बांग्लादेश ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 से अपना नाम वापस ले लिया है. इस घटना के बाद पाकिस्तानी हिन्दू क्रिकेटर दानिश कनेरिया ने खूब चुटकी ली है. दानिश कनेरिया का कहना है कि टी20 वर्ल्ड कप के लिए बांग्लादेश का भारत न जाना एक निराशाजनक फैसला है और भविष्य में इसका असर उसके क्रिकेट पर पड़ेगा. उन्होंने कहा कि बांग्लादेश के न जाने से टी20 वर्ल्ड कप पर कोई असर नहीं पड़ेगा.
बांग्लादेश में हिंदूओं के साथ गलत व्यवहार किया गया
दानिश कनेरिया ने कहा, ‘बांग्लादेश में हिंदूओं के साथ गलत व्यवहार किया गया. बिना वजह से काम करने वाले लोगों को मारा जा रहा था. यह देखना काफी निराशाजनक था. इस वजह से भारत में बांग्लादेश को लेकर गलत छवि बनी और इसी वजह से केकेआर ने आईपीएल 2026 के लिए चुने गए मुस्तफिजुर रहमान को टीम से बाहर कर दिया.’
पूर्व क्रिकेटर ने BCB को बुरी तरह लताड़ा
दानिश कनेरिया ने कहा, ‘टी20 वर्ल्ड कप की बात करें तो बीसीसीआई या आईसीसी की तरफ से बांग्लादेश क्रिकेट टीम को कभी नहीं कहा गया कि वे भारत नहीं आ सकते. आईसीसी की हर सदस्य टीम को किसी भी वैश्विक टूर्नामेंट में कड़ी सुरक्षा मिलती है. बांग्लादेश को भी अच्छी सुरक्षा मिलती है. बांग्लादेश में जो कुछ हुआ उस डर से उन्होंने भारत न जाने का फैसला लिया. आईसीसी की बैठक में सभी क्रिकेट बोर्ड के प्रतिनिधि मौजूद थे और बांग्लादेश के पक्ष में सिर्फ पाकिस्तान का वोट गया. इससे स्पष्ट है कि भारत में सुरक्षा कोई मुद्दा नहीं है.’
BCB को भविष्य में झेलना पड़ेगा नुकसान
कनेरिया ने कहा, ‘बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने जो निर्णय लिया है, भविष्य में उसे उसका नुकसान उठाना पड़ सकता है. उन्हें आईसीसी की बात माननी चाहिए थी. आखिरी समय में शेड्यूल बदलना मुश्किल होता है. भविष्य में अब भारतीय टीम बांग्लादेश के साथ नहीं खेलेगी. इसका नुकसान बांग्लादेश को होगा. बांग्लादेश के नहीं खेलने से टी20 वर्ल्ड कप पर कोई असर नहीं पड़ेगा.’
बांग्लादेश ने खुद भी अपना रास्ता बंद कर लिया
कनेरिया ने कहा कि बांग्लादेश को भविष्य का सोचते हुए भारत में टी20 वर्ल्ड कप खेलने जाना चाहिए था. अगर बांग्लादेश आईसीसी की बात मानकर भारत में टी20 वर्ल्ड कप खेलने चली जाती तो मुस्तफिजुर रहमान वाला प्रकरण समाप्त हो जाता. अगले साल आईपीएल में आप कई बांग्लादेशी क्रिकेटरों को खेलते हुए देख सकते थे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. बांग्लादेश ने खुद भी अपना रास्ता बंद कर लिया. बांग्लादेश के न जाने से आईसीसी या बीसीसीआई को कोई फर्क नहीं पड़ेगा.