दतिया में मौसम रोज नए रंग दिखा रहा है। गुरुवार को एक बार फिर ठंड ने जोर पकड़ लिया। न्यूनतम तापमान में तेज गिरावट दर्ज की गई और पारा करीब 3 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क गया, जिससे न्यूनतम तापमान 10.2 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। अधिकतम तापमान में भी आई गिरावट बीते 24 घंटों में अधिकतम तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। गुरुवार को अधिकतम तापमान 19.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जिससे दिन में भी ठंड का असर बना रहा। सुबह के समय कोहरा और नमी के कारण दृश्यता 200 से 500 मीटर के बीच रही। इसका असर यातायात पर भी पड़ा और सड़कों पर वाहनों की रफ्तार धीमी रही। मौसम विभाग के अनुसार यह बदलाव पश्चिमी विक्षोभ और आगामी दिनों में सक्रिय होने वाले स्ट्रांग सिस्टम के कारण हो रहा है। विभाग ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में बारिश की संभावना है, जिससे ठंड और बढ़ सकती है। हल्की धूप भी नहीं दे सकी राहत दिन में कुछ समय के लिए हल्की धूप जरूर निकली, लेकिन ठंडी हवाओं के कारण लोगों को खास राहत नहीं मिल सकी। सुबह और शाम के समय ठिठुरन बढ़ गई है। लोग एक बार फिर गर्म कपड़ों का सहारा लेते नजर आए। मौसम का असर सेहत पर भी दिखा मौसम में हो रहे लगातार उतार-चढ़ाव का असर सीधे लोगों की सेहत पर भी दिखाई देने लगा है। जिला अस्पताल और निजी क्लीनिकों में सर्दी, खांसी, जुकाम, बुखार और सांस संबंधी बीमारियों के मरीजों की संख्या बढ़ रही है।खासकर बच्चे, बुजुर्ग और पहले से बीमार लोग इस बदलते मौसम से ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। डॉक्टर की चेतावनी- इम्यूनिटी होती है कमजोर मेडिकल कॉलेज अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक सह प्राध्यापक डॉ. हेमंत जैन ने बताया कि अचानक तापमान गिरने और नमी बढ़ने से इम्यूनिटी कमजोर पड़ती है। ऐसे मौसम में वायरल संक्रमण तेजी से फैलते हैं। डॉ. जैन ने सलाह दी कि ठंड के समय सुबह-शाम बिना जरूरत बाहर न निकलें, गर्म कपड़े पहनें और शरीर को पूरी तरह ढककर रखें। ठंडा पानी पीने से बचें और गुनगुने पानी का उपयोग करें। अस्थमा मरीज दवाएं न छोड़ें उन्होंने कहा कि बुजुर्गों और बच्चों को विशेष ध्यान रखने की जरूरत है। अस्थमा और सांस के मरीज नियमित दवाएं लेते रहें और डॉक्टर की सलाह के बिना दवा बंद न करें। डॉ. जैन ने हल्का, पौष्टिक और गर्म भोजन करने, पर्याप्त नींद लेने और हाथों की स्वच्छता बनाए रखने की सलाह दी। यदि बुखार, सांस लेने में तकलीफ या लगातार खांसी की शिकायत हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
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