रोहित के खिलाफ रची जा रही है साजिश, बाहर करने के मौके की तलाश में मैनेजमेंट

रोहित के खिलाफ रची जा रही है साजिश, बाहर करने के मौके की तलाश में  मैनेजमेंट


नई दिल्ली. अगर अब तक के सर्वश्रेष्ठ वनडे ओपनर्स की बात हो, तो रोहित शर्मा का नाम सबसे पहले लिया जाएगा. 50 ओवर क्रिकेट में उनसे ज़्यादा रन सिर्फ 8 बल्लेबाज़ों ने बनाए हैं, जिनमें महज़ 3 ओपनर शामिल हैं. वनडे क्रिकेट में रोहित के नाम 3 दोहरे शतक हैं जबकि कोई भी अन्य बल्लेबाज़ दो भी नहीं लगा सका. साफ़ शब्दों में कहें तो रोहित शर्मा वनडे क्रिकेट के एक जीवित दिग्गज हैं.

इसके बावजूद, पिछले कुछ दिनों से उनके भविष्य को लेकर चर्चाएं तेज़ हो गई हैं. न्यूज़ीलैंड के खिलाफ हालिया सीरीज़ में 26, 24 और 11 जैसे कम स्कोर के बाद कुछ लोग यह मानने लगे हैं कि अब यशस्वी जायसवाल को शुभमन गिल के साथ भारत का दूसरा ओपनर होना चाहिए. गौरतलब है कि जायसवाल ने हाल ही में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ अपना पहला वनडे शतक लगाया है. हालांकि यह बात नज़रअंदाज़ नहीं की जा सकती कि ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ रोहित भारत के सबसे ज़्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज़ थे और 14 जनवरी तक वह वनडे क्रिकेट में ICC की नंबर-1 रैंकिंग पर काबिज़ थे. ऐसा लगता है मानो एक खराब सीरीज़ के बाद ही लोग दिग्गज खिलाड़ियों को भुला देते हैं जैसे याददाश्त कुछ पलों की ही हो.

टीम मैनेजमेंट को रोहित नापसंद है!

पूर्व भारतीय क्रिकेटर मनोज तिवारी ने रोहित शर्मा के साथ हो रहे व्यवहार पर नाराज़गी जताई. उनका मानना है कि रोहित के प्रति सम्मान लगातार कम होता जा रहा है. तिवारी BCCI के उस फैसले से भी खुश नहीं हैं, जिसमें रोहित से वनडे कप्तानी छीनी गई. उनका दावा है कि टीम मैनेजमेंट जानबूझकर रोहित को टीम से बाहर करने की कोशिश कर रहा है ताकि वह 2027 वनडे वर्ल्ड कप न खेल सकें. मनोज तिवारी ने कहा,जब रोहित शर्मा से कप्तानी छीनी गई, तभी मुझे लगा कि कुछ लोग बस उनके फेल होने का इंतज़ार कर रहे हैं. अगर उन्होंने ऑस्ट्रेलिया में शतक नहीं लगाया होता और न्यूज़ीलैंड के खिलाफ तीन मैचों में फेल होते, तो चयनकर्ताओं पर उन्हें बाहर करने का दबाव बन जाता.

जिसने कप्तान के तौर पर चैंपियंस ट्रॉफी जिताई हो, उसे इस तरह हटाना क्या संदेश देता है? इसका मतलब साफ़ है कि टीम मैनेजमेंट नहीं चाहता कि रोहित वनडे वर्ल्ड कप तक जाएं लेकिन ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका में उनके प्रदर्शन ने साबित कर दिया कि वह अभी खत्म नहीं हुए हैं. सिर्फ तीन मैचों में खराब प्रदर्शन का मतलब यह नहीं कि आगे भी वह फेल होंगे. तीन दोहरे शतक लगाने वाले बल्लेबाज़ को सम्मान मिलना चाहिए.

भारतीय सहायक कोच के बयान बचकाना

मनोज तिवारी भारत के मौजूदा सहायक कोच और अपने पूर्व KKR टीममेट रयान टेन डोएशेट के बयान से भी नाराज़ नज़र आए. न्यूज़ीलैंड के खिलाफ दूसरे वनडे में रोहित शर्मा के 24 रन पर आउट होने के बाद रयान ने कहा था कि रोहित पहले जैसी सहज बल्लेबाज़ी नहीं कर पा रहे हैं. रयान टेन डोएशेट ने कहा था,कम समय में देखें तो पहले वनडे से लेकर अब तक रोहित उतने फ्लुएंट नहीं दिखे हैं, जितने पहले हुआ करते थे और सीरीज़ के बीच क्रिकेट न खेल पाना उनके लिए चुनौती बन सकता है. इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए मनोज तिवारी ने कहा कि इस तरह की टिप्पणियां खिलाड़ी पर मानसिक दबाव बढ़ा सकती हैं, खासकर तब जब वह पहले से ही रन बनाने के लिए संघर्ष कर रहा हो.

रोहित को सम्मान मिलना चाहिए

मनोज ने कहा,पूरे सम्मान के साथ मैं रयान टेन डोएशेट से कहना चाहता हूं कि इस तरह के बयान न दें. आप बल्लेबाज़ पर मानसिक दबाव बना रहे हैं. अगर कोई बाहर से ऐसी बात कहे तो समझ आता है, लेकिन आप सपोर्ट स्टाफ का हिस्सा हैं. आप रोज़ रोहित से मिलते हैं, प्रैक्टिस में उनकी मदद करते हैं, और फिर मीडिया में उनके फॉर्म पर सवाल उठाते हैं. बेहतर है कि कुछ बातों पर चुप्पी साधी जाए. जैसे बल्लेबाज़ ऑफ-स्टंप के बाहर जाती गेंद छोड़ना सीखता है, वैसे ही सपोर्ट स्टाफ को भी कुछ सवालों को छोड़ना सीखना चाहिए, जो खिलाड़ी की मानसिक स्थिति को नुकसान पहुंचा सकते हैं.



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