नहीं हुई.

बैतूल में गोवंश तस्करी पर बड़ा सवाल

रिशू कुमार नायडू/बैतूल. गोवंश तस्करी और गोमांस बिक्री अब एक बड़ी चुनौती बनती जा रही है, जिसके लिए जिम्मेदार हैं इन मामलों के लिए बने लचर कानून. इनकी वजह से गोवंश तस्कर और अवैध गोमांस बेचने वाले आसानी से रिहा हो जाते हैं. बैतूल जिले में हर साल हजारो गोवंश पकड़े जाते हैं, लेकिन आज तक किसी भी मामले में आरोपियो को सज़ा नहीं हुई. महाराष्ट्र सीमा पर होने की वजह से बैतूल जिला गोवंश तस्करी में हमेशा संवेदनशील बना रहता है.

बैतूल के रहने वाले दीपक मालवीय  बताते हैं कि बैतूल जिले में पिछले तीन दिनों के ही भीतर 70 से ज्यादा गोवंश तस्करों से मुक्त करवाए गए. इन सभी गोवंश को बैतूल के रास्ते महाराष्ट्र के अलग अलग स्लॉटर हाउस भेजा जा रहा था. यदि पिछले लगभग एक साल की बात करें तो बैतूल के कई संगठनों ने पुलिस के साथ मिलकर ढाई हजार से ज्यादा गोवंश तस्करों के चंगुल से छुड़ाए हैं.

लक्ष्मीकांत हजारे  का कहना है कि राजस्थान ,उत्तरप्रदेश और मध्यप्रदेश के अलग अलग हिस्सों से गोवंश बैतूल के रास्ते महाराष्ट्र पहुंचाए जाते हैं, लेकिन सबसे ज्यादा गोवंश बैतूल में पकड़े जाते हैं. ऐसे में सवाल ये है कि आखिर बाकी जगहों से तस्कर कैसे चकमा देकर निकल भागते हैं या फिर ये जानबूझकर दी गई छूट है.

पिछले तीन दिनों में ही दो बड़ी कार्रवाई
एसपी वीरेंद्र जैन का कहना है कि पुलिस को लगातार सूचनाएं मिलती हैं. राजस्थान से, शिवपुरी से, एमपी समेत कई राज्यों से गोवंश को महाराष्ट्र में ले जाया जाता है, पुलिस लगातार एक्शन लेती है और तस्करों को पकड़ा भी जाता है. पुलिस ने इस साल बहुत बड़ी बड़ी कार्रवाई की और अभी पिछले तीन दिनों में ही दो बड़ी कार्रवाई हुई है. पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार भी किया है. उनपर कार्रवाई की जा रही है.

लोगों का कहना है कि गोवंश तस्करी और गोमांस बिक्री पर हंगामा मचाने से कुछ हासिल नहीं होने वाला.  जब तक इन मामलों के लिए कड़े कानून नहीं बनाए जाते तब तक गोवंश तस्करी पर लगाम लगाना लगभग नामुमकिन सी बात है.

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Dallu Slathia

Dallu Slathia is a seasoned digital journalist with over 7 years of experience, currently leading editorial efforts across Madhya Pradesh and Chhattisgarh. She specializes in crafting compelling stories across …और पढ़ें

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