इंदौर के कालानी नगर चौराहे के पास पिछले दिनों हुई सनसनीखेज चाकूबाजी की वारदात ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है, जिस मामले को पुलिस ने कुछ दिन पहले एक सामान्य आपसी विवाद मानकर समझाइश के जरिए निपटा दिया था, वही विवाद अब एक युवक की मौत, दो महिलाओं के घायल होने और आरोपी के आत्मघाती कदम तक पहुंच गया। इस पूरे घटनाक्रम में पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। वारदात से पहले न केवल थाने में लिखित शिकायत दी गई थी, बल्कि आरोपी पक्ष की ओर से माफीनामा भी सौंपा गया था। इस मामले में आरोपी का एक ऑडियो भी पहली बार सामने आया है, जो उसके खतरनाक इरादों की गवाही दे रहा है। पढ़िए रिपोर्ट… शिकायत, जो अनसुनी रह गई
कहानी की शुरुआत होती है एक युवती विधि लखावत की शिकायत से, जिसे उसका दोस्त वेदांत सोलंकी पिछले काफी समय से परेशान कर रहा था। दोस्ती जब जुनून और प्रताड़ना में बदल गई तो विधि ने 23 जनवरी को एरोड्रम थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। यह शिकायत पत्र उस खौफ और पीड़ा को बयां करता है, जिससे वह गुजर रही थी। पढ़िए, विधि का वह शिकायती पत्र जो उसने थाना प्रभारी को लिखा था
मैं विधि लखावत इस पत्र के माध्यम से वेदांत सोलंकी के खिलाफ शिकायत दर्ज करना चाहती हूं जो पिछले काफी समय से मुझे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित कर रहा है। हम एक आई हॉस्पिटल में मिले थे। वहां हमारी दोस्ती हुई, जब मुझे उसकी गलत मंशा समझ आने लगी तो मैंने उससे दूरी बनाने की कोशिश की। वह मुझे धमकी देने लगा, गालियां देता, परिवार को कुछ करने की धमकी देता। 13 जनवरी को जब मैंने उसका साथ देने से मना किया। उसे ब्लॉक कर दिया तो उसने हमारे फोटो मेरे परिवार को भेज दिए। वह अब मुझे यह कह कर ब्लैकमेल कर रहा है कि वह मुझे समाज में बदनाम कर देगा। मेरा जीना मुश्किल कर देगा। वह मेरे क्लिनिक पर बार-बार फोन कर मेरी जानकारी निकालने की कोशिश करता है। 21 जनवरी की सुबह वह क्लिनिक के बाहर आया और मेरा रास्ता रोक कर खड़ा हो गया। वह एसिड पीने और अस्पताल से आने का नाटक कर मुझे ब्लैकमेल करने की कोशिश कर रहा है। उसकी चाची बार-बार मुझसे बात करने की कोशिश कर रही है। वह भी कल मेरे क्लिनिक आई थी। बोल रही थी वह एक नोट लिखकर चला गया है। फिर थोड़ी देर बाद ही उसी लड़के का कॉल आया। चाची तब उसके साथ थी। शाम को भी मेरे निकलते समय वह आया। मेरी गाड़ी पर बैठा। मुझे जबरन ले जाने लगा। मैंने पापा को कॉल किया तो फोन छीनकर जेब में रख लिया। मैं उसके या उसके परिवार के साथ कोई रिश्ता नहीं रखना चाहती। अतः आपसे निवेदन है कि इस मामले की गंभीरता को देखते हुए कार्रवाई की जाए। पुलिस की समझाइश और आरोपी का कागजी माफीनामा
इस शिकायत के बाद पुलिस ने दोनों पक्षों को थाने बुलाया। वेदांत को चेतावनी दी कि भविष्य में विधि या उसके परिवार से किसी तरह का संपर्क न रखे। इसके दो दिन बाद यानी 25 जनवरी को वेदांत सोलंकी ने एक लिखित माफीनामा भी थाने में जमा किया। इस माफीनामे ने परिवार को एक झूठी तसल्ली दे दी कि शायद अब सब कुछ ठीक हो जाएगा। पढ़िए, माफीनामे में आरोपी युवक ने क्या लिखा था
