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Shivpuri Unique Temple: स्थानीय निवासी केशव प्रसाद शर्मा ने लोकल 18 को बताया कि पहले भैरव बाबा मंदिर में जो भी श्रद्धालु शाम के समय पैसे मांगने की अर्जी लगाता था, उसे सुबह उतने ही पैसे एक पत्थर पर रखे हुए मिल जाते थे.
शिवपुरी. देश के अलग-अलग हिस्सों में भगवान अपने चमत्कारों के लिए जाने जाते हैं. कहीं बीमारी ठीक होने की मान्यता है, तो कहीं मनोकामनाएं पूरी होने की. मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में भी एक ऐसा ही अनोखा मंदिर है, जिसके बारे में कहा जाता है कि यहां लोगों को शादी या व्यापार के लिए बिना ब्याज के पैसा मिल जाया करता था. यह मान्यता आज भी स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है. स्थानीय लोगों के अनुसार, शिवपुरी जिले में भैरव बाबा का यह मंदिर है, जहां पहले लोग अपनी अर्जी में भगवान से पैसे मांगते थे, वह भी बिना ब्याज के. मान्यता यह थी कि जैसे ही भक्त शाम के समय अपनी अर्जी लेकर मंदिर में पहुंचते थे, उनकी अर्जी और मन्नत सुबह तक पूरी हो जाती थी. इस वजह से यह मंदिर लोगों के लिए काफी मददगार माना जाता था.
कैसे मिलते थे पैसे?
इसी गांव के केशव प्रसाद शर्मा लोकल 18 को बताते हैं कि पहले गांव में भैरव बाबा के मंदिर पर जो भी भक्त शाम के समय पैसे मांगने की अर्जी लगाते थे, उसे सुबह उतनी ही रकम एक पत्थर पर रखी हुई मिलती थी. यह पैसा भगवान की कृपा माना जाता था. लोग इस पैसे से अपनी जरूरतें पूरी करते थे, जैसे- शादी करना या व्यापार शुरू करना.
तय समय में लौटाया जाता था पैसा
यह परंपरा लंबे समय तक चलती रही. भक्त इस पैसे से अपना काम पूरा करने के बाद उतना ही पैसा वापस उसी स्थान पर रख आते थे. मंदिर में यह मान्यता थी कि पैसा एक निश्चित समय सीमा के लिए ही लिया जाएगा. भक्त भगवान के सामने समय तय करते थे और उसी समय सीमा के भीतर पैसा वापस कर देते थे.
वापस नहीं किए पैसे
केशव प्रसाद शर्मा आगे बताते हैं कि एक बार ऐसा हुआ कि एक व्यक्ति इसी स्थान से पैसे उधार लेकर गया. उसने जो समय सीमा तय की थी, उस समय में पैसे वापस नहीं किए. बाद में उसने यह कह दिया कि अब वह पैसे नहीं दे पा रहा है.
गधे की घटना और परंपरा का अंत
बताया जाता है कि वह व्यक्ति भैरव बाबा के स्थान पर जाकर गधा बांधकर चला गया. मंदिर के पास बांसों से गधे को बांध दिया गया था. इस घटना को लोगों ने भैरव बाबा का अपमान माना. इसके बाद से ही यह परंपरा धीरे-धीरे समाप्त हो गई और पूरी तरह बंद हो गई.
आज भी बनी हुई है आस्था
भैरव बाबा का यह मंदिर लोगों की आस्था का केंद्र है. हालांकि अब बिना ब्याज पैसे मिलने की वह पुरानी परंपरा खत्म हो चुकी है लेकिन बुजुर्ग आज भी उस समय को याद करते हैं, जब इस मंदिर से लोगों की बड़ी-बड़ी परेशानियां दूर हुआ करती थीं.
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राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.
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