पद्म श्री 2026 में बैतूल के मोहन नागर! ‘जल पुरुष’ को जल संरक्षण के लिए मिला राष्ट्र सम्मान

पद्म श्री 2026 में बैतूल के मोहन नागर! ‘जल पुरुष’ को जल संरक्षण के लिए मिला राष्ट्र सम्मान


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बैतूल के मोहन नागर को पद्म श्री 2026 से सम्मानित किया गया है. वे जल संरक्षण के ‘जल पुरुष’ हैं और बैतूल में सैकड़ों कार्य कर चुके हैं. ग्राम बाचा को वाटर और सोलर विलेज बनाने में उनकी प्रमुख भूमिका रही. मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद के उपाध्यक्ष और भारत भारती शिक्षा संस्थान के सचिव हैं. पहले जल प्रहरी और भाऊराव देवरस सम्मान मिल चुका है. यह पद्म सम्मान उनके पर्यावरण योगदान को राष्ट्रीय मान्यता देता है.

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बैतूल के मोहन नागर को ‘जल पुरुष’ कहा जाता है, उन्होंने सैकड़ों जल संरक्षण कार्य किए हैं.

बैतूल. गणतंत्र दिवस 2026 की पूर्व संध्या पर भारत सरकार द्वारा पद्म पुरस्कारों की घोषणा ने देश के कई अनसंग हीरोज को राष्ट्रीय पहचान दी है. पद्म श्री 2026 की सूची में बैतूल जिले के मोहन नागर का नाम शामिल है, जिन्हें जल संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण में उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया है. वे ‘अनसंग हीरोज’ कैटेगरी में चुने गए हैं, जहां सामाजिक कार्य, पर्यावरण और जनकल्याण में चुपचाप काम करने वालों को सम्मान मिलता है. मोहन नागर वर्तमान में मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद के उपाध्यक्ष और बैतूल स्थित भारत भारती शिक्षा संस्थान के सचिव हैं. बैतूल में उन्हें ‘जल पुरुष’ कहा जाता है, क्योंकि उन्होंने जिले में सैकड़ों जल संरक्षण कार्य किए हैं, जिसमें ग्राम बाचा को वाटर और सोलर विलेज के रूप में राष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्धि दिलाने में उनकी प्रमुख भूमिका रही.

बैतूल से मोहन नागर को इससे पहले उन्हें जल प्रहरी अवार्ड और भाऊराव देवरस स्मृति सम्मान मिल चुका है. पद्म पुरस्कारों की इस लिस्ट में कुल 45+ अनसंग हीरोज शामिल हैं, जो स्वास्थ्य, कला, पर्यावरण और सामाजिक कार्य में योगदान दे रहे हैं. मोहन नागर का कार्य जल संकट वाले क्षेत्रों में प्रेरणा स्रोत है, जहां उन्होंने गांव स्तर पर जल संरक्षण मॉडल विकसित किए.

मोहन नागर का जीवन पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक सेवा का प्रतीक है, जहां उन्होंने बचपन से ही आरएसएस के समर्पित कार्यकर्ता के रूप में काम किया और जल संरक्षण को अपना मिशन बनाया. बैतूल जिले में उन्होंने तालाब, चेक डैम, वर्षा जल संचयन और भूजल संवर्धन के सैकड़ों प्रोजेक्ट चलाए, जिससे स्थानीय स्तर पर जल स्तर बढ़ा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत हुई. ग्राम बाचा को वाटर और सोलर विलेज बनाने में उनकी भूमिका सबसे महत्वपूर्ण रही, जो अब राष्ट्रीय मॉडल है.

मोहन नागर का कार्य दिखाता है कि सामुदायिक भागीदारी से जल संकट का समाधान संभव है. आज के जलवायु परिवर्तन के दौर में ऐसे प्रयास महत्वपूर्ण हैं, जहां सरकार और एनजीओ के साथ मिलकर वे मॉडल गांव विकसित कर रहे हैं. यह सम्मान बैतूल और मध्य प्रदेश के लिए गौरव का क्षण है, जो युवाओं को पर्यावरण सेवा के लिए प्रेरित करेगा. राजगढ़ से सांसद रोडमल नागर के भाई होने के नाते उनका राजनीतिक-सामाजिक बैकग्राउंड भी मजबूत है.

मोहन नागर का परिचय और योगदान
मोहन नागर बैतूल जिले के निवासी हैं और जल संरक्षण के क्षेत्र में ‘जल पुरुष’ के नाम से प्रसिद्ध हैं. वे मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद के उपाध्यक्ष और भारत भारती शिक्षा संस्थान के सचिव हैं. बचपन से आरएसएस के समर्पित कार्यकर्ता रहे हैं. पद्म श्री 2026 में उन्हें पर्यावरण संरक्षण के लिए सम्मानित किया गया है.

प्रमुख उपलब्धियां 

  • बैतूल जिले में सैकड़ों जल संरक्षण कार्य: तालाब निर्माण, चेक डैम, वर्षा जल संचयन और भूजल संवर्धन.
  • ग्राम बाचा को वाटर और सोलर विलेज बनाना: राष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्धि दिलाई.
  • जल प्रहरी अवार्ड: जल संरक्षण में उत्कृष्ट कार्य के लिए प्राप्त.
  • भाऊराव देवरस स्मृति सम्मान: जल संरक्षण एवं भू-जल संवर्धन के लिए 2024-25 में मिला.
  • सामाजिक सेवा: मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद के माध्यम से जन जागरण और शिक्षा प्रसार.

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Sumit verma

सुमित वर्मा, News18 में 4 सालों से एसोसिएट एडीटर पद पर कार्यरत हैं. बीते 3 दशकों से सक्रिय पत्रकारिता में अपनी अलग पहचान रखते हैं. देश के नामचीन मीडिया संस्‍थानों में सजग जिम्‍मेदार पदों पर काम करने का अनुभव. प…और पढ़ें

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