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Dog Antim Sanskar Burhanpur: लोकल 18 की टीम ने जब गांव के भूषण महाजन और हेमंत पाटिल से बात की तो उन्होंने बताया कि गांव में भूषण महाजन ने बचपन से एक श्वान कुत्ते को पाल कर रखा था. सभी गांव के लोगों का उस से बड़ा लगाव हो गया था हर कोई गांव का व्यक्ति उसे खाने पीने के लिए देता था और घूमने के लिए ले जाता था इस श्वान की खासियत थी कि इस ने आज तक किसी को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया था.
मोहन ढाकले / बुरहानपुर: कहते हैं इंसान और जानवर के बीच का रिश्ता बोलता नहीं, लेकिन महसूस जरूर होता है. मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले के लोनी गांव में ऐसा ही एक भावुक नज़ारा देखने को मिला, जिसने हर किसी का दिल छू लिया. यहां एक पालतू कुत्ते की मौत के बाद न सिर्फ उसका विधि-विधान से अंतिम संस्कार किया गया, बल्कि उसकी तेरहवीं भी पूरे गांव ने मिलकर करवाई. यह आयोजन अब इलाके में चर्चा और प्रशंसा का विषय बना हुआ है.
शेरा… जो सिर्फ कुत्ता नहीं, परिवार का हिस्सा था
लोनी गांव में रहने वाले भूषण महाजन ने बचपन से एक कुत्ते को पाला था, जिसका नाम था शेरा. शेरा सिर्फ भूषण का नहीं, बल्कि पूरे गांव का चहेता बन गया था. गांव का हर व्यक्ति उसे खाना खिलाता, साथ घुमाने ले जाता और अपना समझता था. खास बात यह थी कि शेरा ने कभी किसी को नुकसान नहीं पहुंचाया, यही वजह थी कि हर कोई उससे बेहद जुड़ा हुआ था.
मौत के दिन गांव में नहीं जला चूल्हा
जब शेरा की अचानक मौत हुई, तो पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई. ग्रामीणों ने बताया कि उस दिन गांव का कोई भी व्यक्ति काम पर नहीं गया और किसी घर में चूल्हा तक नहीं जला. पूरे सम्मान के साथ शेरा की शव यात्रा निकाली गई और विधि-विधान से उसका अंतिम संस्कार किया गया. यह दृश्य देखकर हर किसी की आंखें नम हो गईं.
तेरहवीं पर गांव का सहभोज, 500 लोग हुए शामिल
शेरा की आत्मा की शांति के लिए आज उसकी तेरहवीं का कार्यक्रम आयोजित किया गया. लोनी के रामनगर क्षेत्र में सहभोज रखा गया, जिसमें करीब 500 से अधिक ग्रामीणों ने एक साथ बैठकर भोजन किया. पूजा-पाठ के बाद शेरा की आत्मा को शांति मिले, इसके लिए प्रार्थना की गई.
ग्रामीणों ने दिया मानवता का संदेश
ग्रामीणों का कहना है कि यह आयोजन इंसानियत और संवेदनशीलता का संदेश देता है. जैसे इंसान की मृत्यु पर सभी धार्मिक क्रियाएं की जाती हैं, वैसे ही शेरा के लिए भी सब कुछ किया गया. गांव वालों का कहना है कि शेरा सिर्फ जानवर नहीं था, वह गांव का सदस्य था. यही वजह है कि आज दूसरे गांवों में भी लोनी के लोगों की जमकर तारीफ हो रही है.
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Shweta Singh, currently working with News18MPCG (Digital), has been crafting impactful stories in digital journalism for more than two years. From hyperlocal issues to politics, crime, astrology, and lifestyle,…और पढ़ें