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Kela Chips Business Success Story: बुरहानपुर के युवक हर्षल लांडे ने MBA के बाद नौकरी छोड़ केला चिप्स का व्यवसाय शुरू किया. पीएमएफएमई योजना के तहत 35 लाख के लोन से खड़ी की फैक्ट्री. सिर्फ 6 महीने में 35 लाख रुपये का टर्नओवर कर दिखाया. 10 से ज्यादा लोगों को दे रहे हैं स्थानीय स्तर पर रोजगार. हर्षल की कहानी आज मध्यप्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुकी है.
मोहन ढाकले / बुरहानपुर: मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले के एक छोटे से इलाके शाहपुर से निकलकर एक युवक ने वो कर दिखाया, जो आज कई युवाओं के लिए मिसाल बन गया है. आमतौर पर MBA करने के बाद लोग बड़ी कंपनियों में नौकरी ढूंढते हैं, लेकिन हर्षल लांडे ने बिल्कुल अलग रास्ता चुना. उन्होंने तय किया कि वे खुद कुछ करेंगे और अपने इलाके के लोगों को रोजगार देंगे.
किसान के बेटे ने शुरू की केला चिप्स फैक्ट्री
शाहपुर निवासी किसान राम भाऊ लांडे के बेटे हर्षल लांडे ने MBA की पढ़ाई पूरी करने के बाद अपने ही क्षेत्र में केला चिप्स की फैक्ट्री शुरू की. पीएमएफएमई योजना के तहत 35 लाख रुपये का लोन लेकर उन्होंने इस व्यवसाय की नींव रखी. महज 31 साल की उम्र में शुरू किया गया यह काम आज लाखों रुपये का टर्नओवर कर रहा है.
छह महीने में ही 35 लाख का टर्नओवर
हर्षल बताते हैं कि फैक्ट्री शुरू हुए अभी ज्यादा वक्त नहीं हुआ, लेकिन सिर्फ 6 महीने में ही करीब 35 लाख रुपये का टर्नओवर हो चुका है. उनकी फैक्ट्री में अलग-अलग फ्लेवर के केला चिप्स तैयार किए जाते हैं, जिन्हें लोग खूब पसंद कर रहे हैं. खास बात यह है कि फैक्ट्री के लिए केला भी स्थानीय बाजार से ही खरीदा जाता है.
10 से ज्यादा लोगों को मिला रोजगार
हर्षल लांडे की फैक्ट्री में फिलहाल 10 से अधिक स्थानीय लोगों को रोजगार मिल रहा है. उनका कहना है कि उनके पिता खेती के जरिए लोगों को काम देते थे और अब वे खुद उद्योग लगाकर उसी परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं. उनका सपना है कि आने वाले समय में और ज्यादा लोगों को रोजगार दे सकें.
MP, महाराष्ट्र और गुजरात तक पहुंची पहचान
हर्षल की बनाई केला चिप्स की मांग अब मध्य प्रदेश के साथ-साथ महाराष्ट्र और गुजरात तक पहुंच चुकी है. इन चिप्स की खासियत यह है कि ये एक महीने तक खराब नहीं होतीं. कीमत की बात करें तो ₹200 किलो से लेकर ₹400 किलो तक चिप्स उपलब्ध हैं, जो क्वालिटी के हिसाब से लोगों को पूरी तरह पसंद आ रही हैं.
आत्मनिर्भर भारत की सोच से मिला हौसला
हर्षल मानते हैं कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आत्मनिर्भर भारत की सोच और सरकार की योजनाओं ने उन्हें आगे बढ़ने की हिम्मत दी. आज हर्षल खुद एक मॉडल युवा उद्यमी बन चुके हैं और उनकी कहानी से इलाके के कई युवा प्रेरित हो रहे हैं.
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Shweta Singh, currently working with News18MPCG (Digital), has been crafting impactful stories in digital journalism for more than two years. From hyperlocal issues to politics, crime, astrology, and lifestyle,…और पढ़ें