बुरहानपुर के सिलमपुरा स्थित प्राचीन स्वामीनारायण मंदिर में शुक्रवार को भगवान हरि कृष्ण महाराज का 155वां पाटोत्सव भक्तिमय वातावरण में मनाया जा रहा है। बसंत पंचमी के शुभ अवसर पर इस धार्मिक आयोजन की शुरुआत ताप्ती नदी के राजघाट से हुई, जिसमें बड़ी संख्या में हरि भक्तों ने भाग लिया। संध्याकाल में सभी हरि भक्त ताप्ती नदी के राजघाट पहुंचे। यहां वैदिक मंत्रोच्चार के साथ भगवान स्वामीनारायण की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। इसके बाद हरि भक्त बहनों ने सिर पर पावन कलश धारण कर घोड़ों की सवारी और भजन-कीर्तन के साथ भव्य कलश यात्रा निकाली। यह कलश यात्रा राजघाट से शुरू होकर नगर के प्रमुख मार्गों से होती हुई स्वामीनारायण मंदिर सिलमपुरा तक पहुंची। यात्रा के दौरान पूरा मार्ग भगवान स्वामीनारायण और हरि कृष्ण महाराज के जयघोष, भक्ति संगीत और धुनों से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर यात्रा का स्वागत किया। 25 जनवरी को विशेष महाभिषेक
कलश यात्रा में मंदिर के महंत कोठारी पीपी स्वामी, प्रसिद्ध कथावाचक व मंदिर के शास्त्री चिंतनप्रियदास जी, आयोजन समिति से दिनेश भगत और कथा के यजमान गोविंददास शाह सहित अनेक संत, साधु व सैकड़ों हरि भक्त उपस्थित रहे। ताप्ती नदी से लाए गए पावन जल का उपयोग 25 जनवरी को सुबह 6:30 बजे भगवान हरि कृष्ण महाराज और लक्ष्मी नारायण देव के विशेष महाभिषेक में किया जाएगा। इस दिव्य अभिषेक में जल के साथ-साथ दूध, दही, मक्खन और विभिन्न फलों के रस का भी प्रयोग होगा। 25 जनवरी, सप्तमी तिथि को भगवान हरि कृष्ण महाराज का 155वां पाटोत्सव पूरे विधि-विधान और राज्य उपचार के साथ मनाया जाएगा। इस अवसर पर भगवान स्वामीनारायण के धुन-भजन, आरती पूजन और छप्पन भोग का भव्य आयोजन होगा। शाम को भक्तों के लिए शाकोत्सव भी आयोजित किया जाएगा। इससे पहले, 24 जनवरी को शाम 4 बजे से 7 बजे तक स्वामीनारायण मंदिर परिसर में भक्त चिंतामणि कथा का आयोजन होगा, जिसका वाचन व्यासपीठ से मंदिर के शास्त्री चिंतन प्रियदास जी करेंगे। मीडिया प्रभारी गोपाल देवकर ने बताया पूरे आयोजन को लेकर मंदिर परिसर को भव्य रूप से सजाया गया है और भक्तों में भारी उत्साह देखा जा रहा है।
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