देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग (आईईटी) में रैगिंग का एक और मामला सामने आया है। डी-होस्टल में रहने वाले बीटेक प्रथम वर्ष के छात्रों की शिकायत के बाद द्वितीय वर्ष के छात्रों के खिलाफ जांच प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जूनियर्स का आरोप है कि सीनियर छात्र उन्हें जबरन सिगरेट पीने के लिए मजबूर करते हैं। मना करने पर उन्हें ‘बैच आउट’ कर देने की धमकी दी जाती है। बैच आउट किए गए छात्रों को शैक्षणिक और सांस्कृतिक गतिविधियों से अलग रखा जाता है। उनसे सिर झुकाकर बात करने और हाथ जोड़कर रहने को कहा जाता है। शिकायत में यह भी सामने आया है कि इस तरह की हरकतों में कुछ प्रथम वर्ष के छात्र भी शामिल हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए संस्थान ने एंटी रैगिंग कमेटी की बैठक बुलाई है। जांच के दौरान कुछ सीनियर छात्रों के नाम भी उजागर हुए हैं। सूत्रों के अनुसार, आरोपियों में से कुछ को एक साल के लिए निष्कासित किया जा सकता है, जबकि कुछ को टीसी देने की तैयारी की जा रही है। टीसी देने की कवायद चल रही जानकारी के अनुसार पहले मामले में सिर्फ एक छात्र ने फोन के जरिए प्रबंधन को शिकायत की थी। लेकिन जब संस्थान ने बैठक बुलाई और सभी जूनियर्स से अलग अलग बात की तो 7 से 8 जूनियर्स ने रैगिंग की बात मान ली। इधर, लगातार रैगिंग के मामले सामने आने पर प्रबंधन की चिंता बढ़ गई है। इस बार सख्त कार्रवाई की तैयारी है। सीनियर्स को एक साल के लिए संस्थान से बाहर करने और कुछ छात्रों को टीसी देने की कवायद चल रही है। क्या है बैच इन, आउट सीनियर्स बैच इन छात्रों को सारे कार्यक्रमों में शामिल करते हैं। उनका सहयोग करते हैं। लेकिन बैच आउट के छात्रों को बात बात पर होस्टल में परेशान किया जाता है। सांस्कृतिक और एकेडमिक कार्यक्रमों से दूर रखा जाता है। लगातार सामने आ रहे रैगिंग के मामले
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