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MSP Paddy Fraud Registration: मध्य प्रदेश में MSP पर धान खरीदी के दौरान कई गड़बड़ियों का खुलासा हुआ. जांच में सामने आया कि 1407 मृत किसानों के नाम पर रजिस्ट्रेशन किया गया था, जिनमें से कम से कम 90 किसान वास्तव में मृत थे.
MSP Paddy Fraud Registration: मध्य प्रदेश में न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर धान खरीदी की प्रक्रिया के दौरान बड़े पैमाने पर गड़बड़ियों का खुलासा हुआ है. हैरानी की बात यह रही कि धान बेचने के लिए किए गए रजिस्ट्रेशन में मरे हुए किसानों के नाम भी सामने आए. राज्य सरकार ने 8.54 लाख किसानों से 2350 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से कुल 51.7 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद पूरी की. लेकिन खरीद से पहले किए गए रिकॉर्ड और डेटा की जांच में कई फर्जी रजिस्ट्रेशन पकड़े गए, जिन्हें समय रहते रोक दिया गया. मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक, डेटा एनालिसिस में पाया गया कि धान बेचने के लिए 1407 मृत किसानों के नाम पर रजिस्ट्रेशन किया गया था. फील्ड जांच में यह भी पाया गया कि इनमें से कम से कम 90 किसान वास्तव में मर चुके हैं और उनकी पहचान का गलत इस्तेमाल किया गया.
फर्जी रजिस्ट्रेशन भी मिले
इसके अलावा, सिकमीदार किसानों (जो लीज पर जमीन लेकर खेती करते हैं) के रजिस्ट्रेशन की भी जांच की गई. सिकमीदार के रूप में दर्ज 29752 किसानों में से 9147 फर्जी पाए गए. इन फर्जी रजिस्ट्रेशन में 24763 हेक्टेयर भूमि पर धान की खेती का दावा किया गया था. खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता संरक्षण विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इन सभी संदिग्ध रजिस्ट्रेशन से एक भी खरीद नहीं की गई. यह गड़बड़ियां प्री-प्रोक्योरमेंट ऑडिट और राजस्व रिकॉर्ड, सिविल रजिस्ट्रेशन जैसे कई सरकारी डेटाबेस से मिलान के दौरान सामने आईं.
फर्जीवाड़ा करने वालों को सबक सिखाना
अधिकारियों ने बताया कि यह जांच इसलिए शुरू की गई थी ताकि सिस्टम की कमजोरियों को दूर किया जा सके और फर्जीवाड़ा करने वालों को बाहर किया जा सके. चूंकि, मध्य प्रदेश में MSP आसपास के राज्यों से ज्यादा है, इसलिए बाहर से सस्ता धान लाकर फर्जी पहचान के जरिए बेचने की कोशिशों का खतरा बढ़ गया था. इसलिए समय रहते इन संदिग्ध रजिस्ट्रेशन पर रोक लगाकर सरकार ने बड़े आर्थिक नुकसान से बचाव करने की पूरी कोशिश की है.
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Deepti Sharma, currently working with News18MPCG (Digital), has been creating, curating and publishing impactful stories in Digital Journalism for more than 6 years. Before Joining News18 she has worked with Re…और पढ़ें