कुएं में शव, पुलिस बोली- वो लड़की लेकर भाग गया: पत्नी का आरोप- पुलिसकर्मी कहते थे पति ऐश कर रहा है, तुम भी खाओ-पीयो और ऐश करो – Shahdol News

कुएं में शव, पुलिस बोली- वो लड़की लेकर भाग गया:  पत्नी का आरोप- पुलिसकर्मी कहते थे पति ऐश कर रहा है, तुम भी खाओ-पीयो और ऐश करो – Shahdol News




“साहब! मेरे पति का शव कुएं में 8 दिन तक सड़ता रहा। पुलिस घर आकर कहती थी कि तुम्हारा पति किसी लड़की को लेकर भाग गया है। वहां ऐश कर रहा है। यहां तुम भी खाओ, पीओ और ऐश करो।” पुलिस के लिए यह गुस्सा शहडोल के पकरिया गांव में रहने वाली श्रद्धा भारिका का है। 22 जनवरी को उसके पति शिवपाल भारिया (31) का शव उसके घर से 800 मीटर दूर कुएं में मिला था। वह 14 जनवरी से लापता था। दूसरे दिन 15 जनवरी को परिजन ने केशवाही चौकी में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। परिजन का आरोप है कि पुलिस तत्परता दिखाती, तो शायद शिवपाल जिंदा होता। उल्टा लापता पति को ही गुनहगार बताती रही। घटना के बाद दैनिक भास्कर की टीम जिला मुख्यालय से करीब 50 किमी दूर पकरिया गांव पहुंची। यहां शिवपाल की पत्नी श्रद्धा भारिया, मां दमयंती, पिता महिपाल और पुलिस से बात कर मामले के बारे में जाना। पत्नी बोली- महिला का फोटो नहीं दिखाया
शिवपाल की बेसुध पत्नी श्रद्धा भारिया के सामने जैसे ही उसके पति की फोटो आई, वह उसे देखने के बाद फाड़ने लगी। लोगों ने पकड़ा तो बेहोश होकर गिर पड़ी। बार-बार यही कह रही थी कि पति की हत्या हुई है, लेकिन पुलिस हत्यारों को बचा रही है। श्रद्धा भारिया ने बताया कि पति गांव में ही संचालित कियोस्क सेंटर पर काम करता था। यह सेंटर सीताशरण शर्मा का है। रोजाना की तरह 14 जनवरी की शाम पति शिवपाल घर आया। मैंने खाना खाने के लिए बोला, लेकिन उसने नहीं खाया। रात करीब 8 बजे वह बस्ती की तरफ जा रहा हूं, कहकर निकल गया। इसके बाद वापस नहीं लौटा। रात भर उसकी तलाश करते रहे, लेकिन पता नहीं चला। दूसरे दिन रिश्तेदारों और परिचितों में तलाश किया, लेकिन नहीं मिला। इसके बाद शाम करीब 6:30 बजे केशवाही चौकी पर शिकायत दर्ज करवाई थी। दो दिन बाद दो पुलिसकर्मी घर आए। कहने लगे कि तुम लोग फालतू में परेशान हो। आराम से खाओ-पीओ और ऐश करो। तुम्हारा पति किसी लड़की को लेकर भाग गया है। वहां ऐश कर रहा है। जब हमने पूछा कि कौन-सी लड़की और कहां गया है, तो जवाब नहीं मिला। यह कहकर पुलिसकर्मी चले गए। रिपोर्ट दर्ज कराने के बाद पति को तलाशने की कोशिश नहीं की। तीन दिन बाद फिर दो पुलिसकर्मी घर आए। कहा- शिवपाल कमाने गया है। तुम लोग क्यों रो रहे हो। हंसो और तन के खाओ। रोते हुए श्रद्धा भारिया ने कहा, “अगर पुलिस तलाशती, तो शायद वह जिंदा होते। पुलिस ने गुमराह किया। यह कहते ही श्रद्धा बेसुध होकर गिर पड़ीं। दूसरे दिन हार्डवेयर दुकान के पास मिला मोबाइल
