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Ujjain Mahakal Lok News: उज्जैन के श्री महाकाल महालोक में श्रद्धा और शिल्प का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है. यहां प्राकृतिक पाषाण से सप्त ऋषियों की भव्य मूर्तियों का निर्माण कार्य अब अंतिम दौर में है. कुछ ही दिनों में यह प्रतिमा तैयार हो जाएगी. आइए जानते हैं कारीगर से इस मूर्ति की खासियत.
उज्जैन. विश्व प्रसिद्ध बाबा महाकाल के दरबार मे रोजाना लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं. पर्यटक और श्रद्धालु को सुंदर नज़ारे के साथ आनंद की अनुभूति देखने को मिले, इसके लिए महाकाल लोक बनाया गया था. महाकाल लोक में आकर्षण का केंद्र बनी हुईं मूर्ति जो टूट गईं थी, उन्हें एक बार फिर जल्द लगाया जाएगा. इसके लिए विशेष कारीगर (शिल्पकार) अंतिम दौर मे मूर्तियों को सजा रहे हैं.
दरअसल श्री महाकाल महालोक में अब एक बार फिर भव्यता लौट रही है. मई 2023 में आए तेज आंधी-तूफान में फाइबर से बनी सप्त ऋषियों की मूर्तियां टूट गई थीं, जिससे सरकार की काफी आलोचना हुई थी. इसके बाद तय किया गया कि अब वहां मजबूत और टिकाऊ पाषाण यानी पत्थर से बनी मूर्तियां लगाई जाएंगी. अब उन्हीं पाषाण मूर्तियों का निर्माण अंतिम चरण में पहुंच चुका है. इन मूर्तियों को ओडिशा के कोणार्क से आए अनुभवी कारीगर तैयार कर रहे हैं, जिनके परिवार पीढ़ियों से पत्थर की मूर्तियां बनाने का काम करते आ रहे हैं. यही कारीगर कोणार्क सूर्य मंदिर जैसे ऐतिहासिक मंदिरों में भी काम कर चुके हैं.
राष्ट्रपति से मिल चूका पुरस्कार
इन मूर्तियों को बनाने वाले प्रमुख कारीगर ईश्वर चंद्र महाराणा हैं, जिन्हें हाल ही में राष्ट्रपति पुरस्कार भी मिल चुका है. उनके साथ लगभग 30 कारीगर काम कर रहे हैं. सभी मूर्तियां राजस्थान के बंशी पहाड़पुर के खास पत्थर से बनाई जा रही हैं, जो बेहद मजबूत और टिकाऊ माना जाता है. सप्त ऋषियों की हर मूर्ति करीब 15 फीट ऊंची है. इनके साथ एक बड़ी शिव प्रतिमा भी बनाई जा रही है. लगभग सभी मूर्तियां तैयार हो चुकी हैं, सिर्फ फिनिशिंग का काम बाकी है.
फरवरी के पहले सप्ताह तक मूर्तियां बनकर तैयार हो जाएंगी
त्रिवेणी संग्रहालय के प्रबंधक गौरव तिवारी के अनुसार, फरवरी 2026 के पहले सप्ताह तक सभी मूर्तियां पूरी तरह बनकर तैयार हो जाएंगी और उन्हें महाकाल महालोक में स्थापित कर दिया जाएगा. यह काम उज्जैन के हाट बाजार क्षेत्र में पिछले दो साल से लगातार चल रहा है. यहां ओडिशा के करीब 15 कारीगर दिन-रात मेहनत कर रहे हैं.
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 11 अक्टूबर 2022 को श्री महाकाल लोक का लोकार्पण किया था. आज यह स्थान देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए आस्था और आकर्षण का बड़ा केंद्र बन चुका है. अब पत्थर से बनी सप्त ऋषियों की भव्य मूर्तियां महाकाल महालोक की सुंदरता और गरिमा को और बढ़ा देंगी.
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Dallu Slathia is a seasoned digital journalist with over 7 years of experience, currently leading editorial efforts across Madhya Pradesh and Chhattisgarh. She specializes in crafting compelling stories across …और पढ़ें