हरदा जिले की रहटगांव तहसील के वनग्राम बड़वानी में बिजली कंपनी ने 19 लाख 4 हजार रुपए बकाया होने पर पूरे गांव की बिजली काट दी है। गांव के 127 उपभोक्ताओं पर यह राशि बाकी है। अंधेरे में रहने को मजबूर ग्रामीणों ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया। सरपंच सुनील साठे के नेतृत्व में आए 50 से अधिक लोगों ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपा और बिजली बहाल करने की मांग की। ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वे पिछले तीन सालों से गांव के लाइनमैन बबलू को प्रतिमाह 200 रुपए देते आ रहे हैं, लेकिन उन्हें कभी कोई रसीद नहीं दी गई। सरपंच सुनील साठे ने भी इस बात की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि अब बिना पूर्व सूचना के पूरे गांव की डीपी से बिजली काट दी गई है, जिससे पूरा गांव अंधेरे में डूबा हुआ है। अधिकारी बोले- शिकायत झूठी, पैसा देते तो रसीद मिलती बिजली कंपनी के डीजीएम कमलकांत सिंह ने ग्रामीणों के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा, “यदि ग्रामीण बिल की राशि जमा करते तो उन्हें तत्काल रसीद दी जाती।” डीजीएम ने स्पष्ट किया कि पूरे गांव पर शत-प्रतिशत बिल बकाया होने के कारण लाइन काटी गई है और अपनी गलती छिपाने के लिए ग्रामीण झूठी शिकायतें कर रहे हैं। रिकॉर्ड में 3 साल से बिल जमा नहीं गांव के रतनलाल सिलारे ने बताया कि उन्होंने समाधान योजना के तहत भी एक हजार रुपए और दो बार पांच-पांच सौ रुपए जमा किए थे। लेकिन जब बिजली कटने पर वे रहटगांव कार्यालय गए, तो उन्हें बताया गया कि पिछले तीन सालों से उनके बिजली बिल का कोई रिकॉर्ड नहीं है, जबकि वे नियमित रूप से पैसे दे रहे थे। सिलारे ने कहा, “अब बिजली कंपनी के कर्मचारी किसी पर 30 हजार, किसी पर 25 हजार और किसी पर 12 हजार रुपए का बिल बता रहे हैं, जिसे एक साथ जमा करना गरीब ग्रामीणों के लिए मुश्किल है।” SDM ने दिया जांच का आश्वासन ग्रामीणों की समस्या सुनने के बाद एसडीएम अशोक डेहरिया ने उनसे ज्ञापन लिया। उन्होंने ग्रामीणों को मामले की निष्पक्ष जांच कराने का आश्वासन दिया है।
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