पिता साधारण किसान, बेटे ने खेती में फूंक दी जान, टमाटर से इतनी कमाई, घर में नई स्कॉर्पियो आई, जानें क्या किया

पिता साधारण किसान, बेटे ने खेती में फूंक दी जान, टमाटर से इतनी कमाई, घर में नई स्कॉर्पियो आई, जानें क्या किया


Last Updated:

Farmer Success Story: शिवपुरी से आधुनिक खेती का शानदार उदाहरण सामने आया है. यहां एक पिता ने अपने बेटे को नौकरी नहीं करने दी. खेती करने पर जोर दिया. बेटे ने भी ऐसा रिजल्ट दिया कि टमाटर की खेती से परिवार की स्थिति बदल गई. जहां आर्थिक तंगी थी, आज वहां नई स्कॉर्पियो खड़ी है.

Shivpuri News: आज के दौर में ज्यादातर मां-बाप चाहते हैं कि उनका बेटा पढ़-लिखकर नौकरी करे, अफसर बने. लेकिन शिवपुरी के रातौर गांव में रहने वाले एक किसान पिता ने बिल्कुल अलग सोच दिखाई. उन्होंने साफ शब्दों में कहा, “मैं किसान हूं और मेरा बेटा भी किसान ही बनेगा.” आज उसी सोच और बेटे की मेहनत ने ऐसा कमाल कर दिया कि पूरे गांव में चर्चा हो रही है. पिता के चेहरे पर साफ खुशी नजर आ रही है. रामकुमार धाकड़ बताते हैं कि मैंने 12वीं तक पढ़ाई एग्रीकल्चर से की है. पढ़ाई के बाद मैं भी नौकरी की तैयारी करना चाहता था, लेकिन पिता ने समझाया कि नौकरी के पीछे भागने से अच्छा है खेती को ही नए तरीके से किया जाए.

पिता की बात बेटे को जंच गई और तय कर लिया कि अब खेती को ही आगे बढ़ाएगा. पहले रामकुमार धाकड़ के पिता पारंपरिक खेती करते थे. खरीफ में सोयाबीन और रबी में गेहूं, चना और सरसों की फसल लेते थे. इससे खर्च ज्यादा आता था और मुनाफा कम रहता था. घर की जरूरतें जैसे-तैसे पूरी हो पाती थीं. लेकिन, रामकुमार ने खेती को नए नजरिए से देखने की ठानी. उनकी मुलाकात कृषि विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों से हुई. उन्होंने बताया कि खेती में नई-नई तकनीकें आ गई हैं, जिनसे कम लागत में ज्यादा आमदनी हो सकती है. इसके बाद वह कृषि मेलों और प्रशिक्षण शिविरों में जाने लगा. भोपाल, इंदौर और छत्तीसगढ़ तक जाकर उसने खेती की नई तकनीकें देखीं और समझीं.

कभी नहीं देखी थी ऐसी कमाई
कृषि विभाग की सलाह पर उसने उन्नत बीज, बीज उपचार, सही मात्रा में खाद और दवाइयों का इस्तेमाल शुरू किया. सबसे बड़ा बदलाव ड्रिप सिंचाई और मल्चिंग तकनीक अपनाने से आया. इससे पानी की बचत हुई और फसल भी अच्छी हुई. इसके बाद उसने पारंपरिक फसलों के साथ-साथ उद्यानिकी फसलों पर ध्यान दिया और टमाटर की खेती शुरू की. टमाटर की फसल में इस बार जबरदस्त पैदावार हुई. बाजार में दाम भी अच्छे मिले. रामकुमार धाकड़ बताते हैं कि सिर्फ एक बीघा से करीब चार लाख की आमदनी हुई. इतनी कमाई उन्होंने पहले कभी नहीं देखी थी. इसी आमदनी से उन्होंने स्कॉर्पियो गाड़ी खरीदी, जो आज उनके परिवार की मेहनत की पहचान बन गई है.

किसान उद्यानिकी फसलों को अपनाएं
रामकुमार धाकड़ का कहना है कि अगर सही जानकारी और तकनीक मिल जाए तो खेती भी किसी बिजनेस से कम नहीं है. उन्होंने बताया कि कृषि विभाग की ओर से ड्रिप सिंचाई और मल्चिंग पर सरकार अनुदान भी देती है, जिससे किसानों की लागत कम हो जाती है. टमाटर के अलावा शिमला मिर्च, तीखी मिर्च, प्याज जैसी फसलें भी लगाई जा सकती हैं, जिनसे साल भर कमाई होती रहती है. उन्होंने दूसरे किसानों को भी संदेश दिया कि सिर्फ गेहूं-चना पर निर्भर न रहें. समय के साथ खेती में बदलाव जरूरी है. अगर किसान उद्यानिकी फसलों को अपनाएं और कृषि विभाग की योजनाओं का फायदा लें, तो खेती को फायदे का धंधा बनाया जा सकता है.

About the Author

Rishi mishra

एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म…और पढ़ें

homeagriculture

पिता साधारण किसान, बेटे ने खेती में फूंकी जान, इतनी कमाई, घर में स्कॉर्पियो आई



Source link