जबलपुर वालों की बल्ले-बल्ले, सड़कों पर फर्राटे भरेंगी AC इलेक्ट्रिक बसें, जानें किस-किस रूट पर दौड़ेंगी

जबलपुर वालों की बल्ले-बल्ले, सड़कों पर फर्राटे भरेंगी AC इलेक्ट्रिक बसें, जानें किस-किस रूट पर दौड़ेंगी


Jabalpur News. जबलपुर की सड़कों में अब जल्द ही इलेक्ट्रिक बस दौड़ती नजर आएगी. खास बात यह है यह बस फुल AC होगी. इसका लाभ यात्रियों को मिलेगा. इसके लिए रूट भी डिसाइड कर लिए गए हैं. पहले चरण में जबलपुर में 40 AC बसों का संचालन होगा. इससे जबलपुर शहर के सार्वजनिक परिवहन में जल्द ही बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा.

प्रधानमंत्री ई-बस योजना के तहत शहर को 100 अत्याधुनिक इलेक्ट्रिक एसी बसों की सौगात मिलने जा रही है. इसमें से 40 बस जल्द ही पहुंचने जा रही हैं. इन बसों का संचालन जबलपुर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विस लिमिटेड (JCTSL) की ओर से किया जाएगा, जिससे शहरवासियों को प्रदूषण मुक्त, आरामदायक और आधुनिक यात्रा का अनुभव मिलेगा.

4 एकड़ में डिपो और चार्जिंग प्वाइंट 
JCTSL के सीईओ सचिन विश्वकर्मा ने बताया कि यह परियोजना जबलपुर को ग्रीन मोबिलिटी की दिशा में आगे बढ़ाने वाला अहम कदम है. इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से जहां एक ओर यातायात सुविधाएं मजबूत होंगी, वहीं पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा. बसों के संचालन के लिए कठोंदा क्षेत्र में 4 एकड़ भूमि पर आधुनिक डिपो और चार्जिंग अधोसंरचना का निर्माण किया जा रहा है.

हर 5 से 10 मिनट में मिलेगी बस 
उन्होंने बताया कि चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का कार्य लगभग 70 प्रतिशत पूर्ण हो चुका है. डिपो के तैयार होते ही बसों का चरणबद्ध संचालन शुरू कर दिया जाएगा. 100 इलेक्ट्रिक बसों का बेड़ा तीन चरणों में जबलपुर पहुंचेगा. पहले चरण में 40 बसें, दूसरे चरण में 35 और तीसरे चरण में 25 बसें शामिल होंगी. इस तरह से संचालन की योजना बनाई गई है कि शहर के प्रमुख मार्गों पर हर 5 से 10 मिनिट के भीतर यात्रियों को बस उपलब्ध हो सकेगी.

शहर के इन रूटों पर चलेगी बस
ये इलेक्ट्रिक बसें शहर के लगभग सभी प्रमुख रूटों पर चलेंगी. मदर टेरेसा से रांझी, आईएसबीटी से भेड़ाघाट, गौरीघाट, एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन से पाटन, बरगी डेम, शाहपुरा और बरेला जैसे रूटों को शामिल किया गया है. जिससे शहर और आसपास के क्षेत्रों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी. इन बसों का किराया वर्तमान में चल रही बसों से 5 से 10 रूपए तक महंगा होगा.

यह हैं बस की खासियत
तकनीकी सुविधाओं की बात करें तो ये बसें पूरी तरह डिजिटल होंगी. इनमें ऑटोमेटिक फेयर कलेक्शन सिस्टम, डिजिटल पेमेंट, सीसीटीवी कैमरे, पैनिक बटन, जीपीएस ट्रैकिंग, पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम और रियल टाइम इंफॉर्मेशन डिस्प्ले जैसी सुविधाएं मौजूद रहेंगी. सिंगल और अपॉर्च्युनिटी चार्जिंग से ये बसें प्रतिदिन लगभग 180 किलोमीटर तक चल सकेंगी. बसों का संचालन ग्रॉस कॉस्ट मॉडल पर होगा, जिसमें ऑपरेटर को 58.14 रुपये प्रति किलोमीटर भुगतान किया जाएगा.



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