ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में शनिवार देर शाम दर्शन के लिए लगी लंबी कतार में खड़े एक श्रद्धालु की मौत हो गई। 40 वर्षीय बुबुल ओडिशा का रहने वाला था। लंबे समय तक लाइन में लगे रहने के कारण अचानक उसका ब्लड प्रेशर बढ़ा और तबीयत बिगड़ गई। उसे अस्पताल ले जाया जा रहा था, लेकिन उसने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। दोस्तों ने शव का पोस्टमॉर्टम कराने से इनकार कर दिया और शव लेकर रवाना हो गए। जानकारी के मुताबिक, मृतक बुबुल (40) एक निजी कंपनी में नौकरी करता था। वह अपने दोस्तों के साथ उज्जैन महाकाल मंदिर के दर्शन करने के बाद ओंकारेश्वर आया था। जेपी चौक से मंदिर की ओर जाने वाली कतार में वह खड़ा था। मंदिर परिसर के बाहर नर्मदा किनारे भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बनाए गए जिग-जैग (Zigzag) में अचानक उसे चक्कर आ गए। दोस्तों ने उसे तुरंत मंदिर परिसर स्थित क्लीनिक पर दिखाया, जहां से उसे सिविल अस्पताल रेफर कर दिया गया। दोस्तों ने लिखित में दिया- नहीं कराना पीएम ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर डॉ. वर्मा के अनुसार, बुबुल को मृत हालत में अस्पताल लाया गया था। डॉक्टर शव को मर्च्युरी में रखकर पोस्टमॉर्टम की तैयारी कर रहे थे, तभी दोस्तों ने पीएम कराने से इनकार कर दिया। उन्होंने लिखित में सहमति दी कि मौत ब्लड प्रेशर बढ़ने और घबराहट के कारण हुई है, इसलिए वे पीएम नहीं चाहते। रविवार को दोस्त शव को इंदौर से फ्लाइट के जरिए ओडिशा ले गए हैं। नर्मदा जयंती पर 1 लाख भक्त, मोरटक्का तक जाम इधर, रविवार को नर्मदा जयंती और वीकेंड होने के कारण ओंकारेश्वर में भारी भीड़ उमड़ी है। दोपहर 12 बजे तक करीब एक लाख श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच चुके थे। सुबह ग्राम कोठी तक जाम की स्थिति थी, जो दोपहर तक बढ़कर मोरटक्का तक पहुंच गई। जाम के कारण ओंकारेश्वर मंदिर ट्रस्ट के प्रबंधक ट्रस्टी राव पुष्पेंद्र सिंह भी फंस गए और दोपहर तक मंदिर नहीं पहुंच सके।
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