भोपाल में फाइव स्टार होटल जैसा ‘पेड’ ओल्ड एज होम: सीनियर सिटीजन की जरूरतों के हिसाब से डिजाइन,38490 से 49990 रुपए तक किराया; आज CM करेंगे लोकार्पण – Bhopal News

भोपाल में फाइव स्टार होटल जैसा ‘पेड’ ओल्ड एज होम:  सीनियर सिटीजन की जरूरतों के हिसाब से डिजाइन,38490 से 49990 रुपए तक किराया; आज CM करेंगे लोकार्पण – Bhopal News




मध्यप्रदेश के पहले पेड लग्जरी ओल्ड एज होम यानी वृद्धाश्रम की शुरुआत आज से होने जा रही है। 24 करोड़ रुपए से बने इस ओल्ड एज होम का लोकार्पण सीएम डॉ. मोहन यादव करेंगे। यहां कमरे की साइज के हिसाब से 38490 से 49990 रुपए तक किराया लगेगा। कॉल बेल, इंटरकॉम और टेलीफोन जैसी सुविधा हर कमरे में मिलेगी। वहीं, टीवी, फ्रीज-एयर कंडीशनल भी होंगे। यह फाइव स्टार जैसा है और किराया भी उसी हिसाब से है। ये ओल्ड एज होम ऐसे बुजुर्गों का आसरा बनेगा, जिनके बच्चे विदेश या मेट्रोपोलिटन शहर में जॉब करते हैं। इस कारण बुजुर्ग एकांकी जीवन व्यतीत कर रहे हैं और उनकी देखरेख करने वाला कोई नहीं है। आर्थिक संपन्नता होते हुए भी सामाजिक और परिवारिक वातावरण से दूर रहने के लिए मजबूर हैं। ओल्ड एज होम सामाजिक न्याय दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग ने बनाया है। लिंक रोड नंबर-1 पर 5 एकड़ में बना इतना किराया वृद्धाश्रम में रहने वाले बुजुर्गों को प्रतिमाह कमरे की साइज के अनुसार किराया देना पड़ेगा। एमपी में 83 वृद्धाश्रम
एमपी में सामाजिक न्याय दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग 83 वृद्धाश्रम संचालित कर रहा है। इनमें अभी 2 हजार 300 वृद्ध निवासरत हैं। यह सभी रहवासियों को नि:शुल्क रहने, भोजन, कपड़े, स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध है। बावजूद आर्थिक रूप से मजबूत वरिष्ठजनों के लिए यह पेड ओल्ड एज होम की पहल शुरू की गई है। सवालों के जवाब में जानते हैं जरूरी बातें…
1. यहां कौन रह सकता है और रहने के लिए सबसे पहले क्या करना होगा?
जवाब: ऐसे बुजुर्ग जिनकी उम्र 60 साल से ज्यादा है और वे शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ हैं, वे यहां रहने की पात्रता रखते हैं। यहां पहुंचने पर बुजुर्गों का रजिस्ट्रेशन होगा और उनका मेडिकल चेकअप किया जाएगा। यदि मेडिकल हिस्ट्री है तो उसे यहां मौजूद मेडिकल स्टाफ से शेयर करना होगा। 2. कितने लोगों के रहने की व्यवस्था है?
जवाब: यहां 56 बुजुर्ग एक साथ रह सकते हैं। आश्रम में 12 सिंगल और 22 डबल रूम है। सिंगल हो या डबल रूम सभी में लग्जरी सुविधाएं हैं। दोनों ही कमरों में सिटिंग एरिया हैं जहां सुंदर और आरामदायक फर्नीचर रखा है। कमरे में हर पलंग के साथ एक स्टडी टेबल है। साथ ही बुजुर्गों की आवश्यकता और सुविधा को ध्यान में रख कर बनाया गया अटैच्ड बाथरूम है। बाथरूम और कमरे में इमरजेंसी बेल भी लगी है। हर कमरे में एयरकंडीशनर, फ्रिज, माइक्रोवेव, ड्राई किचन, वार्डरोब और बालकनी है। 3. यहां रहने के लिए कितना शुल्क चुकाना होगा? मासिक या सालाना?
जवाब: यहां रहने के दो विकल्प है। यदि सिंगल रूम में कोई रहना चाहता है तो उसे 49 हजार 500 रुपए प्रति महीना किराया देना होगा। डबल रूम में पति- पत्नी, दो पुरुष बुजुर्ग या दो महिला बुजुर्ग एक साथ रह सकते हैं। डबल रूम का किराया दोगुना हो जाएगा। इसके अलावा रजिस्ट्रेशन के वक्त एक लाख रुपए सिक्योरिटी अमाउंट भी जमा करना होगा। ये पैसा आश्रम छोड़ने के बाद वापस मिल जाएगा। 4. यहां न्यूनतम और अधिकतम कितने समय के लिए रह सकते हैं?
