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Farmer Success Story: खरगोन के एक किसान की कहानी आज मिसाल बन चुकी है. निजी कंपनी में अच्छी नौकरी छोड़कर खेती को अपनाने वाले नितिन मालाकार ने यह साबित कर दिया कि सही तकनीक, मेहनत और सोच से खेती भी बड़ा रोजगार बन सकती है. आज वे आधुनिक तरीके से हर साल लाखों की कमाई कर रहे हैं.
ये कहानी खरगोन जिले के महेश्वर निवासी नितिन मालाकार की है, जो पहले एक बड़ी कंपनी में इंजीनियर के पद पर कार्यरत थे. उन्होंने इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन में बीई की पढ़ाई की थी. पढ़ाई पूरी करने के बाद वे महाराष्ट्र के अलीबाग और पुणे में करीब 12 साल तक नौकरी करते रहे.

नौकरी के दौरान नितिन मालाकार को हर महीने लगभग 90 से 95 हजार रुपये की सैलरी मिलती थी. अच्छी आय और सुरक्षित नौकरी के बावजूद उनका मन खेती की ओर अधिक लगने लगा. वे अक्सर सोचते थे कि अपने गांव लौटकर कुछ नया किया जाए.

पुणे में रहते हुए उन्होंने आधुनिक खेती और पॉली हाउस तकनीक को नजदीक से देखा. वहां से उन्हें प्रेरणा मिली कि अगर सही तरीके से खेती की जाए तो यह भी अच्छा व्यवसाय बन सकता है. इसी सोच के साथ उन्होंने नौकरी छोड़ने का बड़ा फैसला लिया.
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Local18 से बातचीत में नितिन ने बताया कि, साल 2020-21 में उन्होंने महेश्वर में अपनी एक एकड़ जमीन पर पॉली हाउस तैयार कराया. इसके लिए मध्य प्रदेश उद्यानिकी विभाग से जानकारी ली और नेशनल हॉर्टिकल्चर बोर्ड में आवेदन किया. इसके बाद उन्होंने बैंक से 40 लाख रुपये का लोन लिया, जिसमें उन्हें 28 लाख रुपये की सब्सिडी भी मिली.

पॉली हाउस में उन्होंने हॉलैंड की उन्नत किस्म के गुलाब के पौधे लगाए. इनमें जुमेलिया, व्हाइट अविलोंचे, रिवाइवल और टॉप सीक्रेट जैसी किस्में शामिल हैं. करीब 32 हजार पौधे लगाए गए हैं, जिससे रोजाना 1600 से 1700 फूलों का उत्पादन होता है.

इन गुलाबों की मांग स्थानीय बाजार के साथ जयपुर मंडी और बाहर के बाजारों में भी रहती है. समय पर अच्छी कीमत मिलने से उनकी आमदनी लगातार बढ़ रही है. आज वे इस खेती से हर साल करीब 12 से 15 लाख रुपये की शुद्ध कमाई कर रहे हैं.

नितिन मालाकार की खेती से गांव के अन्य लोगों को भी फायदा हो रहा है. उनके पॉली हाउस में 4 से 5 लोगों को स्थायी रोजगार मिला है. इससे आसपास के युवाओं को भी गांव में ही काम मिलने लगा है और पलायन कम हुआ है.