आश्रम के अंदर सीक्रेट तहखाने, मानव तस्करी के आरोप: कांग्रेस ने DGP को दी 80 पेज की शिकायत; लिखा- शारीरिक शोषण के भी सबूत – Bhopal News

आश्रम के अंदर सीक्रेट तहखाने, मानव तस्करी के आरोप:  कांग्रेस ने DGP को दी 80 पेज की शिकायत; लिखा- शारीरिक शोषण के भी सबूत – Bhopal News


कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप अहिरवार ने कहा कि आनंदपुर धाम में अवैध तरीके से गुप्त तहखाने बनाए गए हैं।

अशोकनगर जिले के आनंदपुर धाम ट्रस्ट को लेकर कांग्रेस ने डीजीपी कैलाश मकवाना से शिकायत की है। पार्टी के अनुसूचित जाति विभाग के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप अहिरवार ने मकवाना को 80 पेज का लेटर दिया है। इसमें दावा किया है कि आनंदपुर धाम में अवैध तरीके से गुप्त

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इन तहखानों की न तो नगर प्रशासन से अनुमति ली गई और न ही किसी विभाग को इसकी जानकारी दी गई है। पत्र में आशंका जताई गई है कि इनका उपयोग अवैध गतिविधियों और लोगों को छिपाकर रखने जैसे कामों के लिए किया जा सकता है। ऐसे में तत्काल जांच जरूरी है।

शारीरिक शोषण के मामलों की जांच कराने की मांग अहिरवार ने लिखा है कि ट्रस्ट पर शारीरिक-मानसिक शोषण, जमीनों पर अवैध कब्जा और अवैध खरीद-फरोख्त के आरोप सामने आए हैं। पीड़ितों के बयान, वीडियो समेत अन्य दस्तावेज भी हैं। इसके बावजूद स्थानीय पुलिस प्रशासन, जांच में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं।

कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप अहिरवार ने एक बार फिर आनंदपुर आश्रम पर आरोप लगाए हैं।

ह्यूमन ट्रैफिकिंग के एंगल पर जांच करे प्रशासन पत्र में यह भी आरोप लगाया गया है कि आनंदपुर धाम ट्रस्ट के माध्यम से कुछ लोगों को पंजाब, कर्नाटक सहित अन्य राज्यों में भेजा गया। उन्हें बिना किसी कानूनी प्रक्रिया और आधिकारिक रिकॉर्ड के रखा गया। इसके मानव तस्करी से जुड़े होने की आशंका है।

अहिरवार ने भोपाल निवासी अमरीक सिंह सहित ट्रस्ट से जुड़े प्रभावशाली व्यक्तियों की भूमिका की जांच की मांग की है।

80 पेज में मुख्य रूप से इन मामलों का जिक्र

अशोक नगर जिले के ईसागढ़ थाने में आनंदपुर ट्रस्ट से जुड़े लोगों, महात्माओं के खिलाफ दर्ज आपराधिक मामलों का ब्योरा भेजा है।

11 अप्रैल 2025 को आनंदपुर धाम के कार्यक्रम के पहले कराए गए चरित्र सत्यापन की डिटेल भेजी गई है। इसमें धाम से जुडे़ महात्माओं और अन्य लोगों पर दर्ज केसों का जिक्र है।

30 जनवरी 2025 को अशोक नगर कलेक्टर को भेजी गई शिकायत की कॉपी शामिल है। इसमें आनंदपुर धाम के दो महात्माओं की अनैतिक गतिविधियों को लेकर कार्रवाई की मांग की गई थी।

प्रधानमंत्री कार्यालय से लेकर सीएम हेल्पलाइन, जिला कलेक्टर और ईसागढ़ थाना प्रभारी से की गई शिकायतों की कॉपी भेजी गई हैं।

कांग्रेस नेता प्रदीप अहिरवार ने डीजीपी मकवाना को 80 पेज का शिकायती पत्र दिया है। इसमें मानव तस्करी की आशंका जताई है।