शिवपाल गांव में ही संचालित कियोस्क सेंटर पर काम करता था। परिवार में माता-पिता के अलावा पत्नी और बेटा-बेटी भी हैं। घटना के बाद परिवार सदमे में है। उसके पिता मदनलाल ने बताया कि गांव में ही सिया हार्डवेयर नाम की दुकान है। बेटा शिवपाल वहीं कियोस्क में काम करता था। लापता होने के बाद जब उसकी तलाश में जुटे थे, तभी हार्डवेयर दुकान के संचालक सियाराम ने बेटे का मोबाइल फोन घर पहुंचाया। उसने बताया कि शिवपाल का मोबाइल उसकी दुकान के पास पड़ा मिला है। शव मिलने के बाद परिजन ने सियाराम पर भी शक जताया है। मां बोली- कियोस्क में काम करना पड़ा भारी
शिवपाल की मां का भी रो रोकर बुरा हाल था। वह भी छोटे बेटे की मौत के बाद सदमे में है। उसका कहना है कि बेटे को कियोस्क सेंटर में काम करना भारी पड़ गया। बेटे की हत्या की गई है। सियाराम हार्डवेयर और महिला को पुलिस बचा रही है। यही नहीं, हमारे यहां प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घर बनवाया जा रहा है, जबकि पुलिस कहती है कि यह तुम्हारे बेटे की अवैध कमाई का हिस्सा है। पक्का घर कैसे बना। वह किसी की फोटो दिखा रहे थे, जब हम बोले कि हमको भी दिखाओ, तब नहीं दिखाया। बेटे को तलाशने की बजाय उसे ही गुनहगार बताते रहे। श्रद्धा और पिता मदनलाल ने बताया कि पुलिस कोरे कागज पर दस्तखत कराकर ले गई है। जब केशवाही चौकी में गुमशुदगी कराई थी, तो कागज में हाथ से लिखकर रिपोर्ट दे दिए। जब केशवाही पुलिस ने कार्रवाई नहीं की, तो 19 जनवरी को एसपी से शिकायत की थी। महिला से दिन में 50 बार से ज्यादा बार बात
पुलिस ने शिवपाल के मोबाइल की कॉल डिटेल निकाली। इसमें पता चला कि घटना से पहले एक ही नंबर पर 50 से ज्यादा बार बात हुई है। यह नंबर गांव की एक महिला का निकला। पुलिस ने महिला को पूछताछ के लिए बुलाया। हालांकि उसने बात करना तो स्वीकार किया, लेकिन घटना से जुड़े होने से इनकार कर दिया। फिलहाल पुलिस को भी ठोस सबूत नहीं मिला है। परिवार वालों ने महिला पर भी आरोप लगाया है। प्रशासन के आश्वासन के बाद माने लोग
गुस्साए लोगों ने गुरुवार दोपहर प्रदर्शन भी किया था। पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। समझाइश के बाद बमुश्किल परिजन शव का पोस्टमॉर्टम करवाने के लिए माने। गुस्साए लोगों ने हार्डवेयर संचालक पर हत्या का आरोप लगाया है। दूसरे दिन शुक्रवार को भी परिजन शव सड़क पर रखकर धरने पर बैठ गए। प्रशासन के आश्वासन के बाद माने और शव का अंतिम संस्कार किया गया। संदिग्ध महिला और हार्डवेयर संचालक से पूछताछ
जांच अधिकारी धनपुरी एसडीओपी विकास पाण्डेय का कहना है कि हर एंगल से मामले की जांच की जा रही है। जो शव कुएं में मिला है वह लगभग एक सप्ताह पुराना है। एफएसएल टीम को मौके पर बुलाया गया था। मृतक का मोबाइल मिला है, उसका सीडीआर निकलवाया गया है। संदिग्ध महिला के संपर्क में होने की बात सामने आई थी, पुलिस जांच कर रही है। सिया हार्डवेयर के संचालक सियाशरण से भी पूछताछ की जा रही है।



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