सतना जिले में स्थित धार्मिक नगरी चित्रकूट में रविवार को कांग्रेस ने विकास के नाम पर मठ-मंदिरों को तोड़ने और साधु-संतों के अपमान के विरोध में रैली निकालकर प्रदर्शन किया। कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव और चित्रकूट विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक नीलांशु चतुर्वेदी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने विशाल रैली निकाली। धरना प्रदर्शन के बाद 20 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा गया। धरना प्रदर्शन में मौजूद नीलांशु चतुर्वेदी ने क्षेत्र में व्याप्त भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि जो पार्टी खुद को सनातन संस्कृति और हिंदुओं का रक्षक बताती है, उसी के शासन में सनातन की दुर्दशा हो रही है। चतुर्वेदी ने आरोप लगाया कि एक तरफ हिंदू सम्मेलन आयोजित किए जाते हैं, तो दूसरी तरफ मंदिरों को तोड़ा जाता है। उन्होंने प्रयागराज में शंकराचार्य को धरने पर बैठने और उनके शिष्यों को घसीटे जाने का भी जिक्र किया। चतुर्वेदी ने कहा कि चित्रकूट में प्राचीन गौरीहार मंदिर सहित कई मठ-मंदिरों को तोड़ दिया गया है। विकास के नाम पर पुराने पेड़ों को भी काटा गया है। आरोप- चित्रकूट में भ्रष्टाचार चरम पर
पूर्व विधायक ने आरोप लगाया कि स्थानीय प्रशासन एक संस्था और कुछ लोगों के इशारों पर काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि नगर परिषद चित्रकूट में भ्रष्टाचार चरम पर है। पवित्र मंदाकिनी नदी गंदगी और प्रदूषण से प्रभावित है और हर जगह कमीशनखोरी का बोलबाला है। नीलांशु चतुर्वेदी ने भारतीय जनता पार्टी पर सड़क, नाली सहित सभी विकास कार्यों में कमीशन लेने का आरोप लगाया। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा गरीब, मजदूर और आदिवासी वर्ग की जमीनें छीनने का काम कर रही है। कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि भाजपा संविधान को खत्म करने का प्रयास कर रही है।
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