कांग्रेस नेता प्रदीप अहिरवार ने डीजीपी मकवाना को 80 पेज का शिकायती पत्र दिया है। इसमें मानव तस्करी की आशंका जताई है।

चार दिन पहले लगाए थे सेक्स रैकेट के आरोप

कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के मध्य प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप अहिरवार ने इससे पहले सोमवार को भोपाल में प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। इसमें कहा था कि आनंदपुर धाम में सालों से अवैध गतिविधियां चल रही हैं। यहां युवकों का शोषण किया जा रहा है। देह व्यापार का संगठित रैकेट चल रहा है। इसके वीडियो साक्ष्य उनके पास मौजूद हैं।

अहिरवार ने कहा था कि IAS अधिकारी विवेक अग्रवाल, अविनाश लवानिया और मयंक अग्रवाल आनंदपुर धाम ट्रस्ट के माध्यम से काले धन को सफेद करने में मदद कर रहे हैं। ट्रस्ट की सालाना कमाई लगभग 800 करोड़ रुपए है, लेकिन इसका कोई हिसाब-किताब नहीं रखा जा रहा है।

ये तीनों अफसर आनंदपुर ट्रस्ट आते-जाते रहते हैं। स्थानीय पंचायतों के सरपंच लगातार शिकायतें कर रहे हैं। उन शिकायतों पर इन अफसरों के प्रभाव के कारण कार्रवाई नहीं हो रही है। सरकार जांच कराएंगी तो सब सामने आ जाएगा।

कांग्रेस ने 5 वीडियो भी जारी किए थे अहिरवार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में पांच वीडियो भी जारी किए थे। इनमें से तीन वीडियो आपत्तिजनक हैं। एक में युवक अश्लील हरकत कर रहा है। अहिरवार का आरोप है कि ये युवक आनंदपुर धाम का महात्मा है।

दूसरे वीडियो में एक बाबा किसी से संबंध बनाता दिख रहा है। तीसरे वीडियो में एक बाबा पलंग पर निर्वस्त्र बैठा दिखाई दे रहा है। चौथे वीडियो में एक युवक ने बाबा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पांचवें वीडियो में एक महिला सेवादार किसी पर आरोप लगा रही है कि उन्होंने हमसे लड़कियां सौंपने को कहा।

ये सभी वीडियो करीब एक साल पुराने बताए जा रहे हैं। दैनिक भास्कर इनकी पुष्टि नहीं करता है।

वीडियो में युवक बोला- भगत जी जब चाहे जबरदस्ती करता था

वीडियो में युवक ने कहा- मेरे साथ अवधेश भगत जी, फौजी भगत जी ने अत्याचार किया है।

वीडियो में युवक ने कहा- मेरे साथ अवधेश भगत जी, फौजी भगत जी ने अत्याचार किया है।

एक वीडियो में एक युवक अपना नाम और गांव का नाम बताते हुए कह रहा है कि मेरे साथ अवधेश भगत जी, फौजी भगत जी ने अत्याचार किया है। वो बोलता था कि मेरे साथ कर नहीं तो तेरे को यहां से भगा दूंगा। मैं मना करता था तो कहता था कि कर, नहीं तो चाहे जाे कर दूंगा तेरे साथ।

युवक ने आगे कहा- मैंने इसके वीडियो बनाए। ये चाहे जब जबरदस्ती मेरे साथ करता था। फिर सोचा कि कब तक ऐसा करूंगा। ऐसे तो मैं मर ही जाऊंगा। मैंने ये वीडियो सुरेंद्र महात्मा जी, सोनू महात्मा जी को भेजे। उन्होंने मुझे अतिथि गृह बुलाकर मुझसे दस्तखत करवाए लिए। पता नहीं क्यों करवाए। मैं पढ़ा-लिखा नहीं हूं।

