पूर्णिमा पर जन्मे बच्चों का कैसा होता है भाग्य, कौन सी राशि सबसे भाग्यशाली?

पूर्णिमा पर जन्मे बच्चों का कैसा होता है भाग्य, कौन सी राशि सबसे भाग्यशाली?


Last Updated:

Magh Purnima 2026: आचार्य आनंद भारद्वाज ने लोकल 18 को बताया कि पूर्णिमा के दिन जन्मे लोगों में भावनाओं को समझने की अच्छी क्षमता होती है. ये लोग अपने रिश्तों के प्रति सच्चे और पूरी निष्ठा से जुड़े रहते हैं.

उज्जैन. सनातन धर्म में माघ मास को तपस्या, सेवा और पुण्य संचय का अत्यंत पावन काल माना गया है. इस माह की पूर्णिमा तिथि को शास्त्रों में विशेष फलदायी बताया गया है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, माघ पूर्णिमा के दिन गंगा समेत पवित्र नदियों में स्नान करने से जन्म-जन्मांतर के दोष दूर होते हैं और पुण्य का संचय होता है. इस तिथि पर जन्मे लोगों में मानसिक संतुलन, मन की शांति और एक अलग तरह का स्वाभाविक आकर्षण पाया जाता है. मान्यताओं के अनुसार, पूर्णिमा के दिन चंद्रमा अपनी संपूर्ण शक्ति में रहता है, जिसका गहरा असर व्यक्ति की सोच, प्रकृति और जीवन की दिशा पर पड़ता है. इसी वजह से पूर्णिमा में जन्म लेना शुभ और सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है.

उज्जैन के आचार्य आनंद भारद्वाज के अनुसार, चंद्रमा मन और भावनाओं से जुड़ा ग्रह माना जाता है, इसलिए पूर्णिमा के दिन जन्म लेने वाले लोग स्वभाव से संवेदनशील, समझदार और मन से शांत होते हैं. उनमें दया, अपनापन और भावनाओं को समझने की अच्छी क्षमता होती है. ऐसे लोग दूसरों की बातों और भावनाओं को जल्दी समझ लेते हैं और हर स्थिति को संतुलन के साथ देखने की कोशिश करते हैं.

कब है माघ पूर्णिमा?
वैदिक पंचांग के अनुसार, माघ माह के शु​क्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि 1 फरवरी रविवार के दिन सुबह 05 बजकर 52 मिनट पर शुरू होगी. वहीं इस तिथि का समापन 2 फरवरी को सोमवार के दिन तड़के 3 बजकर 38 मिनट पर हो जाएगा. सूर्योदय के समय पू​र्णिमा तिथि 1 फरवरी को विद्यमान रहेगी, इसलिए इस साल माघ पूर्णिमा 1 फरवरी को मनाई जाएगी.

पूर्णिमा पर जन्मे बच्चे का भाग्य
आचार्य आनंद भारद्वाज ने बताया कि पूर्णिमा के दिन जन्मे लोगों में भावनाओं को समझने की गहरी क्षमता होती है. ये अपने रिश्तों के प्रति सच्चे और पूरी निष्ठा से जुड़े रहते हैं. स्वभाव से शांत और विनम्र होने के बावजूद, जरूरत पड़ने पर ये ठोस और सही फैसले लेने में भी पीछे नहीं रहते. इन लोगों में रचनात्मक सोच भरपूर होती है, जिसके कारण ये संगीत, लेखन, कला या उपचार से जुड़े कार्यों की ओर सहज रूप से आकर्षित होते हैं. इसके साथ ही कई जातकों में आध्यात्मिक रुचि भी देखने को मिलती है. ध्यान, पूजा-पाठ और आत्ममंथन इनके जीवन का स्वाभाविक हिस्सा बन जाता है, जो इन्हें मानसिक संतुलन और शांति प्रदान करता है.

पूर्णिमा में जन्म पर भाग्यशाली राशियां
उन्होंने आगे बताया कि ज्योतिषीय दृष्टि से चंद्रमा का प्रभाव कुछ राशियों पर विशेष रूप से अधिक होता है. चंद्रमा मन, भावनाओं और संवेदनाओं का कारक ग्रह है, इसलिए जिन राशियों पर इसका सीधा या मजबूत प्रभाव पड़ता है, उन्हें पूर्णिमा का अतिरिक्त लाभ मिलता है. इनमें वृषभ, कर्क और मीन राशि प्रमुख मानी जाती हैं. कर्क राशि चंद्रमा की स्वामित्व वाली राशि है, जिससे इसे मानसिक शांति और भावनात्मक स्थिरता प्राप्त होती है. वहीं वृषभ और मीन राशि के जातकों को पूर्णिमा के प्रभाव से सौभाग्य, रचनात्मकता और आध्यात्मिक उन्नति के अवसर मिलते हैं.

About the Author

Rahul Singh

राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.

homemadhya-pradesh

पूर्णिमा पर जन्मे बच्चों का कैसा होता है भाग्य, कौन सी राशि सबसे भाग्यशाली?

Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी, राशि-धर्म और शास्त्रों के आधार पर ज्योतिषाचार्य और आचार्यों से बात करके लिखी गई है. किसी भी घटना-दुर्घटना या लाभ-हानि महज संयोग है. ज्योतिषाचार्यों की जानकारी सर्वहित में है. बताई गई किसी भी बात का Local-18 व्यक्तिगत समर्थन नहीं करता है.



Source link