विशाखापट्टनम में रिंकू सिंह का फील्डिंग शो! बल्ले से नहीं, हाथों से किया कमाल

विशाखापट्टनम में रिंकू सिंह का फील्डिंग शो! बल्ले से नहीं, हाथों से किया कमाल


नई दिल्ली. विशाखापट्टनम की पिच पर न्यूजीलैंड पूरी तरह सेट था, स्कोरबोर्ड 100 रन दिखा रहा था, विकेट सिर्फ एक गिरा था और भारतीय गेंदबाज दबाव में नजर आ रहे थे.  ऐसा लग रहा था कि कीवी बल्लेबाज अब इस मुकाबले को दूर ले जाएंगे लेकिन टी20 क्रिकेट में एक पल, एक कैच और एक खिलाड़ी पूरा मैच पलट सकता है और इस मैच में वो खिलाड़ी था रिंकू सिंह.

जिसे लोग आमतौर पर आखिरी ओवरों का फिनिशर मानते हैं, उसने चौथे टी20 में बल्ले से नहीं, फील्डिंग से न्यूजीलैंड की कमर तोड़ दी. बाउंड्री लाइन पर बिजली जैसी फुर्ती, हवा में लटकते कैच और हर मौके पर अचूक पकड़  रिंकू सिंह ने दिखा दिया कि बड़े खिलाड़ी सिर्फ रन नहीं बनाते, मैच की लय भी बदलते हैं.

कैचिंग के किंग रिंकू सिंह 

चौथे टी-20 में पहले चार कीवी विकेटों में से तीन सीधे रिंकू सिंह के हाथों आए.  कॉनवे, सीफर्ट, ग्लेन फिलिप्स और फॉक्स एक के बाद एक बल्लेबाज लौटते गए और 100/1 पर मजबूत दिख रही न्यूजीलैंड की पारी अचानक लड़खड़ा गई.  वो पल जहां से मुकाबला भारत की पकड़ में आ गया, वो किसी छक्के या यॉर्कर से नहीं, बल्कि रिंकू के हाथों से लिखा गया. विशाखापट्टनम की इस शाम ने एक बार फिर साबित कर दिया कि टी20 क्रिकेट में हीरो सिर्फ स्ट्राइक रेट से नहीं, सेफ हाथों से भी बनते हैं.

रिंकू ने रिकॉर्ड की बराबरी की

बाउंड्री लाइन पर खड़ा एक शांत चेहरा, लेकिन हाथों में बिजली चौथे टी20 में रिंकू ने वो कर दिखाया जो अक्सर स्कोरबोर्ड में नहीं चमकता, लेकिन मैच की दिशा तय कर देता है और फील्डिंग से बना देता है रिकॉर्ड. 12 साल 2014 में  इंग्लैंड के खिलाफ ऐजबेस्टन में अजिंक्य रहाणे ने 4 कैच पकड़ा था और अब 2026 में रिंकू सिंह ने ये कारनामा कर दिखाया.

रोहित हैं नंबर 1 फील्डर 

भारतीय कप्तान रह चुके रोहित शर्मा ने 2007 से 2024 के बीच 159 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले और इतने ही पारियों में 65 कैच लपके. स्लिप से लेकर डीप मिडविकेट और कवर तक, रोहित ने हर पोजिशन पर खुद को भरोसेमंद साबित किया है. उनकी कैचिंग न सिर्फ सुरक्षित रही है, बल्कि दबाव के क्षणों में भी उन्होंने कई अहम मौके भुनाए हैं. दूसरे स्थान पर हार्दिक पांड्या हैं, जो 2016 से 2026 के बीच भारत के लिए टी20 क्रिकेट में अहम ऑलराउंडर बन चुके हैं. हाल ही में न्यूजीलैंड के खिलाफ मैच में 3 कैच पकड़कर हार्दिक ने 126 मैचों में 60 कैच पूरे कर लिए हैं. उनकी खासियत यह रही है कि वह बाउंड्री लाइन के पास मुश्किल कैच लेने में माहिर हैं. लंबी छलांग और तेज रिफ्लेक्स उन्हें इस फॉर्मेट का बेहतरीन फील्डर बनाते हैं.



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