फिर मुझसे कहा कि तू तेरे बाप-महतारी को बताएगा तो जान से मार डालेंगे। न तेरे मां-बाप को पता चलेगा, न किसी और को। मैं अकेला भाई हूं। डर गया साब। यहां लंगर में काम करता था। सुरेंद्र महात्मा जी ने मेरे वीडियो यहां से मिटा दिए हैं, लेकिन मेरे पास ये वीडियो है। मुझे इंसाफ नहीं मिलेगा तो मैं आत्महत्या भी कर सकता हूं।

कांग्रेस नेताओं ने अशोकनगर के आनंदपुर ट्रस्ट पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

कांग्रेस नेताओं ने अशोकनगर के आनंदपुर ट्रस्ट पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

आदिवासियों की जमीन पर कब्जा करने के भी आरोप अहिरवार ने यह भी कहा था कि ट्रस्ट द्वारा आदिवासियों की जमीन और सरकारी भूमि पर कब्जा किया गया है। 2025 में गौहत्या की शिकायत के बावजूद डीजीपी स्तर पर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। ट्रस्ट से जुड़े कई महात्माओं पर पहले से आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। यह पूरा मामला मानव तस्करी से भी जुड़ा हुआ हो सकता है।

शिकायत पर केंद्रीय मंत्री ने भी कुछ नहीं किया कांग्रेस नेता प्रदीप अहिरवार ने आरोप लगाया था कि शिकायत के बाद भी पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। कलेक्टर को दिए गए ज्ञापन पर भी कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।

उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी इस विषय में हस्तक्षेप करना उचित नहीं समझा। पिछले 5 साल से लगातार शिकायतें की जा रही हैं, लेकिन मामले में कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।

कांग्रेस ने इसे ‘डेरा सच्चा सौदा पार्ट-2’ बताते हुए न्यायिक जांच की मांग की है। अहिरवार ने कहा कि वे मामले में और जल्द ही हाईकोर्ट का रुख करेंगे।

दीवारें किले जैसी, गेट पर सिक्योरिटी गार्ड अशोक नगर जिला मुख्यालय से करीब 42 किलोमीटर दूर चंदेरी रोड पर ईसागढ़ के पास 95 साल पहले महज एक टपरी से शुरू हुआ आनंदपुर धाम आश्रम करीब 1500 बीघा में फैला है। आश्रम में तीन प्राइवेट बस स्टैंड हैं, खुद की फायर ब्रिगेड है तो बेहद खूबसूरत गार्डन भी हैं।

आश्रम की दीवारें किले के परकोटे जैसी हैं। जिनके ऊपरी हिस्से पर नुकीले कांच लगाए गए हैं। ये इंतजाम इसलिए किया गया है ताकि कोई भी दीवार फांदकर अंदर दाखिल न हो पाए। आश्रम के मेन गेट पर सिक्योरिटी गार्ड खड़े रहते हैं।

कई अनुयायी औपचारिक रूप से पंजीकृत नहीं आनंदपुर धाम के अनुयायी दुनियाभर में फैले हैं। विशेष रूप से उन देशों में जहां भारतीय प्रवासी समुदाय मौजूद हैं, जैसे अमेरिका, कनाडा, और यूनाइटेड किंगडम। हालांकि, इनकी संख्या सीमित है।

कई अनुयायी औपचारिक रूप से पंजीकृत नहीं होते, इसलिए इनका सटीक अनुमान नहीं लगाया जा सकता। इनकी सटीक संख्या आश्रम प्रबंधन के पास भी नहीं है, लेकिन वैशाखी पर लगने वाले मेले में लाखों लोगों की भीड़ उमड़ती है।

अद्वैत मत: एक ही सत्य है और वही ब्रह्म है अद्वैत मत हिंदू दर्शन की एक शाखा है, जिसका शाब्दिक अर्थ है- दो का अभाव। यह वेदांत दर्शन का एक रूप है, जो उपनिषदों, भगवद्गीता और ब्रह्मसूत्र जैसे ग्रंथों पर आधारित है।

अद्वैत मत के अनुसार, वास्तविकता में केवल एक ही सत्य है, जिसे “ब्रह्म” कहा जाता है। यह ब्रह्म निर्गुण (गुणों से परे), निराकार और सर्वव्यापी है। इस दर्शन में आत्मा और ब्रह्म को एक ही माना जाता है, यानी आत्मा और परमात्मा में कोई भेद नहीं है।

