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Crop Damage: गुना में अचानक हुई ओलावृष्टि और बेमौसम बारिश ने किसानों की कमर तोड़ दी है. गेहूं और धनिया की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है. खासकर धनिया की फसल सबसे ज्यादा खराब हुई है. कई गांवों में 100 प्रतिशत तक नुकसान हुआ है.
Guna News. जिले में मंगलवार को हुई अचानक ओलावृष्टि ने अन्नदाता की कमर तोड़कर रख दी है. बेमौसम बारिश और गिरे ओलों ने खेतों में खड़ी गेहूं और धनिया की लहलहाती फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है, जिससे किसानों की चिंताएं गहरा गई हैं. सबसे अधिक प्रभाव ‘एक जिला-एक उत्पाद’ योजना के तहत गुना की पहचान माने जाने वाले धनिया की फसल पर पड़ा है. जिले के दर्जनों गांवों में फसलें आड़ी हो गई हैं और ओलों की मार से फूल व दाने झड़ गए हैं.
इस प्राकृतिक आपदा के बीच बमौरी विधानसभा क्षेत्र के विधायक इंजी. ऋषि अग्रवाल ने प्रशासन और सरकार से संवेदनशीलता बरतने की अपील की है. विधायक के अनुसार पाटन, विशनवाड़ा, सलैया, भोंटपुरा, किलामपुर, डोंगरी और फतेहगढ़ क्षेत्र के करीब 25 से 30 गांवों में भारी तबाही हुई है. विधायक ने कहा कि किसान पहले ही खरीफ की फसल खराब होने की मार झेल चुके थे और उन्हें इस रबी सीजन से काफी उम्मीदें थीं, लेकिन अब वे पूरी तरह हताश हैं. उन्होंने मांग की है कि जिन किसानों ने फसल बीमा कराया है, उन्हें बीमा कंपनी से लाभ दिलाया जाए और जिन्होंने बीमा नहीं कराया है, उन्हें आरबीसी के नियमों के तहत उचित मुआवजा राशि दी जाए. विधायक खुद प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर किसानों की समस्याओं का जायजा ले रहे हैं.
किसानों को मिलेगा मुआवजा!
मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल ने भी सक्रियता दिखाई है. उन्होंने स्वीकार किया कि फतेहगढ़ और म्याना क्षेत्रों से ओलावृष्टि के वीडियो और प्रारंभिक सूचनाएं प्राप्त हुई हैं. कलेक्टर ने कृषि और राजस्व विभाग की संयुक्त टीमों को तत्काल नुकसान का सर्वे करने के निर्देश जारी कर दिए हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन किसानों की 25 प्रतिशत से अधिक फसल प्रभावित हुई है, उन्हें आरबीसी के प्रावधानों के अनुसार मुआवजा दिया जाएगा.
गौरतलब है कि इस साल गुना जिले में गेहूं का रकबा बीते वर्ष की तुलना में 20 हेक्टेयर अधिक रहा है, वहीं जिले की मुख्य पहचान धनिया की फसल को इस ओलावृष्टि से सबसे ज्यादा चपत लगी है. प्रशासन अब नुकसान के सटीक आंकलन में जुट गया है ताकि प्रभावित किसानों को समय रहते आर्थिक राहत पहुंचाई जा सके. गुना जिले के फतेहगढ़ क्षेत्र के कई गांव में सो प्रतिशत धनिया की फसल तबाह हो गई है. मध्य प्रदेश के राजस्व मंत्री करण वर्मा ने ऐसे किसान जिनका 100% नुकसान हो गया है उन्हें 16000 रुपए प्रति हेक्टेयर देने के निर्देश दिए हैं.
उज्जैन में प्रशासन ने खराब हुई फसलों का सर्वे भी शुरू करवाया.
उज्जैन में भी गेहूं की फसल को भारी नुकसान
उज्जैन जिले में मंगलवार शाम मौसम ने किसानों की कमर तोड़ दी. तराना, घट्टिया और महिदपुर तहसील के कई गांवों में तेज आंधी-बारिश के साथ हुई ओलावृष्टि ने खेतों में खड़ी गेहूं की फसल को भारी नुकसान पहुंचाया है. प्रशासन की ओर से खराब हुई फसलों का सर्वे भी शुरू करवा दिया गया है, क्योंकि मुख्यमंत्री ने भी स्पष्ट किया है कि ओलावृष्टि से प्रभावित किसी भी किसान को नुकसान नहीं होने दिया जाएगा और सर्वे रिपोर्ट के आधार पर मुआवजा दिया जाएगा.
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Dallu Slathia is a seasoned digital journalist with over 7 years of experience, currently leading editorial efforts across Madhya Pradesh and Chhattisgarh. She specializes in crafting compelling stories across …और पढ़ें