मुंबई: रणजी ट्रॉफी के ग्रुप चरण में दिल्ली के आयुष दोसेजा सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी रहे. आखिरी लीग मैच के बाद दोसेजा ने कहा कि वह विराट कोहली के अनुशासन और फिटनेस ‘रूटीन’ को अपनाने का लक्ष्य रख रहे हैं. 23 साल के इस बल्लेबाज ने सत्र की शुरुआत में हैदराबाद के खिलाफ डेब्यू किया था. उन्होंने मौजूदा रणजी सत्र को चार शतक और पांच अर्धशतक की मदद से 949 रन के साथ खत्म किया. इस दौरान उनका औसत 105.44 का रहा.
अपने डेब्यू सत्र में ही कप्तानी का दायित्व मिलने के बाद दोसेजा ने मुंबई के खिलाफ दूसरी पारी में नाबाद 159 रन बनाकर मैच ड्रॉ करने में अहम भूमिका निभाई. मौजूदा सत्र में उनके शानदार प्रयास के बावजूद दिल्ली आठ टीमों की ग्रुप तालिका में छह ड्रॉ और एक हार से सातवें पायदान पर रही. दोसेजा ने मैच के बाद कहा, ‘‘कोहली ने मुझसे कहा था, ‘जब भी आप मैदान पर जाएं, तो 200 प्रतिशत दें क्योंकि आप दिल्ली का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं और यह बहुत बड़ी बात है ’. अगर मुझे भारत के लिए खेलना है, तो मुझे इसी मानसिकता के साथ खेलना होगा.“
कोहली के फिटनेस रूटीन को फॉलो करते हैं आयुष दोसेजा
इस युवा बल्लेबाज ने बताया, ‘‘कोहली ने कहा था कि मैदान पर जाने के बाद खुद के विकेट बचाने के लिए खेलने की जगह मुझे मैच पर अपना प्रभाव कायम करना होगा. मैं उनके इस संदेश और फिटनेस की ‘रूटीन’ को अपनाने की कोशिश करता हूं. मैं खुद को मैच के लिए जितना संभव हो उतना फिट रखने की कोशिश करता हूं.’’ नियमित कप्तान आयुष बडोनी के भारत ए टीम से जुड़ने के कारण दोसेजा को अपने पहले सत्र में ही टीम की कप्तानी का जिम्मा सौंपा गया.
उन्होंने कहा, ‘‘यह मेरे लिए बहुत बड़ी बात है. पहली बार मुझे दिल्ली की कप्तानी करने का मौका मिला और मुंबई के खिलाफ खेलना हमेशा खास होता है.” दोसेजा ने कहा, “मैंने दूसरी पारी में उतरते समय सोचा कि भले ही पहली पारी में मैं जल्दी आउट हो गया था लेकिन वह एक अच्छी गेंद थी और मैंने अपनी असफलता को स्वीकार किया. मुझे लगा कि यह सत्र की आखिरी पारी हो सकती है और मैं इस मौके को गंवाना नहीं चाहता था.’’
एलीट वर्ग में सबहसे टॉप पर रहे आयुष दोसेजा
एलीट वर्ग में ग्रुप चरण के सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज के रूप में सत्र समाप्त करने के बाद दोसेजा ने कहा कि उन्होंने सत्र की शुरुआत ऐसे किसी लक्ष्य के साथ नहीं की थी. उन्होंने कहा, ‘‘यह उपलब्धि अच्छी है, लेकिन मैंने कभी नहीं सोचा था कि मैं इतने रन बनाऊंगा. मुझे सिर्फ अपनी मेहनत पर भरोसा था. मेरे परिवार और सभी कोच ने मेरा काफी समर्थन किया. जब भी मुझे दिल्ली के लिए खेलने का मौका मिला, मैं उसे छोड़ना नहीं चाहता था. मैं बहुत खुश हूं कि मैंने लीग चरण में शीर्ष स्थान हासिल किया.’’
वह हालांकि 1,000 रन के आंकड़े से थोड़े दूर रह गए, लेकिन दोसेजा ने कहा कि मुंबई के खिलाफ दूसरी पारी में यह बात उनके दिमाग में नहीं थी. उन्होंने कहा, “नहीं, यह मेरे दिमाग में नहीं था. मैं सिर्फ टीम के लिए मैच बचाना चाहता था.” उन्होंने कहा कि मुंबई के खिलाफ लगाया गया यह शतक उनका सर्वश्रेष्ठ शतक है.
मैच से पहले आयुष ने ली थी सरफराज से सलाह
उन्होंने कहा, “मुझे पता था कि मैच से पहले मेरे नाम 790 रन थे लेकिन हमने मुंबई टीम से बात कर ली थी कि चाय के समय ड्रॉ पर सहमति जता देंगे. ’’ दोसेजा ने कहा कि उन्होंने अलग-अलग तरह की पिचों पर अपनी बल्लेबाजी को बेहतर करने के लिए भारत और मुंबई के बल्लेबाज सरफराज खान से भी सलाह ली.
उन्होंने कहा, ‘‘मैं खुद उनके पास गया. सरफराज घरेलू क्रिकेट के बहुत बड़े खिलाड़ी हैं. मैंने उनसे पूछा कि लाल मिट्टी की पिचों पर मैं कैसे सुधार कर सकता हूं. मैं तीनों प्रारूपों का खिलाड़ी बनना चाहता हूं और सफेद गेंद के क्रिकेट की भी इसी तरीके से तैयारी करता हूं.”