मोहन ढाकले/बुरहानपुर.मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले के नया मोहल्ला इलाके में रहने वाली 56 वर्षीय उमा नितिन दुबे की कहानी आज सैकड़ों महिलाओं के लिए मिसाल बन चुकी है. एक समय ऐसा भी था जब उनके पति का काम छूट गया था. घर की जिम्मेदारियां बढ़ती जा रही थीं, खर्च पूरे करना मुश्किल हो गया था और कोई खास सहारा भी नहीं था. ऐसे हालात में उमा ने हार मानने की बजाय खुद आगे बढ़ने का फैसला लिया.
₹10 हजार के लोन से शुरू हुआ पापड़ का सफर
उमा दुबे ने करीब 5 साल पहले, यानी साल 2020 में ₹10 हजार का छोटा सा लोन लिया और घर से ही पापड़ बनाने का काम शुरू कर दिया. शुरुआत आसान नहीं थी, लेकिन मेहनत और लगन के दम पर उन्होंने धीरे-धीरे अपने काम को पहचान दिलाई. आज वही छोटा सा पापड़ का बिजनेस उनकी जिंदगी बदल चुका है.
घर बैठे लाखों की कमाई
उमा आज अपने घर पर पापड़, कुड़ई, अचार और मसाले तैयार करती हैं. साथ ही कपड़े सिलाई का काम भी करती हैं, जिससे उनकी आमदनी और बढ़ जाती है. उनका कहना है कि वह सालाना 4 से 5 लाख रुपये तक की कमाई कर लेती हैं. खास बात यह है कि उनके बनाए पापड़ पूरी तरह घर के मसालों से तैयार होते हैं, इसी वजह से लोग उन्हें ऑर्डर देकर बनवाते हैं.
50 की उम्र में शुरू किया बिजनेस, नहीं मानी हार
उमा बताती हैं कि उन्होंने 50 साल की उम्र में इस बिजनेस की शुरुआत की थी. इस दौरान उन्हें कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी. उनके पति ने भी हर कदम पर उनका साथ दिया, जिससे उनका आत्मविश्वास और मजबूत हुआ. पिछले 5 सालों से वह लगातार पापड़ बेच रही हैं और आज उनके यहां 4 से 5 तरह के पापड़ तैयार किए जाते हैं, जिनकी कीमत ₹200 से ₹500 प्रति किलो तक है.
सरकारी योजनाओं का उठाया पूरा लाभ
उमा दुबे नगर निगम और सरकार की विभिन्न योजनाओं का समय-समय पर लाभ लेती रही हैं. उन्होंने बताया कि हाल ही में उन्हें ₹30 हजार का क्रेडिट कार्ड भी मिला है. वह अपनी रोज की कमाई के हिसाब से समय पर लोन की किस्त भरती रहती हैं, इसी वजह से उन्हें आगे भी आर्थिक सहायता मिलती रहती है. इससे उनके बिजनेस को आगे बढ़ाने में काफी मदद मिली है.
जिले की बनीं प्रेरणा दाई महिला
आज उमा दुबे सिर्फ खुद आत्मनिर्भर नहीं हैं, बल्कि जिले की कई महिलाएं उनसे प्रेरणा लेकर पापड़ और घरेलू उद्योग शुरू कर रही हैं. वह एक प्रेरणा दाई महिला के रूप में जानी जाने लगी हैं. उमा का मानना है कि अगर महिलाएं ठान लें तो घर बैठे भी सम्मानजनक कमाई कर सकती हैं और अपने परिवार को मजबूत सहारा दे सकती हैं.