मैं वेदांत सोलंकी उम्र 24 साल पता बिजासन कॉलोनी इंदौर का निवासी हूं। मेरी विधि लखावत के साथ बातचीत थी। विधि मुझसे बात करना नहीं चाहती है तो मैं भी उससे बात नहीं करूंगा और ना ही कभी उसे कॉल या मैसेज करूंगा। उसे कभी रास्ते में नहीं रोकूंगा, अगर मेरे द्वारा विधि को कॉल लगाया गया या परेशान किया गया तो मेरे खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए। सोमवार रात का खूनी मंजर
माफीनामा के ठीक अगले दिन यानी 26 जनवरी, सोमवार की रात करीब 10 बजे वेदांत सोलंकी चाकू लेकर सीधे विधि के कालानी नगर स्थित घर पहुंचा। उस वक्त घर में विधि, उसकी मां अनिता और भाई विधान मौजूद थे। परिवार कुछ समझ पाता, इससे पहले ही वेदांत ने घर में घुसते ही हमला बोल दिया। जब भाई विधान ने अपनी बहन को बचाने की कोशिश की तो वेदांत ने उस पर चाकू से ताबड़तोड़ वार कर दिए। बेटे को बचाने दौड़ी मां अनिता पर भी उसने हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गईं। घर में चीख-पुकार मच गई। हमले में विधान बुरी तरह लहूलुहान हो गया। उसे तुरंत पास के अरबिंदो अस्पताल ले जाया गया, लेकिन गहरे जख्मों के कारण इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इस हमले में विधि को भी चोटें आईं, जबकि मां अनिता की हालत गंभीर बनी हुई है।
आरोपी का पहली बार सामने आया ऑडियो
इस खूनी खेल को अंजाम देने के बाद आरोपी वेदांत ने खुद के पेट में भी चाकू घोंपकर आत्महत्या की कोशिश की। घटना की सूचना मिलते ही एरोड्रम टीआई तरुण भाटी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने काफी मशक्कत के बाद घायल आरोपी को काबू में किया। उसे एमवाय अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां अब उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। पुलिस के अनुसार, आरोपी वेदांत के माता-पिता का निधन हो चुका है। वह चाचा-चाची के साथ रहता है। इस मामले में अब एक और चौंकाने वाला सबूत सामने आया है। आरोपी वेदांत का एक ऑडियो क्लिप वायरल हो रहा है। यह ऑडियो उसकी और विधि की बातचीत का नहीं, बल्कि एक कॉमन फ्रेंड से हुई बातचीत का है। इस ऑडियो में वेदांत बार-बार विधि का जिक्र कर रहा है। उसकी बातों से साफ झलकता है कि माफीनामा के बावजूद उसके मन में गुस्सा, जिद और बदला लेने की भावना भरी हुई थी। यह ऑडियो इस बात का पुख्ता सबूत है कि वह लगातार दबाव बनाने की कोशिश कर रहा था। उसकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी। पुलिस अब इस ऑडियो की जांच कर रही है। अस्पताल में भर्ती मां, अब भी बेटे की मौत से अनजान
इस पूरी त्रासदी का सबसे दर्दनाक और संवेदनशील पहलू यह है कि अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझ रही मां अनिता को अब तक यह नहीं पता कि उनका बेटा विधान अब इस दुनिया में नहीं है। परिवार और डॉक्टरों ने मिलकर यह सच्चाई उनसे छिपाई है, क्योंकि उन्हें डर है कि बेटे की मौत का सदमा वह बर्दाश्त नहीं कर पाएंगी। जब भी अनिता होश में आकर अपने बेटे के बारे में पूछती हैं तो परिजन उन्हें यह कहकर टाल देते हैं कि उसका इलाज चल रहा है। वह ठीक है। परिवार के सदस्य अस्पताल के बाहर अपने आंसू पोंछकर मां के सामने झूठी मुस्कान लिए खड़े रहते हैं। एक ही घर में बेटे की मौत का मातम और मां के सामने उसके जिंदा होने की उम्मीद का झूठ, यह परिवार इस दोहरे दर्द से गुजर रहा है।
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