बालाघाट न्यायालय ने तत्कालीन विधानसभा उपाध्यक्ष हीना कावरे के फॉलो वाहन को टक्कर मारने वाले ट्रक चालक गोविंद मरकाम को दोषी ठहराया है। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी अविनाश छारी की अदालत ने गोविंद को 2 वर्ष के कारावास और 2 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित करने का फैसला सुनाया। यह फैसला घटना के 6 साल बाद आया है, जिसमें चार पुलिसकर्मियों की मौत हो गई थी। 6 साल बाद आया फैसला यह घटना 13 जनवरी 2019 को हुई थी। उस दिन मध्यप्रदेश विधानसभा उपाध्यक्ष हीना कावरे बालाघाट शहर के भ्रमण पर थीं। उनकी पायलट ड्यूटी में लांजी थाने से आरक्षक अनिल परमार, एक गनमैन और एक महिला एएसआई शामिल थे। फॉलो वाहन में उपनिरीक्षक हर्षवर्धन सोलंकी, प्रधान आरक्षक हामीद शेख, आरक्षक राहुल कोलारे, अमित कौरव और वाहन चालक सचिन सहारे तैनात थे। शहर भ्रमण के अंतिम कार्यक्रम के बाद उपाध्यक्ष का काफिला बालाघाट से किरनापुर लौट रहा था। रात्रि लगभग 11:50 बजे सालेटेका चौराहे पर, रजेगांव की ओर से आ रहे ट्रक (क्रमांक सीजी 04 एलएक्स 7671) के चालक ने तेज गति और लापरवाही से वाहन चलाते हुए पहले पायलट वाहन और फिर विधानसभा उपाध्यक्ष के वाहन को कट मारा। इसके बाद ट्रक ने फॉलो वाहन (एमपी 42-टी-0842) को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे वह बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। टक्कर के बाद ट्रक 20-25 मीटर आगे जाकर चौराहे पर पलट गया। इनकी गई थी हादसे में जान दुर्घटना में फॉलो वाहन में सवार पुलिसकर्मी अंदर फंस गए थे। घायलों को निकालकर शासकीय जिला अस्पताल लाया गया, जहां उपनिरीक्षक हर्षवर्धन सोलंकी और प्रधान आरक्षक हामीद शेख की चोटों के कारण मौत हो गई। गंभीर रूप से घायल चालक सचिन सहारे, अमित कौरव और आरक्षक राहुल कोलारे को नागपुर रेफर किया गया था, जहां उपचार के दौरान दो अन्य ने भी दम तोड़ दिया। यह मामला जिले में काफी सनसनीखेज था, जिसके बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री कमलनाथ ने घटना की जांच के निर्देश दिए थे।
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