स्वरूप आनंद महाराज ने की थी आनंदपुर धाम की स्थापना परमहंस अद्वैत मत के संस्थापक परमहंस दयाल महाराज का आगरा में प्रवचन चल रहा था। इस प्रवचन को सुनने ईसागढ़ के सेठ पन्नालाल मोदी भी गए थे। यहीं उन्होंने महाराज से ईसागढ़ आने का निवेदन किया। महाराज ने बाद में आने का आश्वासन दिया। 1930 के लगभग दूसरे गुरु स्वरूप आनंद महाराज ईसागढ़ आए। इन्होंने ही आनंदपुर धाम आश्रम की स्थापना की।

1954 में श्री आनंदपुर धाम ट्रस्ट की भी स्थापना हुई। यह ट्रस्ट, आश्रम की चल-अचल संपत्ति की देखरेख और सुरक्षा करता है। ट्रस्ट के माध्यम से इस क्षेत्र के लोगों के लिए स्कूल और हॉस्पिटल भी संचालित होता है।

सिंध प्रांत से हुई थी संप्रदाय की शुरुआत स्थानीय इतिहासकार हेमंत दुबे ने कहा- ये आजादी के पहले का संप्रदाय है। सबसे पहले इसकी स्थापना सिंध प्रांत में हुई थी। आजादी के बाद दिल्ली, पंजाब और हरियाणा के क्षेत्रों में फैला। इन्हीं क्षेत्रों में ज्यादा अनुयायी हैं।

इस मत के 4 गुरुओं की समाधि यहीं आनंदपुर धाम आश्रम में हैं। इनके मंदिर भी आगरा के ताजमहल की तरह संगमरमर के बने हुए हैं। यही कारण है कि ये इस संप्रदाय का सबसे महत्वपूर्ण स्थान बन गया है। यहां सभी जाति और धर्म के लोग जुड़ सकते हैं, लेकिन ज्यादातर जो अनुयायी यहां देखे जाते हैं वो बाहर से ही आते हैं।

आनंदपुर धाम के निर्माण में संगमरमर का इस्तेमाल किया गया है।

आनंदपुर धाम के निर्माण में संगमरमर का इस्तेमाल किया गया है।

1500 बीघा में आश्रम, इसके अलावा अन्य जमीनें आनंदपुर धाम के महात्मा सोनू महाराज कहते हैं कि सभी धर्मों और जातियों के लिए दरबार खुला हुआ है। आश्रम में साधु, साध्वी, भगत सभी मिलाकर करीब 1500 लोग रहते हैं। इनमें से कुछ प्रचारक हैं, जो मत के प्रचार के लिए देशभर में घूमते रहते हैं। वैशाखी, व्यास पूजा और दीपावली आश्रम के मुख्य उत्सव हैं। आश्रम ट्रस्ट जिले में तीन स्कूल और एक हॉस्पिटल संचालित करता है। बच्चों की पढ़ाई, ड्रेस और खाना सब फ्री होता है। अस्पताल में भी इलाज और दवाइयां फ्री हैं।

उत्सव के मौके पर आनंदपुर धाम आश्रम में विशेष सजावट की जाती है।

उत्सव के मौके पर आनंदपुर धाम आश्रम में विशेष सजावट की जाती है।

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सवाल-आनंदपुर धाम में यौन शोषण, जवाब-सब मर्जी से

अशोक नगर जिले का आनंदपुर धाम आश्रम इन दिनों सेक्स वीडियो की वजह से सुर्खियों में है। इन आरोपों पर आश्रम से जुड़ी ममता सिंह ने कहा- महात्मा साल भर साधना करते हैं। कभी गलती से उनका मन बहक गया तो हम उनकी एक साल की सेवा को गलत कैसे मानें। ये यौन शोषण नहीं है। ये तो सहमति से हुआ है। पढ़ें पूरी खबर…



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