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लोकल 18 की टीम को आर्मी के जवान शुभम महाजन ने जानकारी देते हुए बताया कि मेरे पिताजी प्रोसेस में मजदूरी करते हैं. मैंने काफी मेहनत की मेरा बचपन से ही देश की सेवा करने का सपना देखा था मैंने कड़ी मेहनत की तो मुझे सफलता मिली है. 2019 में आर्मी में मेरा सिलेक्शन हो गया अभी मैं हाल फिलहाल में पुलवामा में अपनी सेवा दे रहा हूं. शुभम यह भी बताता है कि मुझे
मोहन ढाकले / बुरहानपुर. कहते हैं अगर इरादे मजबूत हों और मेहनत सच्ची हो, तो हालात कितने भी मुश्किल क्यों न हों, रास्ता निकल ही आता है. इस बात को सच कर दिखाया है मध्यप्रदेश के बुरहानपुर जिले के आलमगंज में रहने वाले शुभम महाजन ने. मजदूरी करने वाले पिता का यह बेटा आज भारतीय सेना में देश की सेवा कर रहा है और फिलहाल पुलवामा में तैनात है.
पिता मजदूर, हालात मुश्किल लेकिन हौसले मजबूत
शुभम के पिता रमेश महाजन साइजिंग फैक्ट्री में मजदूरी करते हैं. घर की आर्थिक स्थिति कभी भी मजबूत नहीं रही. बावजूद इसके शुभम ने हालात को अपनी कमजोरी नहीं बनने दिया. सीमित संसाधनों के बीच उन्होंने बीबीए की पढ़ाई पूरी की और साथ ही भारतीय सेना में जाने का सपना भी जिंदा रखा.
बचपन से था देशभक्ति का जुनून
शुभम बताते हैं कि उन्हें बचपन से ही देशभक्ति का जुनून था. सेना की वर्दी पहनकर देश की सेवा करने का सपना उन्होंने बहुत पहले देख लिया था. पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने पूरी तरह आर्मी की तैयारी में खुद को झोंक दिया. परिवार और दोस्तों ने भी हर कदम पर उनका साथ दिया.
2019 में हुआ आर्मी में सिलेक्शन
लोकल 18 से बातचीत में आर्मी जवान शुभम महाजन बताते हैं कि 2019 में उनका भारतीय सेना में चयन हुआ. आज वह गर्व के साथ देश की सेवा कर रहे हैं. शुभम मानते हैं कि यह सफर आसान नहीं था. कई बार मेहनत के बावजूद निराशा हाथ लगी, सपने टूटते नजर आए, लेकिन परिवार का भरोसा उनकी ताकत बना.
बीबीए के साथ आर्मी की तैयारी
शुभम ने बुरहानपुर से बीबीए की पढ़ाई पूरी की और उसके बाद छह महीने तक आर्मी की कोचिंग की. इसके साथ ही वह रोजाना स्थानीय ग्राउंड पर दौड़ लगाते थे, सुबह जल्दी उठकर एक्सरसाइज करते थे और खुद को शारीरिक व मानसिक रूप से मजबूत बनाते थे. इसी निरंतर मेहनत का नतीजा आज सबके सामने है.
युवाओं को दिया खास संदेश
शुभम कहते हैं कि मेरे लिए यह सफर संघर्षों से भरा रहा, लेकिन मैंने हार नहीं मानी. आज मैं देश की सेवा कर पा रहा हूं, यही मेरी सबसे बड़ी सफलता है. उन्होंने युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि मेहनत और धैर्य कभी बेकार नहीं जाता. अगर लक्ष्य साफ हो और कोशिश ईमानदार हो, तो सफलता जरूर मिलती है.
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Shweta Singh, currently working with News18MPCG (Digital), has been crafting impactful stories in digital journalism for more than two years. From hyperlocal issues to politics, crime, astrology, and lifestyle,…और पढ़ें