जवाब: कम से कम एक महीना और अधिकतम की कोई सीमा नहीं है। बुजुर्ग उनकी इच्छानुसार जब तक चाहें, तब तक यहां रह सकते हैं। जो NRI हैं, यदि वे भारत आते हैं तो यहां कुछ महीने के लिए ठहर सकते हैं। यदि उनके परिजन शहर में नहीं है तो उनके लौटने तक आश्रम की सेवाएं ले सकते हैं। 5. खाने की क्या व्यवस्था रहेगी? कब क्या मिलेगा?
जवाब: वृद्धाश्रम में बुजुर्गों की उम्र और उनकी फिजिकल फिटनेस और एक्टिविटी के हिसाब से संतुलित और पौष्टिक खाने की सुविधा है। आश्रम की कैंटीन में ही ब्रेकफास्ट, लंच और डिनर बनेगा। लंच और डिनर के बीच अधिकतम 5 घंटे और डिनर और ब्रेकफास्ट में 14 घंटे का अंतर होगा। हर दिन का मेन्यू पहले से तय होगा। आपात स्थिति के लिए सूखा (नॉन-पेरिशेबल) खाना हमेशा उपलब्ध रहेगा। लंच-डिनर और नाश्ते के लिए एक डाइनिंग हॉल है। जहां 55 लोग बैठ सकते हैं। 6. यहां रहने वाले लोगों के हेल्थ का ध्यान कैसे रखा जाएगा? क्या रूटीन चेकअप के लिए अलग से शुल्क देना होगा?
जवाब: यहां रहने वाले बुजुर्गों के चेकअप के लिए एक डॉक्टर हफ्ते में एक बार विजिट करेंगे। आठ-आठ घंटे की शिफ्ट में तीन नर्स हमेशा बुजुर्गों की देखभाल के लिए मौजूद रहेंगी। इसके अलावा फिजियोथेरेपिस्ट, योग थेरेपिस्ट, डाइटिशियन, काउंसलर भी होंगे। रूटीन चेकअप के लिए कोई अलग शुल्क नहीं लगेगा। इमरजेंसी और रेगुलर केयर दोनों तरह की मेडिकल सुविधा आश्रम में होगी। 7. यदि हॉस्पिटल में भर्ती करने की जरूरत पड़ी उस स्थिति में क्या होगा?
जवाब: यदि किसी बुजुर्ग को मेडिकल कंडिशन में आश्रम से अस्पताल में भर्ती किया जाता है तो अस्पताल का सारा खर्च बुजुर्ग या उनके परिजन को करना पड़ेगा। इस खर्च की आश्रम की कोई जिम्मेदारी नहीं रहेगी। 8. परिवार के लोग आकर मिलना चाहें तो क्या व्यवस्था है?
जवाब: परिवार के लोग लाउन्ज में आकर मिल सकते हैं। वे कुछ घंटे गुजार सकते हैं, लेकिन किसी भी सदस्य को यहां रात गुजारने की परमिशन नहीं मिलेगी। परिवार के सदस्य बर्थडे या मैरिज एनिवर्सरी पर कार्यक्रम का आयोजन कर सकते हैं। 9. यहां रहने वालों के लिए बेसिक गाइड लाइन क्या है?
जवाब: बुजुर्गों को आश्रम में किसी तरह की रोक-टोक नहीं रहेगी। वे अपनी मर्जी से दिन बिता सकते हैं। किताबें पढ़ सकते हैं। आपस में बातचीत कर सकते हैं। आश्रम में कहीं भी टहल सकते हैं। वे बाहर जाकर शॉपिंग कर सकते हैं और दोस्तों और परिवार से जाकर भी मिल सकते हैं। आश्रम में वापस लौटने का एक निर्धारित समय तय किया है, तब तक उन्हें वापस लौटना होगा। 10. इस ओल्ड एज होम का संचालन कौन और कैसे करेगा?
जवाब: मध्यप्रदेश सरकार ने आश्रम चलाने की जिम्मेदारी सेवा भारती को दी है। सेवा भारती RSS का एक अनुषांगिक संगठन है, जो एमपी में 5 और आश्रम संचालित करता है। ये सभी मुफ्त है। इस आश्रम में जो बुजुर्ग रहेंगे उनके हर महीने का अमाउंट सेवा भारती को मिलेगा। जो सिक्योरिटी डिपॉजिट रहेगा, वो राशि मप्र सरकार को दी जाएगी। यह आश्रम के मैनेजमेंट, सुविधाओं और स्टाफ के वेतन पर खर्च होगी।



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