खीरे की खेती के टिप्स: गर्मी का मौसम शुरू होते ही सलाद में सबसे पहले जो चीज याद आती है, वो है खीरा. जैसे-जैसे तापमान बढ़ता है, वैसे-वैसे बाजार में खीरे की मांग भी तेज हो जाती है. इसी मांग को देखते हुए अब विंध्य क्षेत्र में खीरे की खेती किसानों के लिए फायदे का सौदा बनती जा रही है. कम लागत, कम समय और पक्का बाजार-तीनों चीजें खीरे की खेती में मिल जाती हैं. खास बात ये है कि सिर्फ तीन महीने में किसान अच्छी कमाई कर सकते हैं.
सालभर हो सकती है खेती, फरवरी बुआई सबसे फायदेमंद
किसान सलाहकार अविनाश पटेल बताते हैं कि अब खीरे की खेती सिर्फ मौसम पर निर्भर नहीं रही. सामान्य तौर पर 20 से 40 डिग्री सेल्सियस तापमान खीरे के लिए सबसे बेहतर माना जाता है. अगर जनवरी के आखिरी हफ्ते या फरवरी के पहले हफ्ते में बुआई कर दी जाए, तो अप्रैल तक बंपर उत्पादन मिल जाता है, जब बाजार में दाम भी अच्छे रहते हैं.
बीज, दूरी और बुआई का सही तरीका
एक एकड़ खेत के लिए लगभग 1 किलो बीज काफी होता है. बुआई करते समय पौधों के बीच करीब 60 सेंटीमीटर और क्यारियों के बीच आधा मीटर की दूरी रखना जरूरी है. बेहतर अंकुरण के लिए एक जगह पर दो बीज डालना फायदेमंद रहता है. इससे पौधों की संख्या भी अच्छी रहती है और पैदावार भी बढ़ती है.
खेत की तैयारी और खाद का सही संतुलन
खीरे की अच्छी फसल के लिए खेत की गहरी जुताई बेहद जरूरी है. दोमट मिट्टी खीरे के लिए सबसे उपयुक्त मानी जाती है और इसे ज्यादा पानी की जरूरत भी नहीं होती. प्रति एकड़ करीब 6 टन सड़ी गोबर की खाद डालनी चाहिए. साथ ही 20 किलो नाइट्रोजन, 12 किलो फास्फोरस और 10 किलो पोटाश देना जरूरी होता है. नाइट्रोजन को तीन हिस्सों में देने से फसल ज्यादा मजबूत होती है.
कौन-सी किस्म देगी सबसे ज्यादा मुनाफा
अगेती फसल के लिए HW-216 किस्म को सबसे बेहतर माना जाता है, जिसमें 40-45 दिन में तुड़ाई शुरू हो जाती है और एक पौधे से 3-4 किलो तक खीरा मिल जाता है. वहीं पूसा संयोग और पूसा उदय किस्म बड़े स्तर पर खेती के लिए बेहतर हैं, जिनसे प्रति हेक्टेयर 200 से 250 क्विंटल तक उत्पादन लिया जा सकता है.
कीट नियंत्रण और सहारे का भी रखें ध्यान
फूल आने के समय खीरे में वाइल्ड फ्लाई का प्रकोप देखने को मिलता है, जो फसल को नुकसान पहुंचा सकता है. समय पर विशेषज्ञ की सलाह से कीटनाशक का इस्तेमाल जरूरी है. खीरा लता वाली फसल है, इसलिए टमाटर के झाड़ या बांस-तार का सहारा देने से उत्पादन और गुणवत्ता दोनों बढ़ती हैं.
बाजार भाव ने बनाया खीरे को नकदी फसल
गर्मी के मौसम में खीरा 10 से 15 रुपये किलो तक बिक जाता है. मार्च-अप्रैल में शादी-विवाह का सीजन होने से मांग और बढ़ जाती है. यही वजह है कि विंध्य के किसान अब खीरे को नकदी फसल के रूप में अपना रहे हैं और अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं.