पटना. बिहार क्रिकेट के लिए 2025-26 का सीजन सुनहरे अक्षरों में दर्ज हो गया. इस ऐतिहासिक सफर में बिहार की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए रणजी ट्रॉफी और विजय हजारे ट्रॉफी दोनों में खिताब अपने नाम किया और एलीट ग्रुप में जगह बनाई. टीम की इस कामयाबी में पटना के रहने वाले पीयूष कुमार सिंह का योगदान खास रहा. विजय हजारे ट्रॉफी में उन्होंने सभी टीमों की तुलना में सबसे ज्यादा रन बनाकर टीम को मजबूती दी.
वहीं रणजी ट्रॉफी में उन्हें सिर्फ एक ही मैच खेलने का अवसर मिला, लेकिन वह मुकाबला फाइनल का था. इसी बड़े मैच में पीयूष ने दोहरा शतक जड़कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया. शानदार शॉट सिलेक्शन और संतुलित बल्लेबाजी के चलते साथी खिलाड़ी और क्रिकेट प्रेमी उन्हें क्लासी बल्लेबाज कहकर पुकारते हैं.
पापा के सामने जड़ा दोहरा शतक, किया डेडिकेट
रणजी ट्रॉफी का खिताब जीतने के बाद पीयूष कुमार सिंह ने लोकल 18 से खास बातचीत की. उन्होंने बताया कि इस सीजन रणजी ट्रॉफी में यह उनका पहला मुकाबला था और खास बात यह रही कि उनके पिता भी स्टेडियम में मौजूद थे.
पीयूष ने कहा कि जब उन्होंने पहली बार अपने पिता से क्रिकेटर बनने की इच्छा जाहिर की थी, तब पिता ने पूरा भरोसा जताते हुए कहा था कि अगर यही तुम्हारी इच्छा है तो इसी क्षेत्र में आगे बढ़ो. परिवार का पूरा सहयोग मिलेगा.
पापा को सामने देख आया कांफिडेंस
फाइनल मुकाबले में पिता को सामने देखकर उनका आत्मविश्वास और जोश दोनों चरम पर था. मैच को लेकर उन्होंने बताया कि वह पूरी तरह बल्लेबाजी पर फोकस करके मैदान में उतरे थे. पहली पारी में भले ही बड़ी पारी नहीं खेल पाए, लेकिन दूसरी पारी में उन्होंने खुद को संभाला और शानदार बल्लेबाजी करते हुए दोहरा शतक जड़ दिया. इसमें उन्होंने 21 चौके जड़े.
पीयूष के लिए यह पारी कई मायनों में बेहद खास रही. यह उनके करियर का पहला दोहरा शतक था और वह भी अपने पिता की मौजूदगी में. उन्होंने अपने इस शतक को माता-पिता को डेडिकेट किया. उन्होंने इसे अब तक की सबसे बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि यह लम्हा वह जिंदगी भर नहीं भूल पाएंगे.
ईशान किशन को देख ज्वाइन की क्रिकेट एकेडमी
पीयूष कुमार सिंह ने अपने क्रिकेट के सफर को याद करते हुए बताया कि उन्होंने 2009-10 में ही लेदर बॉल से खेलना शुरू कर दिया था. टीवी पर सचिन तेंदुलकर की बल्लेबाजी देखकर वह काफी प्रभावित हुए और तभी से उनके खेल को अपना आदर्श मान लिया.
उन्होंने बताया कि वह उसी स्कूल में पढ़ते थे, जहां से ईशान किशन ने भी पढ़ाई की है. ईशान को एकेडमी जाते देख उन्हें क्रिकेट एकेडमी के बारे में जानकारी मिली. इसके बाद उन्होंने भी वहां दाखिला लिया. यहीं से उन्होंने क्रिकेट की बारीकियां सीखनी शुरू कीं और धीरे-धीरे उनके करियर का रास्ता तय होता चला गया. उनका रणजी ट्रॉफी में डेब्यू 2023 के सीजन में हुआ था और मौजूदा सीजन उनके करियर का तीसरा रणजी सीजन रहा.
विजय हजारे में जड़ा सबसे ज्यादा रन
विजय हजारे ट्रॉफी के प्लेट ग्रुप में शामिल सभी टीमों के बीच पीयूष कुमार सिंह का प्रदर्शन सबसे अलग नजर आया. उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा रन बनाकर खुद को टॉप स्कोरर साबित किया.
पीयूष ने 5 मुकाबलों में 300 रन अपने नाम किए, जिसमें उनका सर्वोच्च स्कोर 100 रन रहा. इस दौरान उनके बल्ले से एक शानदार शतक और दो अर्धशतक निकले. आक्रामक और संतुलित बल्लेबाजी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने 34 चौके और 3 छक्के जड़कर गेंदबाजों पर दबदबा बनाए रखा.