पुलिस ने झाबुआ के तीन कुख्यात आरोपियों को गिरफ्तार किया।
खंडवा जिले के पुनासा में सराफा व्यापारी के साथ हुई डकैती का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने झाबुआ के कुख्यात गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार करते हुए उनके पास से करीब 71.5 लाख रुपए की ज्वैलरी, 1 लाख रुपए नकद, एक 12 बोर की देसी पिस्टल और 3 मोबाइ
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एसपी मनोज कुमार राय ने बताया कि 9 जनवरी की शाम करीब 7 बजे पुनासा स्थित कृष्णा ज्वेलर्स पर 6-7 बदमाशों ने हथियार के बल पर धावा बोला था। बदमाश सोने-चांदी के आभूषणों से भरे दो बैग लूटकर फरार हो गए थे। वारदात के दौरान उन्होंने मारपीट और फायरिंग भी की थी। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की। 19 दिन तक पुलिस की 3 टीमों में शामिल 27 पुलिसकर्मियों ने आरोपियों की तलाश की।
12 गैंग पर थी नजर, ऐसे पकड़े गए
वारदात के तरीके के आधार पर पुलिस ने 12 संगठित गिरोहों को चिह्नित किया था। जांच में पता चला कि झाबुआ की ‘सकरिया-रतन गैंग’ घटना के समय अपने क्षेत्र से गायब थी। इसके बाद पुलिस ने झाबुआ में गुप्त रूप से टीमें तैनात कीं। जैसे ही आरोपियों की मूवमेंट मिली, पुलिस ने घेराबंदी कर तीन बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया।
सकरिया और रतन समेत 3 गिरफ्तार
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सकरिया पिता झीतरा वसुनिया (46), रतन पिता नाहर उर्फ नारू (45) और विनोद पिता धन्ना उर्फ धनसिंह डामोर (34) के रूप में हुई है। ये सभी झाबुआ जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों के निवासी हैं। इनके कब्जे से 500 ग्राम सोने के आभूषण और हथियार जब्त किए गए हैं।
हत्या-लूट के कई केस दर्ज
पुलिस जांच में सामने आया कि गिरफ्तार आरोपी आदतन और संगठित अंतरराज्यीय अपराधी हैं। इनके खिलाफ मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र और गुजरात में हत्या, डकैती और लूट जैसे गंभीर अपराधों के एक दर्जन से अधिक मामले दर्ज हैं। कार्रवाई में नर्मदानगर टीआई विकास खिंची और पुनासा चौकी प्रभारी राजेंद्र सय्यदे की अहम भूमिका रही। एसपी ने टीम को 10 हजार रुपए नकद इनाम देने की घोषणा की है।